इस महीने खत्म हो जाएगा नक्सलवाद!

नक्सलवाद खत्म होने में अब दो हफ्ते से कम समय बचे हैं। अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तय किए गए लक्ष्य के मुताबिक बिल्कुल सटीक कहें तो आज से 14 दिन के बाद 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। लेकिन क्या सचमुच उग्र वामपंथी हिंसा समाप्त हो जाएगी या इसके समाप्त… Continue reading इस महीने खत्म हो जाएगा नक्सलवाद!

राज्यों के चुनाव हैं सभ्यतागत संघर्ष नहीं

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव वैसे तो दोनों सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों के साथ साथ मजबूत प्रादेशिक क्षत्रपों और वामपंथी पार्टियों के लिए परीक्षा वाले हैं। लेकिन ये चुनाव खासतौर से भाजपा के लिए परीक्षा वाले इसलिए हैं क्योंकि इनके नतीजों से पता चलेगा कि भाजपा गैर कांग्रेस दलों और प्रादेशिक… Continue reading राज्यों के चुनाव हैं सभ्यतागत संघर्ष नहीं

यह कैसा अविश्वास प्रस्ताव था?

विपक्षी नेताओं की ओर से कहा जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने का उनका मकसद पूरा हो गया। वे देश को बताना चाहते थे कि स्पीकर ओम बिरला पक्षपात करते हैं और नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता है। दूसरे विपक्षी सांसदों को भी बोलने से रोका जाता है और उनके… Continue reading यह कैसा अविश्वास प्रस्ताव था?

‘आत्मनिर्भर भारत’ और तेल का संकट

दस साल हो गए, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरुरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सात फरवरी 2016 को ओडिशा के पारादीप में भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन यानी आईओसी की एक रिफाइनरी का उद्घाटन करते हुए… Continue reading ‘आत्मनिर्भर भारत’ और तेल का संकट

क्या कोई तीसरा मोर्चा भी बन सकता है?

अभी राष्ट्रीय राजनीति दो ध्रुवीय हो गई है। एक तरफ भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए है तो दूसरी ओर बिना नेतृत्व वाला ‘इंडिया’ ब्लॉक है। सोचें, आधिकारिक रूप से विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का कोई नेता नहीं है। कोई अध्यक्ष या संयोजक नहीं है। इसका कोई सचिवालय नहीं बन पाया है, जिसकी चर्चा 2023 में हुई… Continue reading क्या कोई तीसरा मोर्चा भी बन सकता है?

नीतीश के बाद बिहार की राजनीति कैसे होगी?

बिहार की राजनीति में बुनियादी बदलाव हो रहा है। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं हो रहा है कि पिछले तीन दशक से ज्यादा समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे चेहरे बदल रहे हैं, बल्कि इसलिए हो रहा है कि पहली बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने जा रही है। पहली… Continue reading नीतीश के बाद बिहार की राजनीति कैसे होगी?

बेहतर विदाई के हकदार थे नीतीश

बिहार में नीतीश कुमार युग का अंत हो गया है। इसमें कोई हैरानी या दुख की बात नहीं है। हर नेता का युग आता है और समाप्त होता है। बिहार में ही जैसे लालू प्रसाद का युग खत्म हुआ वैसे ही नीतीश का भी खत्म हुआ। फर्क इतना है कि लालू प्रसाद चुनाव हार कर… Continue reading बेहतर विदाई के हकदार थे नीतीश

ईरान युद्ध का लक्ष्य कैसे हासिल होगा?

पुरानी कहावत है कि ‘चुनाव से पहले, युद्ध के दौरान और शिकार के बाद सबसे ज्यादा झूठ बोले जाते हैं’। सो, ईरान में युद्ध चल रहा है और झूठ की चौतरफा बौछार हो रही है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि युद्ध अमेरिका ने शुरू नहीं किया… Continue reading ईरान युद्ध का लक्ष्य कैसे हासिल होगा?

युद्ध का भारत पर बड़ा असर होगा

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में भारत पक्षकार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युद्ध शुरू होने से दो दिन पहले जरूर इजराइल की यात्रा पर गए थे। लेकिन भारत इस सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं है। इसके बावजूद इस युद्ध का बड़ा असर भारत के ऊपर होगा। भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा… Continue reading युद्ध का भारत पर बड़ा असर होगा

सारी असहमतियां साजिश नहीं होतीं!

मार्क्स के द्वंद्वात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत इस प्रस्थापना पर टिका है कि कोई भी विचार पूर्ण नहीं होता है। जैसे ही एक विचार प्रकट होता है उसका प्रति विचार भी प्रकट हो जाता है। फिर इन दोनों में टकराव से एक नया विचार पैदा होता है और उसके पैदा होते ही उसका प्रति विचार भी… Continue reading सारी असहमतियां साजिश नहीं होतीं!

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