श्रद्धालुओं से विश्वासघात

मंदिर का प्रशासनिक तंत्र पारदर्शिता और आंतरिक नियंत्रण के मोर्चे पर बुरी तरह विफल रहा। कड़ी सुरक्षा के बावजूद इस तरह के कृत्य का होना आपराधिक मिलीभगत या कम-से-कम आपराधिक लापरवाही का संकेत है। मुकदमा दर्ज होने और आठ लोगों की गिरफ्तारी के साथ इसकी पुष्टि हो गई है कि अयोध्या के राम मंदिर में… Continue reading श्रद्धालुओं से विश्वासघात

बिन पानी सब सून!

डेटा सेंटर उन क्षेत्रों में बन रहे हैं, जो पानी की किल्लत से ग्रस्त हैं। भारत डेटा सेंटरों में जल उपयोग को लेकर फिलहाल अनिवार्य पर्यावरण मानक या अनिवार्य रिपोर्टिंग के नियम मौजूद नहीं हैं। हर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस डेटा सेंटर की स्थापना की खबर को भारत में एक बड़ी उपलब्धि समझा जाता है। इनसे विदेशी… Continue reading बिन पानी सब सून!

लोकतंत्र पर प्रश्न-चिह्न

बंधुआ मजदूरी उन्मूलन कानून कहां है? या ऐसे कानूनों का कोई मतलब नहीं होता, जिन पर अमल संभव बनाने के लिए जमीनी स्थितियों को बदलने की ठोस योजना पर काम ना हुआ हो? छिहत्तर साल पहले लागू भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत गुलामी जैसी किसी प्रथा को निषिद्ध घोषित किया गया। मगर बंधुआ… Continue reading लोकतंत्र पर प्रश्न-चिह्न

बहुपक्षीयता की बातें कम

ईरान और यूएई के प्रतिनिधियों में हुई झड़प मिसाल है कि बदली विश्व परिस्थितियों के बीच ब्रिक्स+ के सदस्य ना सिर्फ अलग धरातल पर खड़े हैं, बल्कि वे परस्पर विरोधी रुख भी खुलेआम अपना रहे हैं। ब्रिक्स+ देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की नई दिल्ली में हुई बैठक एक बार फिर इस समूह के अंदर… Continue reading बहुपक्षीयता की बातें कम

पटरी पर है एमओयू

वार्ता में ठोस उपलब्धियां हासिल होना संकेत है कि ट्रंप प्रशासन 39 दिन के युद्ध से बदले शक्ति संतुलन को स्वीकार कर चुका है और अपने बनाए मकड़जाल से निकलने के लिए व्यग्र है। शांति समझौते के लिए सहमति-पत्र (एमओयू) पर दस्तखत के बाद स्विट्जरलैंड में अमेरिका- ईरान की हुई पहली आमने-सामने वार्ता में ठोस… Continue reading पटरी पर है एमओयू

चीन के सहारे नहीं

बिना अपनी जमीन तैयार किए चीन की आपूर्ति शृंखला से जुड़कर विकसित होने की सोच समस्याग्रस्त है। विकास के लिए भारत को आखिरकार अपना मॉडल और अपनी सीढ़ी तैयार करनी ही होगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अनंत गोयनका की ये राय अहम है कि भारत को चीन से बचने… Continue reading चीन के सहारे नहीं

मानक इतना ना गिराएं

क्या अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को “अंतिम रूप देने” के क्रम भारत अमेरिका को इस बात पर राजी कर पाएगा कि वह दोनों देशों के कारोबार में गैर-व्यापार बाधाएं खड़ी ना करे? भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को “अंतिम रूप देने” के लिए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर भारत में हैं।… Continue reading मानक इतना ना गिराएं

सिक्युरिटी स्टेट’ के ‘बंकर’

समस्या यह धारणा है कि परीक्षा तंत्र अकुशलता और भ्रष्टाचार के ग्रस्त है। इससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हुआ है। परीक्षा केंद्रों को ‘बंकर’ में तब्दील करने से यह धारणा दूर नहीं होगी।    पेपर लीक के बाद दोबारा हुए नेशनल एलिजिबिलिटी- कम- एंट्रेस टेस्ट (स्नातक पूर्व) के लिए देश में बने 5,440 परीक्षा केंद्रों पर… Continue reading सिक्युरिटी स्टेट’ के ‘बंकर’

सिर्फ इरादा काफी नहीं

क्या अपनी खास जरूरतों के मुताबिक एआई का संप्रभु सिस्टम एवं प्रतिमान विकसित करने की दिशा में भारत बढ़ रहा है? जियो का प्रस्तावित ‘संप्रभु एआई बैकबॉन’ क्या इस कमी को पूरा कर पाएगा? रिलायंस जियो ने भारत की “संप्रभु आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) रीढ़” निर्मित करने का इरादा जताया है। कंपनी की 49वीं वार्षिक आम… Continue reading सिर्फ इरादा काफी नहीं

कैश ट्रांसफर की कीमत

सरकारों का ऋण लेना अपने-आप में समस्या नहीं है, बशर्ते निवेश उत्पादक योजनाओं या दीर्घकालिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में हो। मगर, फिलहाल ज्यादातर रकम का इस्तेमाल नकदी ट्रांसफर के लिए हो रहा है। वोट खरीद योजनाएं का असर जाहिर होने लगा है। पिछले वित्त वर्ष में राज्य सरकारों ने बाजार से 15.2 फीसदी ज्यादा कर्ज… Continue reading कैश ट्रांसफर की कीमत

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