युद्धः नौ दिन बाद

अमेरिका- इजराइल और ईरान का युद्ध किसी एक पक्ष की लड़ सकने की क्षमता चूकने जारी रहने की आशंका गहरी होती चली गई है। इसीलिए इसके संभावित आर्थिक एवं भू-राजनीतिक परिणामों को लेकर अब दुनिया चिंतित नजर आ रही है। ईरान पर अमेरिका- इजराइल के साझा हमले के बाद पहले नौ दिन में जाहिर हुआ… Continue reading युद्धः नौ दिन बाद

आजिज़ लोगों की उम्मीद

पुराने दलों एवं नेताओं का मखौल उड़ाना और उन्हें देश की समस्याओं की जड़ बताना बालेंद्र शाह के रैप गानों का थीम रहा। इस तरह उन्होंने जन भावनाओं को आवाज दी। असर हुआ कि लोगों ने उनको ही समाधान मान लिया है। नेपाल के चुनाव नतीजों से साफ है कि वहां के लोग पुरानी पार्टियों… Continue reading आजिज़ लोगों की उम्मीद

विरोध बढ़ाने वाले मुद्दे

इस बहुलता भरे देश में असहमत विचार और विरोधी भावनाओं की एक सीमा से ज्यादा अनदेखी विपरीत परिणाम दे सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि केंद्र असहमत समूहों के साथ संवाद कायम करने का नजरिया अपनाए। पूरे भारत को अपनी विचारधारा के रंग में ढालने की मुहिम में जुटी नरेंद्र मोदी सरकार को ऐसे कदमों… Continue reading विरोध बढ़ाने वाले मुद्दे

भारत तक पहुंची आंच

भारत के अतिथि जहाज को भारतीय जल क्षेत्र के करीब डुबो देना भारत की प्रतिष्ठा के प्रति अमेरिका की बेपरवाही की मिसाल है। इसलिए इस घटना पर भारत को औपचारिक विरोध एवं आपत्ति अवश्य दर्ज करानी चाहिए। ईरान पर अमेरिका- इजराइल के हमले से पश्चिम एशिया में शुरू हुए युद्ध की आंच बुधवार को भारत… Continue reading भारत तक पहुंची आंच

पटरी पर लौटा रिश्ता

मार्क कार्नी की सोच है कि जब बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के कायदों को ठोकर मार रही हैं, मध्यम दर्जे की ताकतों को आपस में मिलकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। भारत यात्रा में उनकी ये सोच प्रतिबिंबित हुई। मार्क कार्नी की भारत यात्रा का सार है कि नए हालात के बीच भारत और… Continue reading पटरी पर लौटा रिश्ता

अर्थव्यवस्था की नई मुसीबत

आरंभ में यही आस जोड़ी गई थी कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग छोटी अवधि वाली होगी। मगर अब इसके लंबा खिंचने की स्थिति बन गई हैं। उससे भारतीय अर्थ जगत में चिंता की लकीरें गहरा गई हैं। अनेक मुश्किलों का पहले से सामना कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने पश्चिम एशिया… Continue reading अर्थव्यवस्था की नई मुसीबत

जीडीपी की नई सीरीज

शुरुआती धारणा यह बनती है कि सरकार ने अपने आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय बनाने की कोशिश की है। संभवतः यह आईएमएफ के निर्णय का असर है, जिसके तहत उसने भारत के आर्थिक आंकड़ों को सी ग्रेड में डाल दिया था। सकल घरेलू उत्पाद की गणना की नई सीरीज के तहत इस वर्ष का अनुमान जारी… Continue reading जीडीपी की नई सीरीज

युद्ध के मकड़जाल में?

खामेनई के उत्तराधिकारियों ने चंद घंटों के अंदर जिस तरह इजराइल के अंदर तथा विभिन्न खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य एवं अन्य ठिकानों को निशाना बनाया, उसका यही पैगाम है कि ईरान ने लंबी लड़ाई की तैयारी कर रखी है। विडंबना ही है कि जिस सुबह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ ओमान के विदेश… Continue reading युद्ध के मकड़जाल में?

बदनीयती से हटता परदा

हालिया न्यायिक निर्णयों ने इस धारणा की पुष्टि की है कि सरकारी एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल हुआ। जिन साक्ष्यों के आधार पर अभियोग दर्ज हुए, उनका सख्त न्यायिक परीक्षण हुआ, तो अधिकांश मामलों में वे टिक नहीं पाए। कथित शराब घोटाले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और 23 अन्य… Continue reading बदनीयती से हटता परदा

न्यायिक प्रतिष्ठा की चिंता

क्या अब ये बात भरोसे के साथ कही जा सकती है कि न्यायपालिका ने अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा कर ली है? आखिर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की धारणा इस हद तक क्यों पहुंच गई कि पाठ्य-पुस्तक में उसका जिक्र होने लगा? एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका के सामने मौजूद चुनौतियों के जिक्र से… Continue reading न्यायिक प्रतिष्ठा की चिंता

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