सरकार अभी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से मिले जख्मों को सहला ही रही है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी ई-20 पेट्रोल के खिलाफ आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ई-20 पार्टी का गठन हो गया है। इस पार्टी को सोशल मीडिया में पर्याप्त समर्थन भी मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी की तरह तो नहीं लेकिन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से माइलेज और इंजन की परेशानी झेल रहे आम लोग इसके खिलाफ आवाज उठाने को तैयार हैं। बताया जा रहा है कि अगले महीने ई-20 पार्टी के लोग भी प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन ने सरकार को आगाह कर दिया है। इसलिए संभव है कि उनको जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिले।
लेकिन ई-20 पार्टी की तैयारी पूरे देश में आंदोलन की है। जिस तरह से कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के पीछे अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी का हाथ था और उन्होंने हर तरह से मदद दी वैसे ही केजरीवाल इथेनॉल के मिश्रण के मामले में भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने भी ऐलान किया है कि ई-20 पेट्रोल से प्रभावित लोगों का प्रदर्शन कराने वाले हैं। यह आंदोलन भी सरकार के लिए बड़ा सरदर्द होने वाला है। पंजाब और उत्तर प्रदेश में ऐसे अनेक लोग सामने आ रहे हैं, जो कहानियां सुना रहे हैं कि कैसे उनकी 20 लाख या 50 लाख या डेढ़ करोड़ की गाड़ी ई-20 पेट्रोल की वजह से खराब हो गई। यह आम लोगों से जुड़ा मामला है। तभी सरकार अभी से डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। लोगों को समझाने से लेकर डराने तक के उपाय किए जा रहे हैं।
