पिछले एक दशक से नई दिल्ली ने खुद को एक उभरती शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसके वैश्विक संबंध रणनीतिक प्रभाव में बदलेंगे।..पर कूटनीति भाषणों, कहानियों की प्रतियोगिता नहीं है, वह प्रासंगिकता की परीक्षा है, और जब दुनिया को एक रास्ते की ज़रूरत थी, उसने उसी देश को चुना जो संदेश पहुँचा सकता… Continue reading पाकिस्तान का क्षण, भारत का आईना
