बेचारे हिन्दू दोहरी चोट झेल रहे हैं — संघ-परिवार का विश्वासघात और ब्लैकमेलिंग। क्या इस से आगे कोई फर्क पड़ेगा? नहीं, राजा बाबू ने सब प्रबंध कर लिया है। कहीं कोई छिद्र नहीं छोड़ा। चाहे संवैधानिक संस्थाओं, रेफरियों पर धब्बा लगता रहे। लिहाजा चुनावी फुटबॉल का नेशनल कप वही जीतते रहेंगे। बाकी इंडिया बस वाचता… Continue reading आगे कुँआ, पीछे मोदी
