‘कॉकटेल 2’ सिर्फ प्रेम त्रिकोण की कहानी नहीं, बल्कि आधुनिक रिश्तों की असुरक्षा, अकेलेपन और आत्ममुग्धता का दस्तावेज़ बनने की कोशिश करती है। आज के ‘सिने-सोहबत‘ में इसी फ़िल्म पर गहराई से चर्चा करते हैं। फ़िल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पहली फ़िल्म की हूबहू नकल नहीं करती। सिने -सोहबत 2012 में… Continue reading ‘कॉकटेल 2’: प्रदर्शन से दरकते प्रेम की कहानी
