एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के कहने से कार्रवाई कर रही है। केरलम औऱ कर्नाटक दोनों जगह इस तरह के आरोप लगे हैं। कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार के मंत्री सतीश जरकिहोली ने अपने यहां ईडी की छापे की कार्रवाई के लिए कांग्रेस के ही कुछ नेताओं को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा है कि वे जानते हैं कि कांग्रेस के किन नेताओं ने उनके यहां छापे मरवाए हैं और उन्होंने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को दे दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि कांग्रेस के कुछ नेता उनकी सरकार को कमंजोर करना चाहते हैं और इसके लिए भाजपा के साथ मिल कर साजिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब दो साल से भी कम समय रह गया है और भाजपा डीके शिवकुमार को बहुत आराम से सरकार चलाने का मौका नहीं देना चाहती है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री पद से हटाए गए सिद्धारमैया भी शिवकुमार से अपना बदला निकालना चाहते हैं। इस चक्कर में राज्य में कांग्रेस के अंदर ही घमासान मचा है। बहरहाल, केरलम में मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीएम के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने आरोप लगाया है कि ईडी ने उनके और उनकी बेटी व दामाद के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश कांग्रेस नेताओं के कहने पर की है। विजयन का आरोप है कि कांग्रेस के कुछ नेता दिल्ली में भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं और सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट मोर्चा को कमजोर करने की राजनीति कर रहे हैं। विजयन के आरोप तो राजनीतिक लगते हैं लेकिन जरकिहोली की बात में कुछ दम है।
