सड़कों पर छलका असंतोष

नोएडा में कारखाना मजदूर सड़क पर उतरे। वहां की घटनाओं ने उन हालात की ओर ध्यान खींचा, जिससे हाल में देश के विभिन्न हिस्सों में मजदूर आंदोलित हुए हैँ। मजदूरों के असंतोष पर सहानुभूति से ध्यान दिया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में मजदूरों का उबलता असंतोष सोमवार को सड़कों पर छलक… Continue reading सड़कों पर छलका असंतोष

जो सवाल मंडराते रहेंगे

पश्चिम बंगाल में ऐसी धारणा बनी है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग का नजरिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने के बहाने ढूंढना वाला था। इससे भारत की चुनाव प्रणाली की साख पर टिकाऊ सवाल खड़े हुए हैँ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति… Continue reading जो सवाल मंडराते रहेंगे

जो रास्ता चुना गया

भारत में जन कल्याण का जो रास्ता चुना गया है, वह टिकाऊ नहीं है। हर वर्ष पिछले साल की तुलना में औसतन अधिक कर्ज लेने के बावजूद सरकारें नकदी हस्तातंरण की योजनाओं को सुगमता से नहीं चला पा रही हैं। बृहत-मुंबई महानगर पालिका के रिटायर शिक्षक का पेंशन भुगतान ना होने के बचाव में सरकार… Continue reading जो रास्ता चुना गया

अधिकार के मूल में

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि भारत में समस्या अधिकारों का अभाव नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारों का सार्थक ढंग से उपभोग किया जा सके। भारत की जमीनी हकीकत से परिचित लोग सहज ही इस राय से इस्तेफ़ाक रखेंगे। अधिकारों पर जारी बहस के बीच प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत ने यह महत्त्वपूर्ण… Continue reading अधिकार के मूल में

मानव तस्करी के शिकार

विदेश में ऊंची तनख्वाह और चमकदार करियर का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने वाले ऐसे अनेक गिरोह सक्रिय हैं, जो बाहर लेकर युवाओं को मुसीबत में छोड़ देते हैं। केंद्र और राज्य सरकारें ऐसे अपराध से क्यों आंख मूंदे हुई हैं? सुप्रीम कोर्ट की ये टिप्पणी उचित है कि कई भारतीयों को नौकरी या पढ़ाई… Continue reading मानव तस्करी के शिकार

इस्लामाबाद में टूटी बात

आठ अप्रैल को हुए 14 दिन के युद्धविराम का क्या होगा? क्या अमेरिका और ईरान अभी इस अवधि तक संयम बरतते हुए गतिरोध तोड़ने की किसी प्रक्रिया में शामिल होंगे या जल्द ही एक दूसरे पर हमले शुरू कर देंगे? अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटों के अंदर शांति वार्ता का टूट… Continue reading इस्लामाबाद में टूटी बात

फिर एक अजीब फैसला

कॉप-33 की मेजबानी से भारत ने इनकार कर दिया है। यह निर्णय रहस्यमय लगता है, क्योंकि मेजबानी पाने की पहल खुद प्रधानमंत्री ने की थी। उसके बाद आखिर ऐसा क्या बदल गया, जिस कारण भारत ने कदम पीछे खींच लिए हैं? जिस समय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत के अलग-थलग पड़ने से देशवासियों में व्यग्रता गहराई… Continue reading फिर एक अजीब फैसला

सिर पर मंडराता संकट

आरबीआई ने जो कहा है, उसका सार है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से सप्लाई शृंखला बाधित हो गई है, जिसके दूरगामी परिणाम झेलने के लिए सबको तैयार रहना चाहिए। बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। महंगाई की तगड़ी मार फिर आ पड़ी है, जबकि अर्थव्यवस्था के सारे गुलाबी अनुमान… Continue reading सिर पर मंडराता संकट

बदले समीकरण के साथ

अमेरिका जिस प्रस्ताव पर बातचीत के लिए तैयार हुआ, उसमें सर्व-प्रमुख बात होरमुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को स्वीकार करना है। अमेरिकी मीडिया ने भी कहा है कि ईरान होरमुज से गुजरने वाले जहाजों पर ‘टॉल टैक्स’ लगाता रहेगा। ईरान की दस शर्तों को वार्ता का आधार स्वीकार कर अमेरिका युद्धविराम के लिए राजी… Continue reading बदले समीकरण के साथ

सुलगते हालात पर चिंगारी

सरकार ने उलझे हालात का हल निकालने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की है। उसने समस्या को महज कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखा है। मगर उस मोर्चे पर भी कामयाबी नहीं मिली है, जिसकी मिसाल ताजा घटनाएं हैँ। मणिपुर में हालात लगातार इतने सुलगे हुए हैं कि कोई भी चिंगारी पड़ते ही लपटें उठने लगती… Continue reading सुलगते हालात पर चिंगारी

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