ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए अहम

मूल रूप से पांच देशों और अब 11 देशों के संगठन ब्रिक्स के अध्यक्ष के नाते भारत इस बार के लीडरशिप समिट की मेजबानी कर रहा है। करीब तीन साल पहले भारत ने जी-20 बैठक की भी मेजबानी की थी। उसके लिए भी इतना भव्य आयोजन हुआ था कि पूरी दुनिया देखती रह गई थी।… Continue reading ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए अहम

सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता का सवाल

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की विकास दर के आंकड़ों को लेकर शुरू हुई बहस समाप्त नहीं हो रही है। इन आंकड़ों पर सवाल उठाने वालों के लिए ही असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नाराज फूफा’ वाला जुमला गढ़ा। उन्होंने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स यानी एसआरसीसी में पांच सितंबर को शिक्षक… Continue reading सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता का सवाल

क्यों मोदी ‘नाराज फूफाओं’ से वाहवाही चाहते?

यह गजब बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि विपक्ष उनके कामकाज की तारीफ करे, उनका समर्थन करे, उनकी वाहवाही करे, उनको विश्वगुरू माने और जब विपक्ष ऐसा नहीं करता है तो वे उसे ‘नाराज फूफा’ बताते हैं। अगर यह नहीं भी मानें कि उन्होंने ‘अर्बन नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सल’ विपक्ष को कहा… Continue reading क्यों मोदी ‘नाराज फूफाओं’ से वाहवाही चाहते?

संस्थाओं का जवाबदेह होना अच्छी बात है

संस्थाओं का जवाबदेह होना और जन भावना के अनुरूप काम करना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। हालांकि कई बार जन भावना को संतुष्ट करना संविधान और कानून सम्मत नहीं होता है। फिर भी लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी है और सभी संस्थाएं कम से कम सिद्धांत रूप में जनता के लिए ही… Continue reading संस्थाओं का जवाबदेह होना अच्छी बात है

आरक्षण की बहस कहां तक जाएगी?

आरक्षण की व्यवस्था पर देश में बहस हो रही है। अच्छी बात है। बहस होनी चाहिए। अगर पहले बहस हुई होती और समय की जरुरत के हिसाब से आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव किया गया होता तो देश की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जातियों की स्थिति बहुत बेहतर हो गई होती और संभव… Continue reading आरक्षण की बहस कहां तक जाएगी?

राजनीति का विमर्श बदल रहा है

चुनावी राजनीति का विमर्श बदल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी भले राजनीतिक दल नहीं बनी है और बने तो हो सकता है कि कामयाब नहीं हो पाए। लेकिन उसने देश के राजनीतिक विमर्श को बदल दिया है। जंतर मंतर पर सीजेपी के आंदोलन ने एक नए विमर्श को जन्म दिया है, जिसमें एजुकेशन,… Continue reading राजनीति का विमर्श बदल रहा है

बंगाल के नतीजों पर गंभीर सवाल

पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव न तो रद्द होगा और न इसे दोबारा कराने के बारे में कोई सोचेगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जो पूछा वह अपने आप में बड़ी बात है। सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग से पूछा कि ‘क्या वह बंगाल में नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दे… Continue reading बंगाल के नतीजों पर गंभीर सवाल

बेमानी हो जाएगी जाति जनगणना

देश में जनगणना का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पहले चरण में मकानों की गिनती के बाद अब नागरिकों की गिनती हो रही है। इसकी शुरुआत लद्दाख से हुई है। अभी स्वगणना का दौर चल रहा है और एक सितंबर से सरकारी कर्मचारी लद्दाख के हर घर में जाएंगे। देश के बाकी हिस्सों में… Continue reading बेमानी हो जाएगी जाति जनगणना

आजादी के तराने पर भी राजनीति

यह भारतीय जनता पार्टी की विशेषता है कि वह राजनीतिक फायदे के लिए किसी भी किसी पवित्र प्रतीक को विवाद और टकराव के अस्त्र में बदल सकती है। उसने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को धार्मिक व राजनीतिक टकराव का प्रतीक बना कर इस्तेमाल किया तो अब आजादी के आंदोलन के सबसे पवित्र तराने को भी… Continue reading आजादी के तराने पर भी राजनीति

कंप्यूटर ट्रेनिंग से एआई ट्रेनिंग तक

इतिहास अपने को दोहरा रहा है। राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते कंप्यूटर क्रांति या व्यापक रूप से कहें तो संचार क्रांति की बुनियाद रखी। उस क्रांति की अंत परिणति यह हुई कि भारत 21वीं सदी में पहुंचा तो हर काम कंप्यूटर पर करने लगा लेकिन कंप्यूटर बनाना उसके लिए मुश्किल ही रहा। जैसे तैसे कुछ… Continue reading कंप्यूटर ट्रेनिंग से एआई ट्रेनिंग तक

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