नए नजरिए की तलाश

हालांकि ब्रिक्स+ की अहमियत को कम करके नहीं आंका जा सकता, लेकिन इस समूह के भीतर उद्देश्य की एकता के अभाव के कारण इसके किसी नई विश्व व्यवस्था का सूत्रधार बनने की उम्मीद भी अभी नहीं है। मेजबान भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती 12-13 सितंबर को आयोजित ब्रिक्स+ शिखर सम्मेलन के दौरान सभी सदस्य… Continue reading नए नजरिए की तलाश

अनियंत्रित छोड़ना ठीक नहीं

एंथ्रोपिक के वर्तमान कर्मचारी इवान हुबिंगर ने यह कह कर सनसनी फैला दी है कि उन्हें यह संभावना 10 प्रतिशत से अधिक लगती है कि अगले दशक में एआई से मानव का सर्वनाश हो सकता है। अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनियों से हाल में हुए इस्तीफों ने मानव समुदाय के सामने मौजूद एक गहरे… Continue reading अनियंत्रित छोड़ना ठीक नहीं

सड़कों पर पसरा असंतोष

मुद्दा है कि बजट क्यों नहीं है? दरअसल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर के लिए तमाम उदारता दिखाने वाली सरकारें जब ऐसी बात कहती हैं, तो उनकी विश्वसनीयता स्वतः संदिग्ध हो जाती है। मासिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे मेडिकल (एमबीबीएस) इंटर्न्स पर भोपाल में वॉटर कैनन चलाया गया।… Continue reading सड़कों पर पसरा असंतोष

रेत पर टिका मॉडल

स्टार्ट-अप रिसर्च फर्म ट्रैकसन के मुताबिक एआई में निवेश की लगी होड़ के कारण विदेशी निवेशकों का रुख अमेरिका की ओर मुड़ा। नतीजतन, कम-से-कम 10 भारतीय स्टार्ट-अप्स अपना यूनिकॉर्न का दर्जा गंवा चुके हैं। भारत में कम से कम 10 स्टार्ट-अप्स 2024 के बाद से अपना यूनिकॉर्न दर्जा गंवा चुके हैं। यूनिकॉर्न उन नई टेक… Continue reading रेत पर टिका मॉडल

एक सार्थक न्यायिक हस्तक्षेप

हाई कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों का तानाशाही भरा और असंवैधानिक रवैया “ऑरवेलियन डिस्टोपिया” की धारणा को साकार कर सकता है। कहा जा सकता है कि फिलहाल इससे अधिक सटीक चेतावनी और कोई नहीं हो सकती। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो-टूक फैसला दिया है कि सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाना… Continue reading एक सार्थक न्यायिक हस्तक्षेप

देश को सच बताएं

भारत के अभिन्न अंगों को आधिकारिक भारतीय मानचित्र के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए, इस रुख से देश को आश्वस्त करने के बाद सरकार को यह बताना चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र इस भावना के खिलाफ क्यों गया? सोलहवीं सदी से इस्तेमाल हो रहे मर्केटर मानचित्र को बदलने के प्रस्ताव का संयुक्त राष्ट्र में समर्थन कर… Continue reading देश को सच बताएं

यूं ही चलता रहेगा?

कुछ सवाल हैं, जो हर हादसे बाद उठते हैं। दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी अवैध और असुरक्षित निर्माण तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी के साथ चल रहे आवासीय कारोबार का अड्डा बन गई है। कहानी एक जैसी होती है, सिर्फ घटना का स्थल और उसके शिकार पात्र बदल जाते हैं। हाल में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इमारत… Continue reading यूं ही चलता रहेगा?

परंपरा पर फिर प्रहार

हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के मामले में कोलेजियम, केंद्र, और राज्य- तीनों की अपनी भूमिका है। इसमें से किसी एक को दरकिनार करना पूरी प्रक्रिया की साख को संदिग्ध बना देता है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मामले में एक बार फिर संघीय परंपरा की अनदेखी की… Continue reading परंपरा पर फिर प्रहार

कंपनियों के लिए चेतावनी

रूटो की आम छवि अमेरिका समर्थक की है, लेकिन हाल में उन्होंने चीन से संबंध मजबूत किए हैं। चीन का पहलू अफ्रीका में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए नई चुनौती बन कर उभरा है। बढ़ते राजनीतिक विरोध की चुनौती झेल रहे केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो का भारतीय कंपनी- टाटा केमिकल्स मगाडी को… Continue reading कंपनियों के लिए चेतावनी

आशंकाओं में दम है

जब रकम वापसी शुरू होगी, तो क्या जो संकट अभी टाला गया है, उसका उस समय अधिक बड़े रूप में सामना करना पड़ेगा? क्या फौरी संकट टालने के लिए भविष्य की चुनौतियां बढ़ा ली गई हैं? फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट बैंक (एफसीएनआर-बी) योजना के जरिए अनिवासी भारतीयों और विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों… Continue reading आशंकाओं में दम है

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