‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ का तोतारटंत तमाशा

निस्संदेह, भारतीय सभ्यता कभी महान थी। पर हजार सालों से भी अधिक समय से वह जिस हाल में गई और अभी जो है — उस में गर्व करने के लिए क्या है? उपनिषद, गीता, योगसूत्र, आदि आध्यात्मिक ज्ञान हैं, वह भी हजारों वर्ष पहले के। तक्षशिला या मौर्य साम्राज्य भी सदियों पहले की स्मृतियाँ है।… Continue reading ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ का तोतारटंत तमाशा

दुनिया बदल रही है पर क्या भारत तैयार?

दुनिया आज उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ शक्ति केवल सैन्य या आर्थिक आकार से तय नहीं होगी, बल्कि उन देशों से तय होगी जो सहयोग के ऐसे नेटवर्क बना सकें जिनमें दूसरे देश भरोसे के साथ शामिल होना चाहें।.. पर आज भारत की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता दोनों पर ऐसे सवाल उठ… Continue reading दुनिया बदल रही है पर क्या भारत तैयार?

अमेरिका का झूठ भी थकता नहीं!

सोशल मीडिया पर @sankofa360 से एक पोस्ट काफ़ी वायरल हुई जिसमें लिखा है कि, “प्रिय दुनिया, क्या तुम अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा झूठ बोलने से थक नहीं गए हो? क्या तुम उस साम्राज्य से थक नहीं गए हो जो खून और मौत की तलाश में नहीं रुकता?… अमेरिका के फैसले गलत साबित होते गए… Continue reading अमेरिका का झूठ भी थकता नहीं!

जस्टीस उज्जल भुइयां के नाम खुला पत्र

भारत में अंतर-मजहबी विवाह न तो नए हैं, न ही अवैध। दो वयस्कों के प्रेम-संबंध में मजहब-जाति, बाधा नहीं बननी चाहिए। लेकिन यदि विवाह छल आधारित हो और उसका उद्देश्य केवल मतांतरण के लिए दबाव बनाना हो, तो वह स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपराध है। माननीय न्यायमूर्ति भुइयां जी, गत 21 फरवरी को हैदराबाद में एक… Continue reading जस्टीस उज्जल भुइयां के नाम खुला पत्र

इतना बेपर्द और बेशर्म क्यों हो गया है अमेरिका?

डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन की विदेश एवं युद्ध नीतियों का क्या मकसद है, अपने इस भाषण में मार्को रुबियो ने इसे दो-टूक या बेहिचक लहजे में दुनिया के सामने रखा।.. यह वह मार्ग है, जिस पर हम आपसे (यूरोप से) हमारे साथ जुड़ने का अनुरोध करते हैं। यह वह मार्ग है, जिस पर हम पहले भी… Continue reading इतना बेपर्द और बेशर्म क्यों हो गया है अमेरिका?

बंगाल में आर-पार की चुनावी लड़ाई

अब बिहार में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। 20 साल का नीतीश कुमार का राज समाप्त हो रहा है। यह संयोग भी है कि ये दोनों राज्य किसी समय बंगाल का हिस्सा रहे थे। इनके बाद अब बंगाल की बारी है। भारतीय जनता पार्टी कुछ इसी अंदाज में चुनाव की तैयारी कर रही… Continue reading बंगाल में आर-पार की चुनावी लड़ाई

आदि शक्ति से आधुनिक नारी

संस्कृति के विकास के श्रेष्ठ काल वैदिक युग में महिलाओं की स्थिति अत्यंत सम्मानजनक थी। उस समय वैचारिक, पारिवारिक और धार्मिक स्वतंत्रता का वातावरण था और समाज में महिलाओं का सम्मान पुरुषों से कम नहीं था। शिक्षा और आत्मविकास के अवसर महिलाओं के लिए खुले थे। सामाजिक बंधन कठोर नहीं थे, इसलिए महिलाओं को भी… Continue reading आदि शक्ति से आधुनिक नारी

‘जब खुली किताब’: रिश्तों के अनकहे पन्ने

पंकज कपूर का किरदार इस कहानी का भावनात्मक केंद्र है। उनका चरित्र एक ऐसे व्यक्ति का है, जो जीवन भर अपने भीतर बहुत कुछ दबा कर जीता रहा है। उसके व्यक्तित्व में एक गहरी चुप्पी है।.. डिंपल कपाड़िया का किरदार इस कहानी में स्मृतियों और भावनाओं की एक महत्वपूर्ण धुरी बनकर उभरता है।  उनके और… Continue reading ‘जब खुली किताब’: रिश्तों के अनकहे पन्ने

अपने गुदगुदे गद्दों की लिप्सा में

युद्ध तीन हफ़्ते चले या तीन महीने, जब ख़त्म होगा तो ईरान अगर हारा तो हार कर भी जीत जाएगा और इज़राइल-अमेरिका जीते भी तो जीत कर हार जाएंगे। इस युद्ध का नतीजा कुछ भी निकले, एक बात तय है कि इस के बाद किसी भी देश पर आक्रमण करने की हिम्मत अमेरिका बरसों-बरस नहीं… Continue reading अपने गुदगुदे गद्दों की लिप्सा में

कबूतरी संचार की पुरानी व्यवस्था

ओडिशा पुलिस की यह सेवा अनूठी है। 1946 में, द्वितीय विश्व युद्ध के ठीक बाद, ओडिशा पुलिस ने इसे शुरू किया। सबसे पहले नक्सल प्रभावित कोरापुट जिले में प्रयोग किया गया। धीरे-धीरे यह 38 स्थानों (जिलों, सब-डिवीजनों, सर्कलों और पुलिस स्टेशनों) तक फैल गई। इस सेवा के चरम पर 19 ‘पिजन लॉफ्ट’ सक्रिय थे, जहां… Continue reading कबूतरी संचार की पुरानी व्यवस्था

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