क्वालिटी में फिसड्डी छात्र

शिक्षा का प्रसार करने में भारत सफल है, मगर स्कूल से यूनिवर्सिटी तक लर्निंग क्वालिटी, तर्क-बुद्धि, शिक्षक क्षमता और रोजगार लायक योग्यता प्रदान करने के मामले में वह गहरे संकट का सामना कर रहा है। गुणवत्ता संपन्न ज्ञान एवं तर्क क्षमता प्रदान करने के मामले में भारत की स्कूली शिक्षा गंभीर संकट का सामना कर… Continue reading क्वालिटी में फिसड्डी छात्र

उबलता हुआ हिंदी विरोध

विभागीय हिंदी परीक्षा कोई नई योजना नहीं है। इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के गठन से पहले हुई थी। 1960 में महाराष्ट्र बनने के बाद भी इसे जारी रखा गया। लेकिन अब आकर इस पर विवाद खड़ा हुआ है। महाराष्ट्र में हिंदी विरोधी सियासत बेलगाम हो गई है। इस महीने से मराठी ना लिख-बोल सकने वाले टैक्सी/… Continue reading उबलता हुआ हिंदी विरोध

विकल्प अल्पमत सरकार का

क्या तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू करने की जरूरत पड़ेगी? यह अपेक्षित स्थिति नहीं होगी। विधानसभा चुनाव में टीवीके भले बहुमत की संख्या से पीछे रह गई हो, लेकिन निर्विवाद रूप से उसकी राजनीतिक विजय हुई है। तमिलगा वेट्री गड़गम (टीवीके) के नेता विजय से बहुमत लायक संख्या दिखाने की मांग कर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर… Continue reading विकल्प अल्पमत सरकार का

अंदर से खुली चुनौती

ममता बनर्जी ने राजनीतिक व्यवस्था की सर्व-स्वीकार्यता खुली चुनौती दी है। व्यवस्था के सामने इससे संवैधानिक या कानूनी संकट भले ना खड़ा हुआ हो, लेकिन लोकतंत्र की विश्वसनीयता और नैतिकता के प्रश्न जरूर उठे हैं। ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की औपचारिकता पूरी करने से इनकार कर दिया है। उनकी दलील है… Continue reading अंदर से खुली चुनौती

अपना सोना, अपने पास

आरबीआई का अभी जो 698.5 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, उसमें 17 फीसदी हिस्सा सोने का है। अप्रैल 2023 की शुरुआत में यह हिस्सा महज 7.8 प्रतिशत का था। तब से हर साल इसमें बढ़ोतरी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले अक्टूबर से मार्च के बीच विदेशी भंडारों से अपना 100 टन… Continue reading अपना सोना, अपने पास

डॉलर लाने की चिंता

चुनौती गंभीर हो रही हो, तो आरबीआई के लिए डॉलर की आवक बढ़ाने के उपायों पर विचार करना लाजिमी है। मगर ऐसे उपाय मरहम-पट्टी ही साबित होंगे। वजह भारत के प्रति विदेशी निवेशकों का उदासीन हो जाना है। रुपये के गिरने का सोमवार को नया रिकॉर्ड बना। पहली बार बाजार 95।9 रुपये प्रति डॉलर के… Continue reading डॉलर लाने की चिंता

फिर जंग की लपटें

ईरान की शर्तें मानना अमेरिका के लिए अपनी हार स्वीकार करने जैसा होगा। ट्रंप ने इससे इनकार करते हुए प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया। मगर उसके दबाव में आने के बजाय ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका/ इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम लगभग भंग हो चुका है। इसके टूटने की शुरुआत कब… Continue reading फिर जंग की लपटें

पूरब में भगवा भारी

टीएमसी की ये उम्मीद गलत साबित हुई कि बांग्ला अस्मिता की प्रतिनिधि के रूप में खुद पेश कर वह ‘हिंदुत्व- हिंदी’ पहचान वाली भाजपा को जीतने से रोक देगी। असम में ऐसी सोच पहले ही गलत साबित हो चुकी है। पश्चिम बंगाल का सियासी किला फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 2026 का… Continue reading पूरब में भगवा भारी

तमिलनाडु की नई पसंद

टीवीके के संस्थापक विजय खुद को पेरियार की विरासत से जोड़ते हैं और भारतीय संविधान को अपनी आस्था का दस्तावेज मानते हैं। इस रूप कहा जा सकता है कि तमिलनाडु ने सिर्फ चेहरा बदला है, राजनीतिक विचारधारा नहीं। तमिलनाडु में 59 साल बाद ऐसा हुआ है, जब वहां द्रविड़ मुनेत्र कड़गम या अन्ना द्रविड़ मुनेत्र… Continue reading तमिलनाडु की नई पसंद

किस काम का कवच?

बीमा आधारित स्वास्थ्य देखभाल का मॉडल कुल मिलाकर आम जन को कितनी राहत दे पा रहा है? या आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं असल में प्राइवेट अस्पतालों को सार्वजनिक धन ट्रांसफर करने का माध्यम बनी हुई हैं? स्वास्थ्य देखभाल की स्थिति के बारे में नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएस) से सामने आए कई तथ्य चिंताजनक हैं। 2017-18… Continue reading किस काम का कवच?

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