महा-गठबंधन की मुश्किलें

गठबंधन की मुश्किलें अलग-अलग स्तरों पर हैं। पहला स्तर तो लालू यादव का परिवार है, जिसमें टूट-फूट की चर्चाओं और दुरभिसंधि की अटकलों से भ्रम लगातार गहराता गया है। फिर घटक दलों में अपनी ताकत को लेकर बैठा हुआ भ्रम है। बिहार में महा-गठबंधन उद्देश्य की एकता का संदेश देने में विफल रहा है। इसके… Continue reading महा-गठबंधन की मुश्किलें

लिस्ट में सबसे नीचे

बुजुर्गों को आत्म-सम्मान की जिंदगी मिले, इसके लिए पर्याप्त और सुविधाजनक पेंशन व्यवस्था अनिवार्य है। मगर भारत में ऐसी बहुत छोटी आबादी है, जिन्हें यह लाभ मिला हुआ है। नतीजतन, वैश्विक पेंशन सूचकांक में भारत सबसे नीचे आया है। रिटायरमेंट के बाद- यानी वृद्धावस्था में- एक न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की दुनिया में मौजूद व्यवस्थाओं… Continue reading लिस्ट में सबसे नीचे

माओवाद का पराभव

यह बहस का मुद्दा है कि माओवाद का पराभव सिर्फ सरकारी नजरिया बदलने के कारण हुआ है, या अतिवादी रणनीति तथा भारतीय राज्य के चरित्र एवं समाज की समझ संबंधी गलतियां माओवादियों को इस मुकाम तक ले आई हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के हाथों भारतीय संविधान की कॉपी ग्रहण कर वरिष्ठ माओवादी नेता… Continue reading माओवाद का पराभव

विकल्प और भी हैं!

भारत की असल चिंता यह है कि सितंबर में साल भर पहले की तुलना में सेवा क्षेत्र के निर्यात में 5.5 प्रतिशत की कमी आई। जबकि सेवा क्षेत्र ने वस्तु व्यापार में घाटे को काफी हद तक संभाले रखा है। डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर का असर सितंबर में पड़ा। अमेरिका के लिए भारत के… Continue reading विकल्प और भी हैं!

गूगल का महा-निवेश

अमेरिका ने पेट्रोडॉलर समृद्ध पश्चिम एशियाई देशों के ऊर्जा एवं वित्त तथा भारत के टेक प्रशिक्षित मानव संसाधन को अपने एआई बौद्धिक संपदा से जोड़ कर इस नई तकनीक में खुद को अग्रणी बनाए रखने की बड़ी योजना बनाई है।  गूगल भारत में आर्टिफिशिलय इंटेलिजेंस हब की स्थापना के लिए 15 बिलियन डॉलर का निवेश… Continue reading गूगल का महा-निवेश

महंगाई दर बनाम मांग

डब्लूपीआई के गिरने का अर्थ है कि थोक खरीद में गिरावट आई। मतलब यह कि कारोबारियों को अगले दो या तीन महीनों में बाजार में मांग बढ़ने की संभावना नजर नहीं आती। ऐसा जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद हुआ है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दर… Continue reading महंगाई दर बनाम मांग

चाहिए सतर्क दृष्टि

ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ वॉर में भारत के प्रति कोई नरमी नहीं बरती है। क्या वार्ता के अगले चरण में वह ऐसा करेगा? या भारत अपनी ‘लक्ष्मण रेखाओं’ एवं विदेश नीति संबंधी संप्रभुता पर समझौता करने पर राजी हो जाएगा? अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के अगले दौर के लिए भारतीय दल… Continue reading चाहिए सतर्क दृष्टि

सबके लिए राहत

गजा लड़ाईबंदी के मौके को बड़ा इवेंट बनाने इजराइल और फिर मिस्र पहुंचे ट्रंप ने एलान किया कि युद्ध रुक गया है, तो दुनिया ने उस पर सहज यकीन किया। मगर ये सवाल कायम है कि यह ‘शांति’ कितनी टिकाऊ होगी? डॉनल्ड ट्रंप की 20 सूत्री ‘शांति योजना’ के तहत गजा में लड़ाई रुकने से… Continue reading सबके लिए राहत

आखिर समाधान क्या है?

कथित जातीय उत्पीड़न के मामले अक्सर सामने आते हैं। मामला शांत होने तक हर बार यही चर्चा होती है कि आज भी किस हद तक जातिगत भेदभाव फैला हुआ है। मगर ऐसी चर्चाएं कभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचतीं। हरियाणा कैडर के आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्म-हत्या को संस्थागत जातीय उत्पीड़न की मिसाल बताया… Continue reading आखिर समाधान क्या है?

पाकिस्तान की खामख्यालियां

बेशक, टीटीपी पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती है। उसके अड्डे अफगानिस्तान में हैं। मुमकिन है कि तालिबान सरकार पाकिस्तान की मर्जी के मुताबिक टीटीपी पर कार्रवाई ना कर रही हो। मगर इसका हल सीधे सैन्य कार्रवाई करना नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर कथानक अपने अनुरूप ढालने में मिली कामयाबी और उसके बाद… Continue reading पाकिस्तान की खामख्यालियां

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