भाजपा और ऊपर जाएगी या ढलान आएगा?

देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की आज वह स्थिति है, जो आजादी के बाद पांचवें और छठे दशक में कांग्रेस की थी। छठे दशक के आखिरी दिनों में कांग्रेस का किला दरकने लगे था और समाजवादी राजनीति करने वाली पार्टियों के साथ साथ भारतीय जनसंघ का भी असर दिखना शुरू हो गया था।… Continue reading भाजपा और ऊपर जाएगी या ढलान आएगा?

बंगाल से आगे विपक्ष का क्या रास्ता?

पश्चिम बंगाल पूर्वी भारत में भारतीय जनता पार्टी के लिए बंद गली का आखिरी दरवाजा था। भाजपा ने वह दरवाजा खोल लिया है। जहां भी भाजपा के लिए नया दरवाजा खुल रहा है वहां विपक्ष के लिए पूरी गली बंद हो जा रही है। यह सही है कि पिछले कुछ समय से सत्ता विरोध की… Continue reading बंगाल से आगे विपक्ष का क्या रास्ता?

बंगाल में कैसे जीती भाजपा?

पश्चिम बंगाल की भौगोलिक और जनसंख्या संरचना को देख कर बहुत से राजनीतिक विश्लेषक और नेता भी यह मानते थे कि भारतीय जनता पार्टी को बहुत पहले पश्चिम बंगाल में चुनाव जीत जाना चाहिए था। पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश से मिलती है, जहां से घुसपैठ होने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होने… Continue reading बंगाल में कैसे जीती भाजपा?

ज्यादा मतदान प्रतिशत का उत्सव!

देश में मत प्रतिशत बढ़ने का उत्सव मनाया जा रहा है। चुनाव आयोग इसे लोकतंत्र की मजबूती और जीत का प्रतीक बता रहा है। भारतीय जनता पार्टी से लेकर राइटविंग इको सिस्टम इस बात से आह्लादित है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से मतदाता सूची की ऐसी सफाई हुई कि मतदान… Continue reading ज्यादा मतदान प्रतिशत का उत्सव!

इसके बावजूद नहीं बदलेंगे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल क्या अब सबक लेंगे? संदेह है। उनको लग रहा है कि विचारधारा विहीन जो राजनीति उन्होंने शुरू की है उसमें नुकसान कम हैं और कामयाबी ज्यादा है। अगर कोई उनको समझाना चाहे तो वे बड़े सहज अंदाज में कह सकते हैं कि अपने रास्ते पर चल कर दो राज्यों में उन्होंने सरकार बनाई।… Continue reading इसके बावजूद नहीं बदलेंगे केजरीवाल

अवसरवाद का ओवरडोज हो रहा है

भारतीय जनता पार्टी ने आजादी के बाद से बनी परंपराओं और स्थापित मान्यताओं से हट कर जो राजनीति की उसे समय की जरुरत के आधार पर न्यायसंगत ठहराया गया। भाजपा ने खुद यह नैरेटिव स्थापित किया कि आजादी के बाद देश में कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है और सब चीजों को ठीक करने के… Continue reading अवसरवाद का ओवरडोज हो रहा है

दलबदल कानून मजाक बन गया है

भारत में दलबदल कानून पर नए सिरे से विचार की जरुरत है। 1985 में बने और उसके बाद कई बार संशोधित और अदालती आदेशों से परिमार्जित हुए इस कानून के रहते जिस तरह से विधायक और सांसद पार्टी बदल रहे हैं उससे तो लग रहा है कि यह कानून पूरी तरह से बेअसर है। इसलिए… Continue reading दलबदल कानून मजाक बन गया है

भाजपा और बंगाल की चारित्रिक भिन्नता

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान हो गया है और इस चरण के प्रचार में या दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए चल रहे प्रचार में भाजपा को लगातार सफाई देनी पड़ रही है। ऐसा लग रहा है कि भाजपा के पूरे चुनाव अभियान में कोई बहुत बुनियादी चीज मिसिंग है, जिसकी… Continue reading भाजपा और बंगाल की चारित्रिक भिन्नता

तार्किक विसंगति के दावे तर्कसंगत नहीं हैं

चुनाव आयोग ने तार्किक विसंगति के नाम पर पश्चिम बंगाल में 27 लाख 10 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए। इन मतदाताओं की आपत्तियों पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 19 न्यायाधिकरण बनाए गए हैं। ये सभी न्यायाधिकरण कोलकाता के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर एंड सैनिटेशन… Continue reading तार्किक विसंगति के दावे तर्कसंगत नहीं हैं

सांसद, विधायक बढ़ाने से क्या बदल जाएगा?

इसमें कोई संदेह नहीं है कि संसद में नारी शक्ति वंदन कानून, 2023 में संशोधन का जो विधेयक लाया गया था वह महिला आरक्षण के आवरण में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटें बढ़ाने का प्रयास था। इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि आने वाले दिनों में सीटें बढ़ेंगी क्योंकि 2023 का कानून… Continue reading सांसद, विधायक बढ़ाने से क्या बदल जाएगा?

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