मार्क्स के द्वंद्वात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत इस प्रस्थापना पर टिका है कि कोई भी विचार पूर्ण नहीं होता है। जैसे ही एक विचार प्रकट होता है उसका प्रति विचार भी प्रकट हो जाता है। फिर इन दोनों में टकराव से एक नया विचार पैदा होता है और उसके पैदा होते ही उसका प्रति विचार भी… Continue reading सारी असहमतियां साजिश नहीं होतीं!
