त्रिकालदर्शी ऋषिवर महर्षि पराशर

पराशर का जीवन एक सेतु है—आकाश और पृथ्वी के बीच, ज्ञान और कर्म के बीच, ऋषित्व और लोक के बीच। उन्होंने ज्ञान को गुफाओं से निकालकर खेतों, आकाश और समाज तक पहुँचाया। यही उनकी सबसे बड़ी महत्ता है। आज जब मनुष्य विज्ञान और अध्यात्म के बीच उलझा हुआ है, पराशर का मार्ग हमें संतुलन सिखाता… Continue reading त्रिकालदर्शी ऋषिवर महर्षि पराशर

सभ्यता ध्वंस की भाषा, लोकतंत्र की परीक्षा

भाषा ही यह तय करती है कि क्या सोचा जा सकता है और क्या किया जा सकता है, और जब भाषा से संकोच हटता है तो कल्पना भी सीमाएँ तोड़ देती है, और किसी देश या सभ्यता को मिटा देने की बात केवल बयान नहीं रहती, वह एक तरह की अनुमति बन जाती है।।। आज… Continue reading सभ्यता ध्वंस की भाषा, लोकतंत्र की परीक्षा

खिसियानी हिन्दू खम्भा नोचे!

हिन्दू नेता अपने ही हिन्दू बंधुओं (विरोधी दल) पर जितना शेर बनते हैं, उतना ही मुस्लिम या विदेशी दबंगों के सामने बाएं-दाएं करने लगते हैं। यह मौलाना मुहम्मद अली ने देखा था, और विन्स्टन चर्चिल ने भी। वही बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रंप ने भी देखा है। अधिकांश हिन्दू नेता मजबूत दुश्मन या सहयोगी से… Continue reading खिसियानी हिन्दू खम्भा नोचे!

पाकिस्तान का क्षण, भारत का आईना

पिछले एक दशक से नई दिल्ली ने खुद को एक उभरती शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसके वैश्विक संबंध रणनीतिक प्रभाव में बदलेंगे।..पर कूटनीति भाषणों, कहानियों की प्रतियोगिता नहीं है, वह प्रासंगिकता की परीक्षा है, और जब दुनिया को एक रास्ते की ज़रूरत थी, उसने उसी देश को चुना जो संदेश पहुँचा सकता… Continue reading पाकिस्तान का क्षण, भारत का आईना

नेपाल का युवा मंत्रिमंडल मिसाल बना!

नेपाल का कैबिनेट भारत, चीन सभी से युवा, अधिक समावेशी और योग्यता-आधारित है। भारत और चीन की तुलना में यहां भ्रष्टाचार-विरोधी ‘डिलीवरी बेस्ड गवर्नेंस‘ पर जोर है, जो पड़ोसियों में अक्सर कम देखा जाता है। इस कैबिनेट की सबसे बड़ी ताकत इसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। प्रधानमंत्री बालेन शाह स्वयं स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में एम.टेक हैं। उनकी… Continue reading नेपाल का युवा मंत्रिमंडल मिसाल बना!

पुष्टिमार्ग के प्रणेता वल्लभाचार्य

वल्लभाचार्य का सबसे बड़ा धार्मिक कार्य पुष्टिमार्ग की स्थापना है। “पोषणं तदनुग्रहः” अर्थात भगवान की कृपा ही पोषण है। जहाँ अन्य मार्ग साधना, जप और तप पर जोर देते हैं, वहीं पुष्टिमार्ग पूरी तरह श्रीनाथ जी की कृपा पर आधारित है। उन्होंने पूजा के स्थान पर सेवा को प्रमुख बनाया। 13 अप्रैल वल्लभाचार्य जयंती पंद्रहवीं… Continue reading पुष्टिमार्ग के प्रणेता वल्लभाचार्य

मतदान के अधिकार से वंचितों का क्या होगा?

सर्वोच्च न्यायालय में 13 अप्रैल को सुनवाई होनी है, जहां इन मतदाताओं के वैधानिक अधिकार पर भी निश्चित रूप से चर्चा होगी। अगर इनको मतदान के अधिकार से वंचित किया जाता है तो इससे बहुत खराब मिसाल बनेगी। इसे मिसाल बना कर भविष्य में लोगों को मताधिकार से वंचित किया जा सकेगा और उनके नागरिक… Continue reading मतदान के अधिकार से वंचितों का क्या होगा?

अमेरिकाः पीछे नाकामियां हैं, और आगे बीहड़

ईरान पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन का केंद्र बनेगा।…इस युद्ध पहले तक दुनिया में तीन बड़ी ताकतें (अमेरिका, चीन और रूस) थीं, जबकि यह युद्ध ईरान को चौथी बड़ी ताकत के रूप में स्थापित कर रहा है।   हकीकत तो यह है कि सात अप्रैल की रात अमेरिका जिन शर्तों को शांति वार्ता का आधार बनाने… Continue reading अमेरिकाः पीछे नाकामियां हैं, और आगे बीहड़

विज्ञान के पार की संवेदना है ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’

यहां फ़िल्म किसी आदर्श नायक की छवि नहीं गढ़ती, बल्कि एक साधारण इंसान को दिखाती है, जो डरता है, हिचकिचाता है, पर अंततः सही निर्णय लेने की कोशिश करता है। अक्सर यह बहस होती है कि क्या तकनीक हमें अधिक मानवीय बना रही है या कम। ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ इस बहस को एक अलग दृष्टिकोण… Continue reading विज्ञान के पार की संवेदना है ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’

अमृतकाल के रंगरेज़ और चुनावों के खरगोश

बीजगणित तो कहता है कि असम में इस बार भाजपा कोई सरपट नहीं दौड़ रही है। कांग्रेस से उस का मुकाबला बराबर की टक्कर का है। हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता-लकीर इस बीच इसलिए बहुत तेज़ी से नीचे लुढ़की है कि चुनाव अभियान के दौरान उन की हताशाजनित अहंकारी ज़ुमलेबाज़ी को लोगों ने आमतौर पर… Continue reading अमृतकाल के रंगरेज़ और चुनावों के खरगोश

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