आर्थिक विकास की जटिलताएं

Categorized as संपादकीय

भारत की ताकत फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और आईटी सेवाओं में है, जो उच्च जटिलता वाले क्षेत्रों में आते हैं। लेकिन कृषि और प्राथमिक वस्तुओं की बड़ी हिस्सेदारी आर्थिक जटिलता सूचकांक पर भारत के ऊपर जाने में रुकावट है।

 जो देश मैनुफैक्चरिंग की विविधापूर्ण एवं बारीक क्षमताएं विकसित करते हैं, उनका तेजी से विकास होता है। ये निष्कर्ष हार्वर्ड ग्रोथ लैब का है। अमेरिका के मशहूर हार्वर्ड केनेडी स्कूल से संबंधित ये अध्ययन केंद्र ने विभिन्न देशों की उत्पादक क्षमता को मापते हुए आर्थिक जटिलता सूचकांक (ईसीआई) तैयार करता है। उसका दावा है कि इस पैमाने से विकास की रफ्तार का किसी अन्य पैमाने की तुलना में अधिक सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। लैब अपने सूचकांक के आधार पर इस नतीजे पर है कि अगले दशक में प्रति व्यक्ति आर्थिक वृद्धि का अग्रणी देश वियतनाम होगा।

यानी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका चीन इस मामले में वियतनाम से पीछे रहेगा। संस्था का निष्कर्ष है कि अगले दस साल तक वैश्विक ग्रोथ का नेतृत्व पूर्वी एशिया के हाथ में बना रहेगा। ईसीआई पर जापान पहले, ताइवान दूसरे, दक्षिण कोरिया चौथे और सिंगापुर पांचवें नंबर पर आया है। गुजरे पांच साल में तीन अंकों की उछाल हासिल करते हुए चीन अब टॉप 10 में पहुंच गया है, जबकि अमेरिका गिर कर 20वें स्थान पर चला गया है। 145 देशों की इस सूची में भारत को 41वें स्थान पर रखा गया है। विश्लेषकों के मुताबिक भारत का स्कोर मध्यम स्तर पर है, जो यह दिखाता है कि भारत की उत्पादन संरचना विविध तो है, लेकिन उच्च-तकनीक और जटिल उत्पादों में पर्याप्त विस्तार का अभाव है।

इस सूचकांक में भारत को ऊपर चढ़ना है, तो उसे उच्च मूल्य वाले और तकनीकी रूप से परिष्कृत वस्तुओं के उत्पादन की क्षमता विकसित करनी होगी। भारत की ताकत फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और आईटी सेवाओं में है, जो उच्च जटिलता वाले क्षेत्रों में आते हैं। लेकिन कृषि और प्राथमिक वस्तुओं की बड़ी हिस्सेदारी ईसीआई पर भारत के ऊपर जाने में रुकावट है। ईसीआई में मुख्य ध्यान ज्ञान एवं उच्च उत्पादन क्षमताओं पर केंद्रित है। इन्हें किसी देश में उत्पादक ढांचे के विकास का सबसे अहम हिस्सा माना गया है। ये रिपोर्ट एक आईना है, जिससे पता चलता है कि दुनिया विकास कथाओं को किन कसौटियों पर देख रही है। भारतवासियों को इसमें अपना चेहरा जरूर देखना चाहिए।


Previous News Next News

More News

ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म किया

June 13, 2026

नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त कर दिया है। युद्ध शुरू होने के करीब ढाई महीने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। इसके साथ ही सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आई है कि रविवार…

नेतन्याहू का ईरान पर निशाना

June 13, 2026

नई दिल्ली। ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एकतरफा ऐलान से हैरान हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि वे जब तक इजराइल के प्रधानमंत्री हैं, तब तक ईरान परमाणु बम नहीं बना पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे…

अमेरिकी राजनयिक दूसरी बार तलब

June 13, 2026

नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को एक बार फिर अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। होर्मुज की खाड़ी के पास भारतीय नाविकों वाले टैंकर पर अमेरिका की ओर से किए गए हमले का विरोध दर्ज कराने के लिए विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। 24 घंटे में दूसरी बार अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जेसन…

अब भी द्रोणागिरी पर्वत लाएंगे या नहीं राहुल?

June 13, 2026

सब नसीब की बातें हैं। एक देश है, एक संविधान है, सब के लिए एक नियम-क़ानून हैं, फिर भी अगर भोपाल और रांची में किसी का आसमानी सुल्तानी से सब-कुछ छिन जाता है और किसी को सब-कुछ मिल जाता है तो इसे आप नसीब का खेल नहीं मानेंगे तो और क्या मानेंगे? इसलिए देना है…

नाविकों की मौत पर राहुल ने उठाए सवाल

June 13, 2026

नई दिल्ली। होर्मुज की खाड़ी के पास अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने की घटना पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस मामले पर चुप्पी साधने के लिए उनको कठघरे में खड़ा किया। राहुल ने कहा कि तीन दिनों में…

logo