मुद्दे से ना भटकें

Categorized as संपादकीय

देश के सामने असल सवाल वो ब्योरा है, जो जनरल नरावणे ने लद्दाख क्षेत्र में 2020 में हुई घटनाओं के बारे में दिया है। उन घटनाओं से भारतीय सेना के अंदर कमान शृंखला को लेकर प्रश्न उठे हैं।

पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरावणे की कथित रूप से अप्रकाशित किताब कैसे छपे रूप में और उसकी पीडीएफ कॉपियां आम लोगों तक पहुंच गईं, यह प्रकाशक पेंगुइन इंडिया के लिए अहम मसला हो सकती है, लेकिन देशवासियों के सामने यह मुख्य मुद्दा नहीं है। देश के सामने असल सवाल वो ब्योरा है, जो जनरल नरावणे ने 2020 में भारतीय सीमा के अंदर चीन की पैठ बनने और उसी क्रम में कैलाश रेंज में हुई घटना के बारे में दिया है। उन घटनाओं से भारतीय सेना के अंदर कमान शृंखला को लेकर प्रश्न उठे हैं। चूंकि उससे सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व सवालों के घेरे में आया है, तो कुछ दूसरे हलकों से जनरल नरावणे के कर्त्तव्य निर्वाह के रिकॉर्ड पर निशाने साधे गए हैं।

पूछा गया है कि जब मई- जून 2020 से चीनी सेना ने लद्दाख क्षेत्र में भारतीय इलाके में घुसपैठ की, तो उसे रोकने में भारतीय सेना क्यों नाकाम रही? उस दौरान खुद जनरल नरावणे के दिए कुछ बयानों का उद्धरण देते हुए कहा गया है कि तत्कालीन सेनाध्यक्ष ने चीनी कार्रवाइयों की गंभीरता की या तो उपेक्षा की अथवा उन्होंने उससे देश को नावाकिफ रखा। उधर जनरल नरावणे की किताब से संकेत मिलता है कि सेना को ‘टॉप’ से बिना अनुमति के फायरिंग ना करने का निर्देश था। इसी बीच एक संकटपूर्ण मौका आया और तत्कालीन सेनाध्यक्ष ने दिशा-निर्देश मांगा, तो राजनीतिक नेतृत्व ने पहले तो लेट-लतीफी की और फिर उन पर डाल दिया गया कि “जो उचित लगे” उसे वे करें।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस पूरे प्रकरण में युद्ध संबंधी टैक्टिकल, ऑपरेशनल, एवं स्ट्रेटेजिक निर्णय प्रक्रिया घालमेल का शिकार हो गई लगती है। चूंकि ये बात बहुचर्चित हुई है, तो भारत के ‘दुश्मनों’ ने भी उस पर गौर किया होगा। इसलिए असल सवाल ऐसी कमजोरियों को तुरंत दूर करने का है। जरूरी यह है कि इस पर समग्र चर्चा हो और जवाबदेही की शृंखला तय की जाए। इसके विपरीत किताब कैसे सार्वजनिक हो गई, जैसे मुद्दे को योजनाबद्ध ढंग से तरजीह दी जा रही है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रकाशक के साथ-साथ पुस्तक लेखक भी इसमें सहयोगी बन गए हैं।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के सामने ईडी का खतरा

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौती तो भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की है ही लेकिन एक बड़ी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की है। वह चुनौती कब और कहां से कांग्रेस को परेशान करने लगेगी यह पता नहीं चल पाता है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि कई बार लगता है…

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

logo