सारी असहमतियां साजिश नहीं होतीं!

मार्क्स के द्वंद्वात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत इस प्रस्थापना पर टिका है कि कोई भी विचार पूर्ण नहीं होता है। जैसे ही एक विचार प्रकट होता है उसका प्रति विचार भी प्रकट हो जाता है। फिर इन दोनों में टकराव से एक नया विचार पैदा होता है और उसके पैदा होते ही उसका प्रति विचार भी… Continue reading सारी असहमतियां साजिश नहीं होतीं!

बिहार में हवाईअड्डा खोलने का काम!

बिहार में कोई काम नहीं है। सचमुच कोई काम नहीं है। शराबबंदी ने जरूर कुछ लोगों को काम पर लगाया है, जैसे स्कूली बच्चे और बच्चियां अपने स्कूल बैग में शराब की बोतलें ढो रहे हैं। जमीन के कारोबार में भी कुछ भी लोग लगे हैं। हालांकि इनमें भी ज्यादातर काम फर्जीवाड़े का है। जिन… Continue reading बिहार में हवाईअड्डा खोलने का काम!

एआई क्रांति में भारत का अपना कुछ नहीं!

दिल्ली में हुआ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत में एआई क्रांति की मजबूत आधारशिला रखने वाले कार्यक्रम साबित होगा या वक्ती मीडिया हाइप के बाद इसका भी मामला नेपथ्य में चला जाएगा और सब कुछ वैसे ही चलता रहेगा, जैसा पहले चलता रहा है? यह सवाल इसलिए है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से अब तक… Continue reading एआई क्रांति में भारत का अपना कुछ नहीं!

सब इन शंकराचार्य की गति को प्राप्त होंगे!

उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानमंद के साथ जो हो रहा है वह भारतीय समाज के अंदर पल रही एक बड़ी बीमारी का लक्षण है। वह बीमारी धार्मिक और सामाजिक विभाजन की है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ाया जा रहा है। यह पहली बार हो रहा है कि देश और समाज इस कदर निभाजित… Continue reading सब इन शंकराचार्य की गति को प्राप्त होंगे!

विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व का विवाद क्यों?

कई बार ऐसा संदेह होता है कि क्या देश की तमाम प्रादेशिक पार्टियां भाजपा के लिए काम करती हैं? यह भी संदेह हमेशा रहता है कि कांग्रेस के अनेक नेता परदे के पीछे से भाजपा के लिए काम करते हैं। यह संदेह तो अब यकीन में बदलता जा रहा है। क्योंकि एक निश्चित अंतराल पर… Continue reading विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व का विवाद क्यों?

सोशल मीडिया बैन रामबाण नहीं है

देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का सम्मेलन चल रहा है। एआई के आर्थिक, सामरिक इस्तेमाल और उसके असर की व्याख्या हो रही है। दुनिया भर के विशेषज्ञ दिल्ली में हैं। और इसके समानांतर इस बात की भी चर्चा हो रही है कि बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल से कैसे बचाया जाए।… Continue reading सोशल मीडिया बैन रामबाण नहीं है

बढ़ता अविश्वास बेहद खतरनाक

चौतरफा अविश्वास बढ़ रहा है। नियम आधारित पुरानी विश्व व्यवस्था बिखर गई है। दुनिया के किसी भी देश को दूसरे देश पर या देशों के किसी भी समूह को दूसरे समूह पर भरोसा नहीं रह गया है। जब अमेरिका और यूरोप के बीच अविश्वास बढ़ गया तो बाकी देशों के बारे में क्या कहा जाए!… Continue reading बढ़ता अविश्वास बेहद खतरनाक

सिर्फ संसद की राजनीति काफी नहीं

संसद के बजट सत्र में ब्रेक चल रहा है। सत्र का दूसरा हिस्सा नौ मार्च से शुरू होगा और दो अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र का पहला हिस्सा बहुत हंगामे वाला रहा। वैसे तो हर सत्र ही हंगामे वाला होता है लेकिन इस बार कुछ अनोखी चीजें हुईं। जैसे स्पीकर ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया… Continue reading सिर्फ संसद की राजनीति काफी नहीं

‘मुफ्त की रेवड़ी’ का बंटना बंद होगा!

लोक कल्याण या एफर्मेटिव एक्शन से जुड़े हर कानून में या हर नीतिगत फैसले में एक ‘एक्जिट क्लॉज’ या ‘सनसेट क्लॉज’ होता है। यह इसलिए जरूरी होता है ताकि जब कानून का उद्देश्य पूरा हो जाए तो उसे समाप्त किया जा सके। हालांकि भारत में ऐसा होता नहीं है। संविधान बनाने वालों ने आरक्षण को… Continue reading ‘मुफ्त की रेवड़ी’ का बंटना बंद होगा!

बंगाल का असर बहुत बड़ा होगा

वैसे तो अप्रैल में पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं लेकिन सबकी नजर पश्चिम बंगाल पर है। और ऐसा होने के कई कारण है। हालांकि ऐसा नहीं है कि तमिलनाडु का चुनाव कम महत्वपूर्ण है या केरल और असम का चुनाव ज्यादा महत्व का नहीं है। असम और केरल का चुनाव कांग्रेस… Continue reading बंगाल का असर बहुत बड़ा होगा

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