आम आदमी पार्टी की राजनीति का एक हिस्सा अपने चुनाव जीतने का तो है लेकिन साथ ही दूसरा हिस्सा कांग्रेस को कमजोर करते जाने का भी है। पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी ने गोवा और गुजरात में कांग्रेस का बड़ा नुकसान किया था। गुजरात में आप को 13 फीसदी के करीब वोट मिले थे, जिसकी वजह से कांग्रेस सिर्फ 17 सीटों पर सिमट गई थी। आप के पांच विधायक जीते थे। पहली बार हुआ कि गुजरात में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी भी नहीं बन पाई। इसी तरह गोवा में आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने मिल कर कांग्रेस की संभावनाओं को मटियामेट कर दिया। ध्यान रहे 2017 के चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। लेकिन 2022 में आप और तृणमूल ने मिल कर करीब 12 फीसदी वोट हासिल किए, जिससे कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ। आप के दो सीटें मिली थीं।
अब आम आदमी पार्टी एक बार फिर गोवा में कांग्रेस का खेल बिगाड़ने की तैयारी में है। कुछ समय पहले कांग्रेस और आप के तालमेल की चर्चा चल रही थी। लेकिन पंजाब की चिंता में कांग्रेस ने कदम पीछे खींच लिए। अब आप ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ तालमेल कर लिया है। पिछले चुनाव में गोवा फॉरवर्ड पार्टी का तालमेल कांग्रेस के साथ था। अब वह आप के साथ चली गई। दोनों ने मिल कर ‘गोवा फर्स्ट’ नाम से गठबंधन किया है। यह कांग्रेस के लिए बड़ी चिंता की बात है। कांग्रेस भी रिवोल्यूशनरी गोवन पार्टी के साथ तालमेल करेगी और हो सकता है कि तृणमूल कांग्रेस अलग लड़ने की बजाय कांग्रेस के साथ ल़ड़े। लेकिन इस बार कांग्रेस को लग रहा था कि भाजपा की लगातार सरकार होने के कारण उसके खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी हैं, जिसका लाभ कांग्रेस को होगा। लेकिन आम आदमी पार्टी ने गोवा में गैर भाजपा और गैर कांग्रेस राजनीति का एक विकल्प खड़ा कर दिया है। इस समय देश में ‘जेन जी’ की वजह से माना जा रहा है कि मौजूदा सत्तारूढ़ पार्टी और मौजूदा विपक्ष दोनों से उनकी नाराजगी है। ऐसे में तीसरा विकल्प प्रभावी हो सकता है। अगर आप नहीं भी जीते तो गोवा में कांग्रेस को हराने का काम वह कर देगी।
