संतुलित और सही

इच्छा-मृत्यु की प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए अस्पताल अब अधिकृत हो जाएंगे। मगर प्रक्रिया की शुरुआत तभी होगी, जब मरीज के “सर्वोत्तम हित में” विस्तृत मेडिकल समीक्षा कर ली गई होगी। इस तरह इच्छा-मृत्यु का एक कायदा तय हो गया है। अचेतावस्था में पड़े व्यक्ति की चेतना वापस आने की आस टूट गई हो,… Continue reading संतुलित और सही

गैस के लिए हाहाकार

पश्चिम एशिया में युद्ध लंबा खिंचा (जिसकी पूरी संभावना है) और होरमुज जलडमरुमध्य का मार्ग बंद रहा, तो आने वाले दिनों में नोटबंदी या कोरोना काल जैसे परिमाण के संकट का सामना देश को करना पड़ सकता है। रसोई गैस के लिए हाहाकार मच गया है। जगह-जगह से सिलिंडर भरवाने के लिए गैस एजेंसियों के… Continue reading गैस के लिए हाहाकार

ये कैसी उलटी बयार!

पूंजी अभाव का सामना कर रहे इस देश में उलटी बयार चल रही है। एक ओर राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता छोड़ चीनी पूंजी बुलाई जा रही है, तो दूसरी तरफ भारतीय पूंजी ‘अमेरिका फर्स्ट’ का एजेंडा साधने जा रही है! भारत ने सामरिक चिंताओं को ताक पर रखते हुए चीनी पूंजी के लिए अपने दरवाजे खोल दिए… Continue reading ये कैसी उलटी बयार!

खतरा आ पहुंचा है

एआई के कारण नौजवानों के लिए मध्यवर्गीय जिंदगी का सपना लगातार दूर होते जाने की आशंका है। भारत के नीतिकारों को इसका आभास है। मगर उनके पास इसका ठोस एवं सार्थक समाधान भी है, ऐसा कोई संकेत उन्होंने नहीं दिया है।       आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से वित्त, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस, गणित, इंजीनियरिंग, विधि और कार्यालय प्रशासन… Continue reading खतरा आ पहुंचा है

युद्धः नौ दिन बाद

अमेरिका- इजराइल और ईरान का युद्ध किसी एक पक्ष की लड़ सकने की क्षमता चूकने जारी रहने की आशंका गहरी होती चली गई है। इसीलिए इसके संभावित आर्थिक एवं भू-राजनीतिक परिणामों को लेकर अब दुनिया चिंतित नजर आ रही है। ईरान पर अमेरिका- इजराइल के साझा हमले के बाद पहले नौ दिन में जाहिर हुआ… Continue reading युद्धः नौ दिन बाद

आजिज़ लोगों की उम्मीद

पुराने दलों एवं नेताओं का मखौल उड़ाना और उन्हें देश की समस्याओं की जड़ बताना बालेंद्र शाह के रैप गानों का थीम रहा। इस तरह उन्होंने जन भावनाओं को आवाज दी। असर हुआ कि लोगों ने उनको ही समाधान मान लिया है। नेपाल के चुनाव नतीजों से साफ है कि वहां के लोग पुरानी पार्टियों… Continue reading आजिज़ लोगों की उम्मीद

विरोध बढ़ाने वाले मुद्दे

इस बहुलता भरे देश में असहमत विचार और विरोधी भावनाओं की एक सीमा से ज्यादा अनदेखी विपरीत परिणाम दे सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि केंद्र असहमत समूहों के साथ संवाद कायम करने का नजरिया अपनाए। पूरे भारत को अपनी विचारधारा के रंग में ढालने की मुहिम में जुटी नरेंद्र मोदी सरकार को ऐसे कदमों… Continue reading विरोध बढ़ाने वाले मुद्दे

भारत तक पहुंची आंच

भारत के अतिथि जहाज को भारतीय जल क्षेत्र के करीब डुबो देना भारत की प्रतिष्ठा के प्रति अमेरिका की बेपरवाही की मिसाल है। इसलिए इस घटना पर भारत को औपचारिक विरोध एवं आपत्ति अवश्य दर्ज करानी चाहिए। ईरान पर अमेरिका- इजराइल के हमले से पश्चिम एशिया में शुरू हुए युद्ध की आंच बुधवार को भारत… Continue reading भारत तक पहुंची आंच

पटरी पर लौटा रिश्ता

मार्क कार्नी की सोच है कि जब बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के कायदों को ठोकर मार रही हैं, मध्यम दर्जे की ताकतों को आपस में मिलकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। भारत यात्रा में उनकी ये सोच प्रतिबिंबित हुई। मार्क कार्नी की भारत यात्रा का सार है कि नए हालात के बीच भारत और… Continue reading पटरी पर लौटा रिश्ता

अर्थव्यवस्था की नई मुसीबत

आरंभ में यही आस जोड़ी गई थी कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग छोटी अवधि वाली होगी। मगर अब इसके लंबा खिंचने की स्थिति बन गई हैं। उससे भारतीय अर्थ जगत में चिंता की लकीरें गहरा गई हैं। अनेक मुश्किलों का पहले से सामना कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने पश्चिम एशिया… Continue reading अर्थव्यवस्था की नई मुसीबत

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