गहराता हुआ उर्वरक संकट

भारत अपनी 30 फीसदी उर्वरक जरूरत के लिए आयात पर निर्भर है। मगर, कई उर्वरक जो देश में बनते हैं, उनकी इनपुट सामग्रियों पर ध्यान दें, ये तो निर्भरता 70 फीसदी तक बढ़ जाती है। क्या ये स्वस्थ स्थिति है? अभी पिछले साल ही अमेरिका से व्यापार युद्ध के सिलसिले में जब चीन ने उर्वरकों… Continue reading गहराता हुआ उर्वरक संकट

रहस्यमय और खतरनाक

गिरफ्तार लोगों में सबसे संदिग्ध भूमिका अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक की है। वह पहले लीबिया और सीरिया के सशस्त्र संघर्षों में शामिल रह चुका है। वह म्यांमार स्थित विद्रोहियों को ड्रोन युद्धकला सिखाने में लगा हुआ था। छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी का मामला गंभीर है। यूक्रेन सरकार ने इन… Continue reading रहस्यमय और खतरनाक

डिविडेंड मिला नहीं?

जो देश अपनी युवा श्रमशक्ति का पूरा उपयोग नहीं कर पाते, उनके संबंध में आम समझ है कि वे धनी होने से पहले बूढ़ा हो जाते हैं। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत पर डेमोग्रैफिक डिविडेंड गंवा देने का खतरा मंडरा रहा है। युवा आबादी के संभावित लाभ को भारत गंवाने जा रहा है- यह… Continue reading डिविडेंड मिला नहीं?

डंडे और हथकंडे

जिस दौर में ये शिकायत पहले से है कि कुछ कानूनी एवं अन्य विवादित मसलों का इस्तेमाल व्यापार एवं विदेश नीति में भारत सरकार को झुकाने के लिए किया गया है, ताजा रिपोर्ट डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन का एक और हथियार बन सकती है। अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) वैसे तो पिछले कई वर्ष… Continue reading डंडे और हथकंडे

मुसीबत की निशानियां

इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को छोड़ दें, तो बाकी लगभग हर क्षेत्र में निर्यात गिरा है। ऐसे में उत्पादन संबंधी हालात का गंभीर होना लाजिमी है। फरवरी में युवा बेरोजगारी की दर चार महीने के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई। फरवरी में भारत का व्यापार घाटा पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में… Continue reading मुसीबत की निशानियां

सवालों से बेपरवाह

पश्चिम बंगाल में जिन अर्जियों पर अगले 18 दिन में फैसला नहीं हो पाएगा, उनसे संबंधित मतदाताओं के अधिकार की उपेक्षा करते हुए चुनाव कराना किस लिहाज से उचित माना जाएगा? एक भी नागरिक के मताधिकार का हनन अवांछित है। पश्चिम बंगाल में 60 लाख व्यक्तियों के मताधिकार पर अंतिम निर्णय हुए बिना निर्वाचन आयोग… Continue reading सवालों से बेपरवाह

युद्ध हुआ बेकाबू

ट्रंप की टिप्पणियां संकेत हैं कि ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध से निकलने का रास्ता उसे नहीं मिल रहा है। ट्रंप युद्ध पर से अपना नियंत्रण खो चुके हैँ, जिसकी बेचैनी उनके बयानों से जाहिर हुई है। ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के उलझते जाने की स्थिति से व्यग्र डॉनल्ड ट्रंप अपनी नाकामी… Continue reading युद्ध हुआ बेकाबू

वार्ता से निकल आइए!

डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन पर भरोसा करना कठिन होता चला गया है। वह ना तो द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बनी सहमतियों पर कायम रहता है, और ना ही यह भरोसा रहता है कि वार्ता जारी रहने के दौरान वो कोई कार्रवाई नहीं करेगा। भारत (एवं कुछ अन्य देशों) के खिलाफ अपने व्यापार कानून की धारा 301… Continue reading वार्ता से निकल आइए!

दूर नहीं हुआ संदेह?

अर्थशास्त्रियों की ये टिप्पणी महत्त्वपूर्ण है कि प्रमुख आर्थिक संकेतकों और जीडीपी के आंकड़ों के बीच संबंध 2015 में टूटा, जब 2011-12 के आधार पर वर्ष पर नई सीरीज अपनाई गई। इसका एक प्रमुख कारण अनुचित डिफ्लेटर अपनाया जाना था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत बड़े देशों के बीच सबसे तेज गति से विकसित हो… Continue reading दूर नहीं हुआ संदेह?

एक और अविश्वास

मुश्किलें इसलिए पैदा हुई हैं, क्योंकि सत्ता पक्ष ने पद, प्रक्रिया और परिणाम की गरिमा की चिंता छोड़ दी है। व्यापक रूप से संवैधानिक व्यवस्था की साख के साथ क्या हो रहा है, इसकी फिक्र करने की जरूरत वह नहीं समझता। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष ने… Continue reading एक और अविश्वास

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