राष्ट्रीय सुरक्षा की ठेकेदारी?

यह समझ समस्याग्रस्त है कि सेना में अपनी पूरी कामकाजी जिंदगी गुजारने वाले व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की परवाह नहीं करते अथवा सत्तासीन लोग विपक्षी दलों या नेताओं की तुलना में राष्ट्रीय सुरक्षा के अधिक बड़े पहरुआ हैं। पूर्व सेनाध्यक्ष एम.एम. नरावणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर उठे विवाद के बाद अब खबर… Continue reading राष्ट्रीय सुरक्षा की ठेकेदारी?

सही समय पर विराम

कांग्रेस की मुश्किल यह है कि समर्थन आधार बढ़ाने की कोई कार्ययोजना उसके पास नहीं है। उसके नेता और कार्यकर्ता राजनीति की धूल-धक्कड़ में नहीं उतरना चाहते। वे नफ़ासत से सियासत करते हैं, जिसका परिणाम जनाधार का सिकुड़ते जाना है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने की संभावना… Continue reading सही समय पर विराम

मुद्दे से ना भटकें

देश के सामने असल सवाल वो ब्योरा है, जो जनरल नरावणे ने लद्दाख क्षेत्र में 2020 में हुई घटनाओं के बारे में दिया है। उन घटनाओं से भारतीय सेना के अंदर कमान शृंखला को लेकर प्रश्न उठे हैं। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरावणे की कथित रूप से अप्रकाशित किताब कैसे छपे रूप में और… Continue reading मुद्दे से ना भटकें

आर्थिक विकास की जटिलताएं

भारत की ताकत फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और आईटी सेवाओं में है, जो उच्च जटिलता वाले क्षेत्रों में आते हैं। लेकिन कृषि और प्राथमिक वस्तुओं की बड़ी हिस्सेदारी आर्थिक जटिलता सूचकांक पर भारत के ऊपर जाने में रुकावट है।  जो देश मैनुफैक्चरिंग की विविधापूर्ण एवं बारीक क्षमताएं विकसित करते हैं, उनका तेजी से विकास होता है। ये… Continue reading आर्थिक विकास की जटिलताएं

सबसे बड़ा रुपैया!

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण भारत के साथ बनी उसकी दुश्मनी क्रिकेट के सौदागरों के लिए रेवेन्यू का बड़ा जरिया बनी हुई है। इसी भावना को नकदी में तब्दील कर बोर्ड, खिलाड़ी, प्रायोजक, ब्रॉडकास्टर, मेजबान आदि सब मालामाल होते हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का मैच नहीं होता, तो अनुमान है कि… Continue reading सबसे बड़ा रुपैया!

बाजार भी छीना

डील के मुताबिक अमेरिका से आयातित कपास से जो वस्त्र बांग्लादेश में बनेगा, उस पर अमेरिका में शून्य आयात शुल्क लगेगा। इस तरह बांग्लादेश के उत्पादक अब भारतीय कपास के बजाय अमेरिकी कपास खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। भारत में सरकार समर्थक लोग अभी ये जश्न मना ही रहे हैं कि ट्रेड डील के बाद… Continue reading बाजार भी छीना

जापान में जोरदार जनादेश

प्रधानमंत्री साने ताकाइची इसे पसंद करती हैं कि उनकी तुलना ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर से की जाए। जिस तरह थैचर ने ब्रिटेन की दिशा बदल दी थी, कुछ वैसा ही करने का वादा ताकाइची ने किया है। लंबे समय बाद जापान में किसी नेता को दो तिहाई बहुमत मिला है। सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक… Continue reading जापान में जोरदार जनादेश

मुंह छिपाने की मजबूरी

पीयूष गोयल के मुताबिक ट्रेड डील में रूसी तेल का मुद्दा नहीं है। इसलिए इस पर विदेश मंत्रालय से पूछा जाना चाहिए। विदेश मंत्री गोयल से पूछने की सलाह दे चुके हैँ। प्रधानमंत्री से तो स्पष्टीकरण की अपेक्षा ही नहीं है। अमेरिका से ट्रेड डील में रूसी तेल के मुद्दे को शामिल करने से भारत… Continue reading मुंह छिपाने की मजबूरी

ट्रंप की शर्तों पर

ट्रंप अधिकतम वसूली करने और भारत की भू-राजनीतिक प्राथमिकताओं को अपने अनुरूप ढालने की कोशिश की है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन मोर्चों पर भारत के संप्रभु अधिकारों एवं भारतीय हितों की रक्षा करने में नरेंद्र मोदी सरकार विफल रही है। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर जारी साझा बयान इस संबंध… Continue reading ट्रंप की शर्तों पर

दांव उलटा पड़ा है

यह पहले से जाहिर था कि पौने तीन साल से जारी हिंसा और सामुदायिक अविश्वास के बुनियादी कारणों को हल किए बगैर मणिपुर में नई सरकार के गठन का उलटा नतीजा होगा। फिर भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने यह दांव खेला। कुकी-जो समुदाय के विधायक को उप-मुख्यमंत्री का पद देते हुए मणिपुर में नई… Continue reading दांव उलटा पड़ा है

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