न्यायिक प्रतिष्ठा की चिंता

क्या अब ये बात भरोसे के साथ कही जा सकती है कि न्यायपालिका ने अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा कर ली है? आखिर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की धारणा इस हद तक क्यों पहुंच गई कि पाठ्य-पुस्तक में उसका जिक्र होने लगा? एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों के जिक्र से… Continue reading न्यायिक प्रतिष्ठा की चिंता

समझौते का क्या औचित्य?

इस दौर में अमेरिका के साथ हुए हर समझौते के टिकाऊपन पर हमेशा राष्ट्रपति ट्रंप के मूड की तलवार लटकी रहती है। फिर अमेरिका के भीतर स्थितियां अस्थिर हैं। ट्रंप के कदमों पर वहां राजनीतिक आम सहमति नहीं है। अमेरिका ने अब भारत से सौर ऊर्जा से संबंधित पाट-पुर्जों के आयात पर 126 प्रतिशत टैरिफ… Continue reading समझौते का क्या औचित्य?

आम समझ के बाहर

शर्टलेस प्रतिरोध मामले में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों पर आपराधिक षडयंत्र और दंगे में शामिल होने से जुड़ी धाराएं लगाईं। हैरतअंगेज है कि कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इन आरोपों में दम माना और प्रदर्शनकारियों को पुलिस रिमांड में भेज दिया। लोकतांत्रिक दायरे में हुए प्रतिरोध में शामिल व्यक्तियों को पुलिस रिमांड में भेजा जाए,… Continue reading आम समझ के बाहर

संदेह का समाधान नहीं

क्या एसआईआर के बाद पश्चिम बंगाल में ऐसी मतदाता सूची सामने आ पाएगी, जिस पर तृणमूल कांग्रेस सहित तमाम दलों एवं हितधारकों को यकीन हो? ऐसा नहीं हुआ, तो जाहिर है, विधानसभा चुनाव संदेह के साये में होगा। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चप्पे-चप्पे निगरानी… Continue reading संदेह का समाधान नहीं

नीति बनाम नीयत

भारत सरकार ने अपने आतंकवाद विरोधी रणनीति पत्र में ध्यान दिलाया है कि कुछ देशों ने आतंकवाद का इस्तेमाल राजकीय नीति के बतौर किया। इसके बावजूद भारत की राय है कि आतंकवाद किसी विशेष मजहब, नस्ल, राष्ट्रीयता, या सभ्यता से संबंधित नहीं है। काबिले-ए-तारीफ है कि भारत सरकार ने आतंकवाद विरोधी नीति एवं रणनीति की… Continue reading नीति बनाम नीयत

अदालत का दायरा

बदले राजनीतिक माहौल में अदालतें न्यायिक सक्रियता दिखाने में खुद को असमर्थ पा रही हैँ, तो समाज का एक हिस्सा इसे दायित्व निर्वहन से मुंह मोड़ना मानेगा। बहरहाल, संदेश यही है कि राजनीतिक प्रश्नों का न्यायिक उत्तर ढूंढना आलसी नजरिया है। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत ने स्वीकार किया है कि कथित गौ-रक्षकों की अवैध… Continue reading अदालत का दायरा

पेटेंट का पैमाना

ज्यादा चर्चा गलगोटिया के गड़बड़झाले की ही हुई है, लेकिन बाकी अनेक निजी विश्वविद्यालयों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। उन्होंने भी वास्तविक अनुसंधान और आविष्कार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय चौंकाने वाली सुर्खियां बनाने की रणनीति अपना रखी है। एआई समिट के दौरान गलगोटिया विश्वविद्यालय को लेकर उठे विवाद का अच्छा असर यह… Continue reading पेटेंट का पैमाना

नैसकॉम पर नज़र

एआई के नए टूल्स आने से ना सिर्फ भारतीय टेक क्षेत्र, बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था पर आशंकाएं मंडरा रही हैं। गौरतलब है कि गुजरे तीन दशकों में भारत में टेक सेक्टर उपभोक्ता मध्य वर्ग निर्मित करने वाला प्रमुख कारोबार रहा है। जिस समय बड़ी टेक कंपनियों के शेयर भाव में गिरावट का सिलसिला थम नहीं रहा… Continue reading नैसकॉम पर नज़र

एआई घोषणापत्र का सार

डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन एआई पर किसी प्रकार के लगाम के खिलाफ है। उसके मुताबिक इस तकनीक की राह में नियम-कायदे जैसी रुकावटें नहीं होनी चाहिए। नई दिल्ली घोषणापत्र में इसी नजरिए को जगह मिली। यानी यह ट्रंपकालीन एआई घोषणापत्र है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर हुए पहले तीन शिखर सम्मेलनों (लंदन, सियोल और परिस) में मुख्य… Continue reading एआई घोषणापत्र का सार

अगर साहस हो तो

नए हालात भारत को अवश्य ही नए व्यापार समझौते पर जोर देना चाहिए। उसे ये धारणा मजबूत नहीं होने देना चाहिए कि ट्रंप के पास कुछ ऐसे छिपे तीर हैं, जिनके भय से भारत सरकार उनकी हर शर्त मान रही है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ वॉर का पूरा संदर्भ बदल गया… Continue reading अगर साहस हो तो

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