रैंकिंग से सोचें आगे

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स का अपना महत्त्व है। इसलिए उन पर गौर किया जाना चाहिए। लेकिन कृत्रिम ढंग से उनमें दर्जा बढ़ाने की कोशिशें हानिकारक हैं। फिर रैंकिंग्स में उभरने वाली छवि से बंध जाना सही सोच नहीं है। यह अच्छी खबर है कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। 500… Continue reading रैंकिंग से सोचें आगे

तैयारी क्या है?

इस बार मॉनसून कमजोर रहने की आशंका है। इस चुनौती के मद्देझनर सरकार ने क्या एहतियातन कदम उठाए हैं, इस बारे में उसे देश को भरोसे में लेना चाहिए, ताकि लोग घबराहट से बच सकें। मौसम को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं। आधा जून गुजर चुका है और अटके मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना… Continue reading तैयारी क्या है?

अक्षमता का प्रदर्शन

जिस दौर में संचार माध्यमों की भरमार है और किसी भी प्रतिबंधित ऐप का इस्तेमाल वीपीएन पर जाकर किया जा सकता है, तब एक ऐप को प्रतिबंधित करने का क्या तुक हो सकता है? अनुमान लगाना कठिन है कि भारत सरकार के कर्ता-धर्ता सचमुच यह मानते हैं कि कुछ दिखावटी कदमों का एलान कर देने… Continue reading अक्षमता का प्रदर्शन

बेतुकेपन का रंगमंच

लोकतंत्र में लोकलाज का परदा उतार फेंका जाए, तो फिर बेपदर्गी किस हद तक जाएगी, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है। तब राजनीति बेतुकेपन का रंगमंच बन जाती है, जो आज हमारी हकीकत है। एक राजनीतिक दल, जिसके बारे में कहीं जाना-सुना नहीं गया हो और अपने पूरे चुनावी इतिहास में जिसने एक हजार… Continue reading बेतुकेपन का रंगमंच

पाक का क्या बनेगा?

कोई देश बड़ा भू-राजनीतिक मूल्य रख सकता है। मगर उसके साथ ही अपने राष्ट्रीय विकास की क्षमता के अभाव से वह ग्रस्त भी बना रह सकता है। पाकिस्तान इस विडंबना का नायाब उदाहरण है। ईरान- अमेरिका के बीच समझौता कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा कर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। उसके योगदान की… Continue reading पाक का क्या बनेगा?

बदले संतुलन पर मुहर

यह विडंबना ही है कि जिस ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ‘शक्ति के जरिए शांति’ का सिद्धांत अपनाया है, उसे पश्चिम एशिया में ईरान की शक्ति को स्वीकार करते हुए अमन के लिए तैयार होना पड़ा है! स्मरणीय है कि 27 फरवरी तक पश्चिमी देश ईरान के इस्लामी शासन को वैध नहीं मानते थे।… Continue reading बदले संतुलन पर मुहर

अमेरिका ने सबको निकाला

अमेरिका का मकसद एआई तकनीक में अपने करीब किसी को ना पहुंचने देना है। इस तरह वह फ्रंटियर एआई मॉडलों को राष्ट्रीय-सुरक्षा संपत्ति में बदल रहा है, जिन्हें अब तक वाणिज्यिक उत्पाद समझा जाता था। अमेरिका ने एंथ्रोपिक कंपनी के दो सबसे उन्नत एआई मॉडलों फेबल-5 और माइथोस-5 तक विदेशी नागरिकों की पहुंच रोक दी… Continue reading अमेरिका ने सबको निकाला

एयर में संकटग्रस्त इंडिया

खबरों के मुताबिक एयर इंडिया उड़ानों में कटौती, ऑर्डर दिए विमानों की डिलीवरी लेने में देर, और विस्तार योजनाओं पर विराम लगाने जा रही है। इस बीच उसकी सेवाओं की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। घाटे की दलील देकर दशकों से एयर इंडिया के निजीकरण के पक्ष में माहौल बनाया गया। कहा जाता… Continue reading एयर में संकटग्रस्त इंडिया

भारत की परवाह नहीं!

फारस की खाड़ी की नौसैनिक नाकेबंदी के बावजूद अमेरिकी नौ सेना ने चीन या रूस से संबंधित किसी टैंकर पर हमला नहीं किया है। क्यों? क्या वह उन देशों को मजबूत और भारत को कमजोर मानता है? ओमान की खाड़ी में तीन विदेशी झंडे वाले वाणिज्यिक टैंकरों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मौत… Continue reading भारत की परवाह नहीं!

सीबीएसई के किस्से अनंत हैं

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने इस साल 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम प्रक्रिया से कॉपी जांची है। इसके लिए कोई तैयारी नहीं की गई थी, न प्रशिक्षण हुआ था और न पायलट प्रोजेक्ट चला था और न बहुत अनुभवी व तकनीक से सक्षम कंपनी को ठेका दिया गया था।… Continue reading सीबीएसई के किस्से अनंत हैं

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