एक मसला बाकी है

एक बड़ी समस्या बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ी लत है। इसे कैसे नियंत्रित और अनुशासित किया जाए, इस चुनौती का सामना तमाम समाजों को करना पड़ रहा है। भारत में क्या किया जाए, यह महत्त्वपूर्ण सवाल है। ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने का कानून पारित करने के लगभग एक साल बाद केंद्र ने इस… Continue reading एक मसला बाकी है

शाह की चमक गई

रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह ने अपने चंद दिनों के शासनकाल में नेपाल को अशांत कर दिया है। पूर्व सरकारों के खिलाफ भड़के असंतोष के कारण उल्का की तरह उगे शाह स्वच्छ छवि वाली सरकार भी नहीं दे पाए हैं। बालेंद्र शाह को नेपाल का प्रधानमंत्री बने, अभी एक महीना नहीं हुआ है। लेकिन… Continue reading शाह की चमक गई

मणिपुर में अराजक मोड़

मणिपुर के बेकाबू हालात पर कोई राष्ट्रीय चिंता नजर नहीं आती। जबकि वहां पहले ही काफी सामाजिक बिखराव हो चुका है। उसके परिणामस्वरूप अब वहां के राजनीतिक एवं प्रशासनिक ढांचे भी गहरे दबाव में नजर आ गए हैं। मणिपुर में अराजकता जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। रात का कर्फ्यू लागू होने के बावजूद हजारों… Continue reading मणिपुर में अराजक मोड़

निष्पक्ष निर्णय की अपेक्षा

कुछ राजनीतिक दलों और 700 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रमुख नागरिकों का निर्वाचन आयोग के पास अर्जी देने का प्रचार संबंधी महत्त्व चाहे जो हो, उससे आदर्श चुनाव संहिता की गरिमा बहाल करने में शायद ही मदद मिलेगी। दो राज्यों में जारी चुनाव प्रक्रिया के बीच प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम ‘राजनीतिक’ प्रसारण करना… Continue reading निष्पक्ष निर्णय की अपेक्षा

पहली पहल नाकाम हुई

सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की आरंभिक महत्त्वाकांक्षा बंद गली में पहुंच गई है। अतः अब नया रास्ता ढूंढना पड़ रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार ने डिजाइन लिंक्ड इनिशिएटिव (डीएलआई) के तहत स्टार्ट-अप कंपनियों को सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की पहल की थी। इसके तहत अपना डिजाइन तैयार करने वाली कंपनी को 15… Continue reading पहली पहल नाकाम हुई

न्याय होता दिखे भी!

सवाल यह नहीं है कि केजरीवाल की दलीलें कितनी वजनदार थीं। मुद्दा केजरीवाल का यह कहना है कि उन्हें न्यायमूर्ति शर्मा से इंसाफ मिलने का भरोसा नहीं है। इस शक का साया आगे की कार्यवाही पर भी पड़ा रहेगा। यह घिसा-पिटा कथन, लेकिन महत्त्वपूर्ण मानदंड है कि इंसाफ ना सिर्फ होना चाहिए, बल्कि होते हुए… Continue reading न्याय होता दिखे भी!

सिकुड़ता हुआ श्रम बाजार

पीएलएफएस के मुताबिक श्रमिकों को कोरोना काल के पहले एक हफ्ते में जितने घंटे मिलते थे, आज उससे कम मिल रहे हैं। ऐसे में श्रमिकों की सौदेबाजी की क्षमता गिरी है और कार्य-स्थितियां बिगड़ी हैं। नतीजा बढ़ती श्रमिक अशांति है। भारत में 2025 में श्रमिकों के लिए कम कामकाजी घंटे उपलब्ध हुए। यह तथ्य ताजा… Continue reading सिकुड़ता हुआ श्रम बाजार

यूएई का डूबता मॉडल

यूएई ने अमेरिका से डॉलर मुहैया कराने की मांग की है। कहा है कि ऐसा नहीं हुआ, तो वह चीनी मुद्रा में तेल बेचने को मजबूर हो जाएगा। ये घटना खाड़ी क्षेत्र में विकल्पों के तलाश का संकेत देती है। पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई ने खाड़ी क्षेत्र की चूलें हिला दी हैं। ईरान के… Continue reading यूएई का डूबता मॉडल

ईमानदारी सबसे अच्छी नीति

विपक्ष के एकजुट रहने का संदेश है कि जनमत की प्रतिक्रिया उभार कर निर्णायक दबाव बनाने की भाजपा क्षमता अब कमजोर पड़ रही है। मगर प्रधानमंत्री इससे बेखबर नजर आए। नतीजतन, राजनीतिक गतिरोध अब और बढ़ेगा। अपने 12 साल के कार्यकाल की सबसे बड़ी विधायी पराजय का सामना करने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार आत्म-निरीक्षण… Continue reading ईमानदारी सबसे अच्छी नीति

विराम के बाद युद्ध?

अमेरिका ने ऐसा रुख अपनाया है, जैसे दोनों पक्षों के बीच युद्ध कभी हुआ ही नहीं हो! उधर ईरान का नजरिया है कि 39 दिन के युद्ध ने समीकरण बदल दिए हैं और वह अपनी बात मनवाने की स्थिति में है। ईरान और अमेरिका/ इजराइल के शांति समझौते की दिशा में बढ़ने की जागी उम्मीद… Continue reading विराम के बाद युद्ध?

logo