युवाओं को रोजगारदाता बनाने की दिशा में योगी सरकार की बड़ी पहल

Categorized as प्रादेशिक समाचार

उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ‘यूथ अड्डा’ पहल को प्रदेश भर में विस्तार देने का निर्णय लिया है।

सरकार का कहना है कि यह पहल नई पीढ़ी की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और इसके माध्यम से युवाओं को उद्यमिता के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने पर विशेष बल दे रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत संचालित ‘यूथ अड्डा’ को उद्यमिता के समग्र मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस मंच पर युवाओं को व्यवसाय की अवधारणा तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण, उद्यम पंजीकरण, डिजिटल विपणन, ई-कॉमर्स तथा अनुभवी उद्यमियों की मेंटरशिप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रवक्ता के अनुसार, यूथ अड्डा का विशेष फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों पर है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल रोजगार की तलाश तक सीमित न रखकर उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है।

Also Read : महबूबा ने जंतर-मंतर पर दिये बयान के लिए मांगी माफी

उन्होंने बताया कि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों तक किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को भी इससे जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन में सहयोग देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सरकार ने वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ने, 1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराने, 10,000 से अधिक नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करने तथा 25,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा है।

प्रवक्ता ने बताया कि इस पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह के अनुसार संस्था युवाओं को प्रशिक्षण, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण तथा उद्योग जगत से जोड़ने का कार्य कर रही है।

उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सफल उद्यमी बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देना तथा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देना है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

स्वराज्य प्राप्ति में गणपति उत्सव का योगदान

September 14, 2026

युगों युगों से गणेश उत्सव का आयोजन होता आ रहा है। उत्सव के प्रमाण हमें सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है। गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी। मराठा शासकों के दौर से उत्सव के इस क्रम को जारी…

logo