भारत में इस्तीफे जोर जबरदस्ती ही होते हैं

दुनिया के संभवतः किसी दूसरे देश में नैतिकता की उतनी बात नहीं होती होंगी, जितनी भारत में होती हैं। भारत ने दया, करुणा, सत्य, प्रेम, भाईचारे आदि के जितने प्रतीक गढ़े हैं, दुनिया के किसी और देश में उतने नहीं होंगे। भारत में तो एक सतयुग ही था, जिसमें सत्य हरिश्चंद्र थे। लेकिन यह भी… Continue reading भारत में इस्तीफे जोर जबरदस्ती ही होते हैं

नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

इंफोसिस के सह संस्थापक और भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणी के ऊपर केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने का जिम्मा सौंपा है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ को भी इस उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। पता नहीं लोगों को याद… Continue reading नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

आंदोलन को अपमानित न करें

आपदा को अवसर बनाने की कला में माहिर राइटविंग के कई इन्फ्लूएंसर और हर घटनाक्रम में साजिश का पहलू खोजने वाले मोदी विरोधी दोनों एक साथ दावा कर रहे हैं कि जंतर मंतर पर हुआ आंदोलन प्रायोजित था और इस आंदोलन से सरकार को बहुत फायदा हुआ है। कहा जा रहा है कि सरकार बड़ी… Continue reading आंदोलन को अपमानित न करें

यह कृतघ्न लोगों का देश है सोनम ‘सर’!

उनको ‘सर’ कहा जाता है। लद्दाख की अपनी भाषा में ‘कागा ली’ यानी ‘सर’। वे अभी 59 साल के हैं, लेकिन जब 30 साल के थे तब भी लद्दाख के ज्यादातर लोग उनको ‘एचो’ यानी बड़ा भाई कहते थे। वे अपनी उम्र के आधार पर बड़ा भाई नहीं कहे जाते हैं और न किसी स्कूल… Continue reading यह कृतघ्न लोगों का देश है सोनम ‘सर’!

शिक्षा के विवाद ज्यादा हैं सुधार कम

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद कुछ सबसे चर्चित विवाद शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए रहे हैं। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला कांड से लेकर दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी तक के प्रदर्शन से पूरा देश वाकिफ हैं। जेएनयू में हुए प्रदर्शन के दौरान ही कथित रूप से कुछ ऐसे नारे लगे… Continue reading शिक्षा के विवाद ज्यादा हैं सुधार कम

देर से आए और दुरुस्त भी नहीं हैं!

कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे पर प्रदर्शन करने में बहुत देरी कर दी। अगर राहुल गांधी 17 जून की अपनी कोटा यात्रा के बाद इस अभियान को जारी रखते तो उनके सामने साख का सवाल नहीं खड़ा होता और न यह आरोप लगता कि वे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश… Continue reading देर से आए और दुरुस्त भी नहीं हैं!

यह युवाओं में भरा हुआ गुस्सा है!

जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन एक सामान्य सी मांग को लेकर शुरू हुआ था। छह जून को अमेरिका से लौटे अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन का आयोजन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने अमेरिका में रहते हुए… Continue reading यह युवाओं में भरा हुआ गुस्सा है!

क्या अब युवाओं से लड़ेगी सरकार?

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक संदर्भ में जिस ‘जेन जी’ की बात हो रही थी उसके आक्रोश की एक झलक जंतर मंतर पर दिखी है। हजारों की संख्या में छात्र और युवा जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए और उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उठाए मुद्दों का समर्थन किया। विपक्ष और सिविल सोसायटी के किसी… Continue reading क्या अब युवाओं से लड़ेगी सरकार?

सीजेपी और सोनम के आंदोलन की सीमाएं

सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी प्रदर्शन कर रही है। परंतु सरकार सुन नहीं रही है। सरकार ने तो पूरे एक साल तक किसानों की भी नहीं सुनी थी। देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली की चौहद्दी में डेरा डाल कर एक साल तक… Continue reading सीजेपी और सोनम के आंदोलन की सीमाएं

भ्रष्टाचार मुक्त कुछ भी नहीं!

भारत में क्या कोई भी सरकारी खरीद भ्रष्टाचार के बगैर हो सकती है? क्या भारत के किसी भी सरकारी ठेके में बिना भ्रष्टाचार के काम हो सकता है और क्या देश के किसी भी सरकारी कार्यालय में बिना रिश्वत के कोई भी काम हो सकता है? कह सकते हैं कि यह भ्रष्टाचार की समस्या का… Continue reading भ्रष्टाचार मुक्त कुछ भी नहीं!

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