जनता का शुक्रिया कहिए, अहसान मत जताइए

पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव खत्म हुआ और पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ने लगीं। पहले सिर्फ कॉमर्शियल गैस की कीमत बढ़ी। उसके बाद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कह सकते हैं कि जितनी आशंका जताई जा रही थी उसके मुकाबले कम बढ़ोतरी हुई है। लेकिन यह तो शुरुआत… Continue reading जनता का शुक्रिया कहिए, अहसान मत जताइए

प्यास बुझाने के लिए ओस चाटने जैसे उपाय

भारत में गहरा आर्थिक संकट है और यह संकट 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका व इजराइल के हमले के दिन से है। लेकिन चुनावी मजबूरी में पहले यह माहौल बनाया गया कि सब ठीक है। भारत में कोई संकट नहीं है और ऐसा इसलिए है क्योंकि नरेंद मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं। अब इसी… Continue reading प्यास बुझाने के लिए ओस चाटने जैसे उपाय

पेपर लीक सिर्फ एक संस्था की अक्षमता नहीं है

तीन साल में दूसरी बार मेडिकल में दाखिले के लिए हुई नीट यूजी की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो गए। इसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। करीब 23 लाख किशोर और युवा उम्र के छात्रों को इससे जो सदमा लगा है उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पेपर लीक होने और परीक्षा… Continue reading पेपर लीक सिर्फ एक संस्था की अक्षमता नहीं है

सेकुलर पार्टियों के सामने अस्तित्व का संकट

भारतीय जनता पार्टी की पारंपरिक विरोधी पार्टियों के सामने अस्तित्व का ऐतिहासिक संकट खड़ा हो गया है। आजादी के बाद कभी भी इस तरह की स्थिति नहीं बनी थी। कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों सहित दूसरी प्रादेशिक पार्टियां पिछले कई बरसों से कमजोर होती जा रही हैं। इक्का दुक्का अपवादों को छोड़ दें तो एक के… Continue reading सेकुलर पार्टियों के सामने अस्तित्व का संकट

तेल के संकट की याद तो आई!

आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तेल के संकट की याद आ गई। हालांकि ऐसा नहीं है कि उनको इसके बारे में पता नहीं था। देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट तो करीब ढाई महीने पहले ही शुरू हो गया था। लेकिन चूंकि उस समय चुनाव चल रहे थे। इसलिए उस समय लोगों को… Continue reading तेल के संकट की याद तो आई!

साझा मोर्चा बनाने वाले नेताओं की विदाई

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को कई तरह से पढ़ा जा रहा है। बंगाल से लेकर देश की राजनीति पर उसके असर और भाजपा व विपक्ष की राजनीति पर उसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। क्षेत्रीय दलों का प्रभुत्व धीरे धीरे कैसे खत्म हो रहा है यह भी रेखांकित किया जा रहा… Continue reading साझा मोर्चा बनाने वाले नेताओं की विदाई

भाजपा और ऊपर जाएगी या ढलान आएगा?

देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की आज वह स्थिति है, जो आजादी के बाद पांचवें और छठे दशक में कांग्रेस की थी। छठे दशक के आखिरी दिनों में कांग्रेस का किला दरकने लगे था और समाजवादी राजनीति करने वाली पार्टियों के साथ साथ भारतीय जनसंघ का भी असर दिखना शुरू हो गया था।… Continue reading भाजपा और ऊपर जाएगी या ढलान आएगा?

बंगाल से आगे विपक्ष का क्या रास्ता?

पश्चिम बंगाल पूर्वी भारत में भारतीय जनता पार्टी के लिए बंद गली का आखिरी दरवाजा था। भाजपा ने वह दरवाजा खोल लिया है। जहां भी भाजपा के लिए नया दरवाजा खुल रहा है वहां विपक्ष के लिए पूरी गली बंद हो जा रही है। यह सही है कि पिछले कुछ समय से सत्ता विरोध की… Continue reading बंगाल से आगे विपक्ष का क्या रास्ता?

बंगाल में कैसे जीती भाजपा?

पश्चिम बंगाल की भौगोलिक और जनसंख्या संरचना को देख कर बहुत से राजनीतिक विश्लेषक और नेता भी यह मानते थे कि भारतीय जनता पार्टी को बहुत पहले पश्चिम बंगाल में चुनाव जीत जाना चाहिए था। पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश से मिलती है, जहां से घुसपैठ होने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा होने… Continue reading बंगाल में कैसे जीती भाजपा?

ज्यादा मतदान प्रतिशत का उत्सव!

देश में मत प्रतिशत बढ़ने का उत्सव मनाया जा रहा है। चुनाव आयोग इसे लोकतंत्र की मजबूती और जीत का प्रतीक बता रहा है। भारतीय जनता पार्टी से लेकर राइटविंग इको सिस्टम इस बात से आह्लादित है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से मतदाता सूची की ऐसी सफाई हुई कि मतदान… Continue reading ज्यादा मतदान प्रतिशत का उत्सव!

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