लोगों की बात सुनें

ई-20 की बिक्री अनिवार्य कर दी गई है, तो कार मालिक खुद को लाचार पा रहे हैं। इसका जो विकल्प मौजूद है, वह दुर्लभ और महंगा है। सभी कार उपभोक्ता उसे नहीं अपना सकते। पेट्रोल में इथॉनोल की मिलावट के मुद्दे पर आम कार मालिकों की अंदेशाएं अब असंतोष का रूप ले चुकी हैं। लोग… Continue reading लोगों की बात सुनें

हाफिज सईद का कांटा

सरकार ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर का सहारा लिया। लेकिन, उसे दहशतगर्द ठिकानों तक सीमित रखा गया। फिर अंजाम तक पहुंचने से पहले ही कार्रवाई रोक दी गई। ऐसे में सईद को कैसे सजा मिलेगी? राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम आतंकवादी हमला कांड में दायर पूरक चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित हाफिज सईद का नाम… Continue reading हाफिज सईद का कांटा

फुटबॉल पर लगा दाग

डॉनल्ड ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैतिनो से बात की। उसके तुरंत बाद फीफा ने अमेरिकी खिलाड़ी से रेड कार्ड वापस लेने का एलान किया, जिससे फुटबॉल की पूरी दुनिया भौंचक रह गई है। कुछेक मौकों को छोड़ कर फुटबॉल वर्ल्ड कप वैश्विक उत्सव का मौका रहता आया है। मगर 2026 का टूर्नामेंट उन कुछेक… Continue reading फुटबॉल पर लगा दाग

हंसता मुखड़ा, रोता अंतरा!

संक्षेप देखकर ठहर जाएं, तो मालूम होगा कि श्रम बल में भागीदारी बढ़ी है और बेरोजगारी दर घटी है। लेकिन बारीकी में जाएं, तो सकारात्मक कथानक में मौजूद कई गंभीर कमियां उजागर होने लगती हैं। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रोजगार की स्थिति पर राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (एनएसओ) की ताजा रिपोर्ट चमकती हेडलाइन… Continue reading हंसता मुखड़ा, रोता अंतरा!

मंशा ही नहीं है

अध्ययन के दौरान 26 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों की लगभग 400 ग्राम पंचायतों में करीब 7,800 लोगों के बीच सर्वेक्षण हुआ। उससे सामने आया कि ग्राम सभा की बैठकों लोगों की मौजूदगी घटती चली गई है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट का सार है कि ग्रामीण इलाकों में पंचायती राज व्यवस्था नाकाम… Continue reading मंशा ही नहीं है

राजसत्ता अब ठेंगे पर?

अब इम्तहान राज्य एवं केंद्र सरकारों का है। क्या वे साबित करेंगी कि अनुबंधों में शामिल शर्तों का कुछ अर्थ होता है? अथवा, ऐसी शर्तों को ठेंगे पर रखने की प्रवृत्ति बढ़ाने में वे सहायक बनेंगी? केरल के विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट को लेकर उठा विवाद इस बात की मिसाल है कि भारत में एकाधिकारी पूंजीपति… Continue reading राजसत्ता अब ठेंगे पर?

डेटा सेंटर: पानी और पर्यावरण की नई आफत!

भारत में पानी की कमी पहले से ही कृषि, पीने के पानी और उद्योगों को प्रभावित कर रही है। ऐसे में डेटा सेंटर भूजल निकासी बढ़ाएंगे, जिससे कुओं का स्तर गिरेगा, सूखा बढ़ेगा और किसानों की फसलें प्रभावित होंगी। बिजली की मांग भी बढ़ेगी, जो कोयला-आधारित ग्रिड पर दबाव डालेगी और उत्सर्जन बढ़ाएगी। डिजिटल दुनिया… Continue reading डेटा सेंटर: पानी और पर्यावरण की नई आफत!

बुलाया है, तो जाइए

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर भारत को अमेरिका का पिछलग्गू बना देने का इल्जाम लगाया है। ऐसे में यह अपेक्षित होगा कि मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी पार्टी के नेताओं के साथ ईरान जाएं। ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनई की अंत्येष्टि में भाग लेने के लिए अब भारतीय जनता पार्टी के… Continue reading बुलाया है, तो जाइए

पहल के पीछे कौन?

क्या भारत जम्मू-कश्मीर मसले को द्विपक्षीय वार्ता की मेज पर लाने को तैयार होगा? या पाकिस्तान इसके बिना बातचीत के लिए राजी हो जाएगा? अथवा, फिलहाल तनाव नियंत्रित रखने भर की सोच दोनों देश अपनाएंगे? भारत और पाकिस्तान के 117 व्यक्तियों ने नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ को पत्र लिख कर दोनों देशों में द्विपक्षीय… Continue reading पहल के पीछे कौन?

कार मालिकों को सब्सिडी

जिस देश में कार स्वामित्व कुल आबादी में आठ प्रतिशत से नीचे हो, वहां कार मालिकों को इतनी बड़ी सब्सिडी देना सिरे से काबिल-ए-एतराज है। इससे बेहतर नजरिया डीजल/ पेट्रोल कार रखना महंगा बनाना होता। दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति सही दिशा में पहल है। राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के… Continue reading कार मालिकों को सब्सिडी

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