कभी गरम, कभी नरम

ईरान होरमुज बंद करने में सक्षम बना हुआ है, इसलिए युदध थमने की उम्मीद जगने के बीच अक्सर ट्रंप का गरम रुख सामने आ जाता है। मगर हालात जल्द ही उन्हें नरम होने पर मजबूर कर देते हैं। डॉनल्ड ट्रंप ईरान को तबाह कर देना चाहते हैं। उनकी ये मंशा हर उस कार्रवाई के बाद… Continue reading कभी गरम, कभी नरम

फिर जोखिम क्यों उठाएं?

रेंटियर अर्थव्यवस्था में, जिनके पास रियल एस्टेट या वित्तीय संपत्तियां हैं, उनकी आमदनी तेजी से बढ़ती है, जबकि श्रम आधारित तबकों के लिए अवसर सिकुड़ते हैँ। भारत में फिलहाल यही हो रहा है। भारत का कॉरपोरेट सेक्टर अब मुनाफे के लिए औद्योगिक या कारोबारी कार्यों पर निर्भर नहीं रह गया है। बल्कि उसका ध्यान उन… Continue reading फिर जोखिम क्यों उठाएं?

चूके अवसरों की कहानी

जिस समय देश में ‘विश्व गुरु’ बनने की खुशफहमी का आलम था, असल में भारत सरकार अवसरों का लाभ उठाने की कारगर रणनीति बनाने में नाकाम रही। दो बड़े थिंक टैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं। दो थिंक टैंक इस समान निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि 2018 के बाद वैश्विक समीकरणों में शुरू हुए तेज… Continue reading चूके अवसरों की कहानी

कोर्ट का मध्यम मार्ग

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का व्यावहारिक अर्थ है कि बिना पर्यावरण मंजूरी लिए शुरू की गईं परियोजनाओं को बाद में हरी झंडी देने का आम रास्ता बंद किया गया है, लेकिन अनेक गलियां खुली रखी गई हैँ। बिना पूर्व पर्यावरण मंजूरी के शुरू कर दी परियोजनाओं को बाद में हरी झंडी देने के लिए 2021… Continue reading कोर्ट का मध्यम मार्ग

सिस्टम का लॉग-जाम

संसदीय परंपरा के तहत निचले सदन में विपक्ष के नेता को ‘प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग’ कहा जाता है। इस रूप में कई राजनीति-शास्त्री इसे प्रधानमंत्री के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण पद बताते हैं। इस मान्यता के पीछे प्रमुख तर्क है कि नेता विपक्ष सरकार से असहमत पूरे जनमत की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। लोकतांत्रिक अपेक्षा… Continue reading सिस्टम का लॉग-जाम

फिर वही पुरानी कथा

ताजा आय कर आंकड़ों से सामने आया है कि ‘अति-समृद्ध’ लोगों की संख्या में भारी उछाल आया है। स्पष्टतः यह देश में कुछ ही हाथों में तेजी से धन केंद्रित होते जाने का ठोस प्रमाण है। इनकम टैक्स रिटर्न के ताजा आंकड़ों ने भारत में बढ़ती गैर-बराबरी की फिर पुष्टि की है। बेशक, रिटर्न फाइल… Continue reading फिर वही पुरानी कथा

कर्ज लेकर मौज उड़ाना

आज 81.8 प्रतिशत नया कर्ज पुराने ऋण पर ब्याज चुकाने के लिए लिया जा रहा है। 2021-22 में 50.9 फीसदी नया ऋण ही इस मकसद से लिया गया था। पांच साल में इसमें 31 प्रतिशत वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार पर कुल कर्ज 2021-22 में 138.66 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में 201.17 लाख… Continue reading कर्ज लेकर मौज उड़ाना

दांव पर लगा इसरो?

इसरो के पूर्व चेयरमैन जी. माधवन नायर ने अब वो राज़ बताया है, जिस पर कयास लग रहे थे। उन्होंने कहा कि इसरो में वैज्ञानिकों के ऊपर नौकरशाहों का शिकंजा कसने की प्रवृत्ति बढ़ी है। इसी महीने यह चौंकाने वाली खबर आई कि तकरीबन 120 वैज्ञानिकों और तकनीक-कर्मियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से… Continue reading दांव पर लगा इसरो?

मामला तकनीकी नहीं है

क्या नए बिल और निलेकणी समिति के गठन से समस्याएं दूर हो जाएंगी? संभवतः नहीं, क्योंकि वजह तकनीकी कमजोरियां नहीं हैं। इसके कुछ कारण नीतिगत हैं, तो कुछ सिस्टम में अंदर तक पहुंचा कथित भ्रष्टाचार। नरेंद्र मोदी सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में उभरी खामियों का तकनीकी समाधान पेश करने की कोशिश की है। इसके अलावा… Continue reading मामला तकनीकी नहीं है

डोपिंग का संगीन साया

वाडा और एआईयू जैसी संस्थाओं की रिपोर्टों से भारत में इस समस्या के लगातार गहराने की पुष्टि हुई है, लेकिन खेल संस्थाओं या सरकार ने इस दिशा में कोई सख्त एवं प्रभावी पहल नहीं की है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन जुडो खिलाड़ी अरुण कुमार को डोप टेस्ट… Continue reading डोपिंग का संगीन साया

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