ईयू का आपत्तिजनक रुख

यूरोपियन यूनियन और पाकिस्तान के साझा बयान में भारत के नजरिए से कई आपत्तिजनक बातें हैं। यूक्रेन युद्ध के साथ कश्मीर का उल्लेख और कश्मीर को अनसुलझा मुद्दा बताना स्पष्टतः भारत विरोधी रुख है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पिछले हफ्ते हुई चीन यात्रा के समय जारी साझा बयान में जम्मू-कश्मीर का जिक्र हुआ।… Continue reading ईयू का आपत्तिजनक रुख

खेल का सिकुड़ा बाजार

फुटबॉल वर्ल्ड कप शुरू होने से सिर्फ दस दिन पहले फीफा को सस्ते में प्रसारण अधिकार बेचने पड़े हैं। यह घटनाक्रम बताता है कि भारतीय बाजार को लेकर फुलाया गया गुब्बारा अब फूट चुका है। ज़ी ग्रुप का फिर से खेल प्रसारण के क्षेत्र में उतरना अच्छी खबर है। रिलायंस ग्रुप के डिज्नी हॉटस्टार को… Continue reading खेल का सिकुड़ा बाजार

हर चमक सोना नहीं

पुलिस के निशाने पर वे कॉन्सर्ट्स हैं, जहां शराब की आड़ में ड्रग्स के सेवन का आरोप है। अब प्रशासन ने नो-अल्कोहल की शर्त लगा दी है, तो इन इवेंट्स की चमक भी चली गई है। तकरीबन डेढ़ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “कॉन्सर्ट इकॉनमी” की चर्चा करते हुए संदेश दिया था कि भारत… Continue reading हर चमक सोना नहीं

शिशु जन्म का कारोबार?

भारत में बीमा कवरेज बढ़ा है, जिसमें एक बड़ा हिस्सा सरकारी बीमा योजनाओं का है। संभवतः इसी कारण अस्पताल दंपत्तियों को अनिवार्य ना होने की स्थिति में भी सीजेरियन डिलीवरी पर राजी कर लेते हैं। भारत में अब 90 फीसदी बच्चों का जन्म अस्पताल में होता है। ये अच्छी खबर नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे-6… Continue reading शिशु जन्म का कारोबार?

भुगतान संतुलन का संकट

पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ एक महीना युद्ध से प्रभावित था। बाकी समय जो हुआ, उससे साफ है कि समस्या की जड़ें निवेश के नए ट्रेंड और भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों के घटते भरोसे से है। डॉलर बचाने के लिए सरकारी हलकों में क्यों इतनी बेचैनी फैली है, इसका राज़ भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया… Continue reading भुगतान संतुलन का संकट

दो चुनौतियां, एक सबक

सफल औद्योगिक राष्ट्र वे रहे हैं, जिन्होंने जिस उत्पाद पर ध्यान केंद्रित किया, उसकी पूरी आपूर्ति शृंखला अपने यहां स्थापित की। सफलता का एक सूत्र यह भी है कि उत्पादित वस्तुओं का एक बड़ा घरेलू बाजार भी हो। दुनिया भर में सेमीकंडक्टर उद्योग इस समय ‘मेमफ्लेशन’ की चुनौती का सामना कर रहा है। इस शब्द… Continue reading दो चुनौतियां, एक सबक

बढ़ती विषमता का आईना

आय कर रिटर्न्स से उभरा रुझान साफ है। भारत में प्रत्यक्ष कर राजस्व अधिक से अधिक धनी वर्गों पर निर्भर होता जा रहा है। वैसे, विषमता बढ़ने की पुष्टि हवाई यात्रा संबंधी ताजा आंकड़ों से भी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल हुए आयकर रिटर्न्स से देश में बढ़ रही आर्थिक गैर-बराबरी की… Continue reading बढ़ती विषमता का आईना

अपेक्षा के अनुरूप ही

सुप्रीम कोर्ट का फैसला उचित होने के बावजूद उससे बुल्डोजरी अंदाज में कराए गए एसआईआर पर उठे सवालों का जवाब नहीं मिला है। ना ही इससे निर्वाचन आयोग की मंशा पर जताए गए शक दूर होंगे। मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण संवैधानिक रूप से उचित है, इसको लेकर कभी किसी को शक नहीं था।… Continue reading अपेक्षा के अनुरूप ही

करार के अंदर करार

क्रिटिकल मिनरल्स के बारे में हुए समझौतों की सफलता ऐसे वित्त की व्यवस्था पर निर्भर है, जो शीघ्र मुनाफे के लिए बेचैन ना हो। साथ ही प्रतिभा एवं कौशल जुटाए जा सके, तो बेशक चीन पर निर्भरता से मुक्ति मिल सकेगी।   क्वॉड के विदेश मंत्रियों की बैठक का लगभग पूरा ध्यान आधुनिक उद्योगों के लिए… Continue reading करार के अंदर करार

क्या तय होगी जवाबदेही?

सीबीएसई परीक्षा को लेकर बने अविश्वास के लिए जिम्मेदार कौन है? सरकार ने सिस्टम लागू करने के पहले यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया कि वह दोषमुक्त है? क्या इसकी जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए? ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की गड़बड़ियों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा के रिजल्ट को संदेह के दायरे… Continue reading क्या तय होगी जवाबदेही?

logo