महिला आरक्षण पर इतनी राजनीति क्यों?

दुनिया में पब्लिक रिलेशन यानी जनसंपर्क के पिता कहे जाने वाले एडवर्ड एल बर्नेस का मानना था कि अगर कोई नेता किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में एक बच्चे का माथा चूमता है तो उससे पहले उसके पास चाइल्ड केयर की कोई अच्छी पॉलिसी तैयार होनी चाहिए। अन्यथा उसका एक्शन सिर्फ ऑप्टिक्स बन कर रह जाएगा। उसका… Continue reading महिला आरक्षण पर इतनी राजनीति क्यों?

केजरीवाल ने जो शुरुआत की है….

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने ऐसी जगह हाथ डाला है, जहां आमतौर पर राजनेता दखल नहीं देते हैं। राजनेताओं का सबसे प्रिय और सबसे ज्यादा बोले जाने वाला जुमला यह है कि न्यायपालिका पर उनको पूरा भरोसा है। केजरीवाल भी कह रहे हैं कि उनको भरोसा है… Continue reading केजरीवाल ने जो शुरुआत की है….

बिहार की नई सरकार की चुनौतियां

बिहार में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार बन गई है। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं। पहली नजर में यह नीतीश कुमार की बनाई राजनीतिक व्यवस्था की निरंतरता प्रतीत होता है। कहा भी यही जा रहा है। खुद नीतीश कुमार ने भी कहा कि वे सरकार का मार्गदर्शन करते रहेंगे और नए मुख्यमंत्री ने भी… Continue reading बिहार की नई सरकार की चुनौतियां

राजनीति का नीतीश युग समाप्त हुआ

यह सिर्फ कहने की बात या सिर्फ औपचारिकता नहीं है कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के साथ ही बिहार में राजनीति के एक युग का अंत हो रहा है। वैसे वे राज्यसभा सदस्य बन गए हैं और खुद भी कह रहे हैं कि बड़े दिनों के बाद दिल्ली आए हैं तो दिल्ली… Continue reading राजनीति का नीतीश युग समाप्त हुआ

ममता को कितने मोर्चे पर लड़ना है?

सचमुच भारतीय जनता पार्टी की विरोधी पार्टियों के लिए चुनाव लड़ना, चुनाव जीतना और जीतने के बाद सरकार चलाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। हर पार्टी को एक से ज्यादा मोर्चे पर लड़ना होता है और एक मोर्चे पर कमजोर लड़ाई का असर बाकी सब पर भी पड़ता है। पहले चुनाव होते तो सिर्फ… Continue reading ममता को कितने मोर्चे पर लड़ना है?

भाजपा 2029 की चिंता में है

यह लाख टके का सवाल है कि भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण और परिसीमन की टाइमलाइन को प्रीपॉन्ड क्यों किया है? एक सवाल यह भी है कि जो दांव 2034 के लोकसभा चुनाव के हिसाब से प्लान किया गया था उसे 2029 में ही इस्तेमाल करने का फैसला क्यों हुआ है? अगर कोई कहता… Continue reading भाजपा 2029 की चिंता में है

चालीस दिन की जंग से अमेरिका को क्या मिला?

पश्चिम एशिया में जंग थम गई है। 40 दिन के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुआ है। हालांकि इजराइल इससे खुश नहीं है लेकिन अमेरिका के तैयार हो जाने के बाद उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा था। अब सवाल है कि यह सिर्फ अस्थायी युद्धविराम है या अगले दो हफ्तों में जो… Continue reading चालीस दिन की जंग से अमेरिका को क्या मिला?

मतदाताओं को कितना मासूम समझती हैं पार्टियां

पांच राज्यों के चुनाव चल रहे हैं और जिस तरह के मुद्दे उठाए जा रहे हैं, पार्टियां जिस तरह के बयान दे रही हैं और जिन उपायों के जरिए अपने को मतदाताओं का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने की कोशिश कर रही हें उन्हें देख कर यह सवाल दिमाग में आता है कि पार्टियां मतदाताओं… Continue reading मतदाताओं को कितना मासूम समझती हैं पार्टियां

बिहार को प्रयोगशाला बना दिया

बिहार राजनीति की प्रयोगशाला बना हुआ है। पांच महीने पहले नीतीश कुमार 80 फीसदी से ज्यादा सीटें जीत कर एनडीए के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उनको अभी हटाना है क्योंकि उनकी सेहत ठीक नहीं है। हालांकि यह कहा नहीं गया कि सेहत खराब होने और वह भी मानसिक सेहत की वजह से उनको हटाया जा… Continue reading बिहार को प्रयोगशाला बना दिया

बड़ा खतरा बन सकता है एआई

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर गजब का यूफोरिया मचा है। हर जगह एआई की चर्चा है। मीडिया में एआई के जरिए कामकाज होने की खबरें हैं तो लीगल सर्किल में एआई की चुनौतियों की चर्चा है। कॉरपोरेट हाउसेज और इंड्रस्ट्रीज में इस बात पर मंथन चल रहा है कि एआई का इस्तेमाल करके कैसे… Continue reading बड़ा खतरा बन सकता है एआई

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