आरक्षण ठीक है, लेकिन..

Categorized as संपादकीय

पंचायत से संसद तक निर्वाचित संस्थाओं में सामाजिक संरचना का अधिकतम प्रतिनिधित्व हो, इस पर राजनीतिक आम-सहमति है। बहरहाल, जहां तक पंचायती संस्थाओं की बात है, उनके सामने इससे भी बड़े सवाल मौजूद हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए एक खास पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। ये कदम इलाहाबाद हाई कोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उठाया गया है। न्यायालय ने पंचायती संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने इसकी प्रक्रिया भी तय की थी। कहा था कि राज्य सरकार पिछड़ेपन की माप के लिए एक खास आयोग बनाए और फिर संवैधानिक सीमा के अंदर आरक्षण का अनुपात तय करे। उत्तर प्रदेश में तकरीबन आठ लाख पंचायती पद हैं।

इनमें अब ओबीसी का हिस्सा कानूनन तय होगा। पंचायत से संसद तक निर्वाचित संस्थाओं में सामाजिक संरचना का अधिकतम प्रतिनिधित्व हो, कोर्ट ने इस मान्यता के तहत ये निर्णय दिया है। यही सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित जाति- जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रावधान किए गए हैं। यूपी में इसके तहत अब ओबीसी को भी लाया जा रहा है। चूंकि इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति है, अतः इस मसले को विवाद से परे कहा जा सकता है। बहरहाल, जहां तक पंचायती संस्थाओं की बात है, उनके सामने इससे भी बड़े सवाल मौजूद हैं। संविधान में 73वें और 74वें संशोधन के तहत पंचायती राज/ नगर निकायों को शासन के तीसरे स्तर के रूप में जोड़ा गया था।

यह शासन व्यवस्था के विकेंद्रीकरण की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम था। अमेरिका जैसे पूंजीवादी और चीन से जैसे समाजवादी देश में एक समानता वहां मौजूद विकेंद्रीकरण है। चीन में स्थानीय संस्थाओं का कर राजस्व जीडीपी के 11 फीसदी और अमेरिका में 6.4 फीसदी के बराबर है। भारत में यह 0.3 प्रतिशत है। स्पष्टतः भारत में स्थानीय संस्थाओं का अपना ‘राजकोष’ नगण्य है। उनके पास अपनी नौकरशाही भी नहीं है, जबकि चीन और अमेरिका में ये संस्थाएं इस मामले में आत्म-निर्भर है। दरअसल, इन तीनों देशों में विकास के मौजूद फासले का एक प्रमुख कारण यह भी माना जाता है। अतः चुनौती पंचायती राज संस्थाओं को असल में सशक्त बनाने की है। मगर, उससे वोट बैंक की राजनीति नहीं सधती। इसलिए ये पहलू विमर्श से ही गायब हैं।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के सामने ईडी का खतरा

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती तो भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की है ही लेकिन एक बड़ी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की है। वह चुनौती कब और कहां से कांग्रेस को परेशान करने लगेगी यह पता नहीं चल पाता है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि कई बार लगता है…

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

logo