ऐसी ही टीम बननी थी भाजपा की

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद 209 दिन तक चले मंथन से भाजपा का संगठन चलाने के लिए जो ‘रत्न’ चुने गए हैं उनको देख कर कतई हैरानी नहीं हुई। अगर भाजपा संगठन में ऐसे पदाधिकारी नहीं चुने जाते या टीम ऐसी ही नहीं बनती तो हैरानी होती। ध्यान रहे जब… Continue reading ऐसी ही टीम बननी थी भाजपा की

जंगल की लड़ाई शहरों तक पहुंचेगी!

पिछले कुछ वर्षों से एक परिघटना के तौर पर ‘अर्बन नक्सल’ की चर्चा हो रही है। बड़े शहरों खास कर महानगरों में रहने वाले कुछ बुद्धिजीवियों को गिरफ्तार भी किया गया। उनके ऊपर नक्सलियों को समर्थन देने के आरोप लगे। भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़काने के प्रयास के आरोपों में जांच हुई और कई बौद्धिकों… Continue reading जंगल की लड़ाई शहरों तक पहुंचेगी!

एफसीआरए पर सरकार चाहती क्या है?

यह समझना बहुत मुश्किल नहीं है कि केंद्र सरकार विदेशी चंदे के कानून यानी एफसीआरए में बदलाव क्यों करना चाहती है। लेकिन वह इस बिल पर एक कदम आगे बढ़ रही है और दो कदम पीछे हट रही है, इसका क्या मकसद है यह समझना थोड़ा मुश्किल है। सरकार ने यह बिल संसद के बजट… Continue reading एफसीआरए पर सरकार चाहती क्या है?

जनता किसको सुनाए अपना हाल

दुनिया के किसी भी सभ्य लोकतांत्रिक देश के नागरिक की असहायता ऐसी नहीं होगी, जैसी भारत महान के नागरिकों की है। उसकी कहीं सुनवाई नहीं है। ऐसा नहीं है कि यह स्थिति अभी हो गई है। पहले से ऐसा ही था लेकिन अब स्थिति ज्यादा खराब और गंभीर हो गई है। क्योंकि पहले कहीं सुनवाई… Continue reading जनता किसको सुनाए अपना हाल

नए नेताओं और पार्टियों के लिए मौका

देश की राजनीति इस समय एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रही है। यह दौर युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए उनके आक्रोश की अभिव्यक्ति का है। वे परिणामों से बेपरवाह होकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगें दोहरा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर अर्धसैनिक बलों की परवाह नहीं… Continue reading नए नेताओं और पार्टियों के लिए मौका

भारत पर ‘मुस्लिम नाटो’ का असर

भारत के पास पड़ोस में भूराजनीतिक स्थितियां तेजी से बदल रही हैं। पिछले दो साल में पड़ोस के तीन देशों बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में तख्तापलट हो गया। मालदीव में चुनाव के जरिए भारत समर्थक सरकार बदल गई। पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ हुई भारत की सैन्य कार्रवाई, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी एक बड़े भूराजनीतिक बदलाव… Continue reading भारत पर ‘मुस्लिम नाटो’ का असर

सभी छात्र समान नहीं होते हैं

जॉर्ज ऑरवेल के महान उपन्यास ‘एनिमल फार्म’ की कहानी में जो पशुओं का फार्म है वहां एक दीवार पर लिखा होता है, ‘सारे पशु एक समान होते हैं’। लेकिन जब सुअरों का पूरा नियंत्रण फार्म पर हो गया और उनको सत्ता का चस्का लग गया तो इस नारे को बदल दिया गया। नया नारा था,… Continue reading सभी छात्र समान नहीं होते हैं

कांग्रेस के प्रति क्या धारणा बदलेगी?

नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में कांग्रेस को बुरी तरह हराने के बाद भी उसको उसके हाल पर नहीं छोड़ा। उलटे उसके बाद तो कांग्रेस और उसके भूत, वर्तमान और भविष्य के नेताओं की साख खराब करने का ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित अभियान चला। भाजपा ने देश में व्यापक… Continue reading कांग्रेस के प्रति क्या धारणा बदलेगी?

बांकीपुर की बात दूर तक जाएगी

भारत में कई उपचुनाव ऐसे हुए हैं, जिनसे देश और राज्यों की राजनीति बदली है। 1974 का जबलपुर लोकसभा सीट का उपचुनाव मिसाल है। सिर्फ 25 साल के शरद यादव ने कांग्रेस के जगदीश नारायण अवस्थी को हराया था। यह सीट कांग्रेस के दिग्गज सेठ गोविंद दास के निधन से खाली हुई थी। जबलपुर उपचुनाव… Continue reading बांकीपुर की बात दूर तक जाएगी

पीएम ने माफी दी है, पार्टी ने नहीं!

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल ‘जेन जी’ यानी 14 से 29 साल की उम्र के छात्रों व युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा दिल दिखाते हुए माफ कर दिया था। हालांकि कायदे से प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और अन्य मंत्रियों, अधिकारियों आदि को माफी मांगनी चाहिए थी।… Continue reading पीएम ने माफी दी है, पार्टी ने नहीं!

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