समस्या की जड़ वह आर्थिक दिशा है, जिसमें धन का कुछ परिवारों में संकेंद्रण होता गया है। उस पर ध्यान ना देकर वंचित तबके जातीय आधार पर एक दूसरे के खिलाफ लामबंदी कर रहे हैं। समाज के लिए यह चिंताजनक घटनाक्रम है। महाराष्ट्र सरकार के सामने एक (मराठा) को मनाएं, तो दूजा (ओबीसी) रूठ जाता… Continue reading एक के खिलाफ दूसरा
