कैसे समझें अमेरिका के नग्न तांडव को

ट्रंप और उनके अधिकारियों को इस बात का श्रेय देना होगा कि वे अपने मकसद को लेकर अक्सर कोई लाग-लपेट नहीं दिखाते। वे वही बोलते हैं, जो उनका मकसद है। … सार यह कि अमेरिक चाहता है कि दुनिया के तमाम देश अपने प्राकृतिक संसाधनों तक अमेरिकी कंपनियों की पहुंच निर्बाध बनने दें, अपने बाजार… Continue reading कैसे समझें अमेरिका के नग्न तांडव को

जंग ख़त्म, संघर्ष बाक़ी: ‘सूबेदार’

यह फ़िल्म युद्धभूमि से लौटे एक सैनिक की कहानी है, जो अपने ही समाज में मौजूद अन्याय, भ्रष्टाचार और हिंसा से जूझता है। इस अर्थ में ‘सूबेदार’ सिर्फ़ एक एक्शन-ड्रामा नहीं, बल्कि आधुनिक भारतीय समाज के नैतिक संकट का सिनेमाई रूपक भी है। फ़िल्म का केंद्रीय पात्र सूबेदार अर्जुन मौर्य है, जिसकी भूमिका अनिल कपूर… Continue reading जंग ख़त्म, संघर्ष बाक़ी: ‘सूबेदार’

क्रिकेट में तो हुए विश्वगुरु!

बीसमबीस विश्वकप 2026 में अपने खिलाड़ियों ने किंवदंती नुमां क्रिकेट खेली। .. अमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर सवा-लाख लोगों ने बीसमबीस विश्वकप जीत का भव्य उत्सव मनाया। सभी ने खिलाड़ियों का परिवार से मिलना देखा। सेल्फी और फोटो खिंचवाना चला। देश-विदेश से खूब वाहवाही मिली। देश भर को गर्व की अनुभूति हुई। इसलिए क्रिकेट… Continue reading क्रिकेट में तो हुए विश्वगुरु!

पारस-शिलाओं के स्पर्श से वंचित ओम बिरला

चलिए, जो हुआ, सो, हुआ। बिरला फिर आसनारूढ़ हैं। उन्हें होना ही था। कोई दूर-दूर तक सपने में भी यह नहीं सोच रहा था कि उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित हो जाएगा। सो, सब प्रतीकात्मक था। मगर बिरला अगर थोड़े भी संवेदनशील हैं तो यह अहसास उन्हें ज़रूर कचोट रहा होगा कि भारतीय संसद के… Continue reading पारस-शिलाओं के स्पर्श से वंचित ओम बिरला

शिक्षण संस्थाओं में अब भाईसाहबों का बोलबाला

अब भारत में एक भी बौद्धिक, साहित्यिक मंच, पत्रिका नहीं जो देश में भी जानी जाती हो। यह शिक्षा को दलबंदी के हवाले करने से हुआ। अंग्रेज शासक शिक्षा संस्थानों के लिए भारत या बाहर से भी केवल विद्वानों को ही खोज कर लाते थे। जबकि देसी शासक अकादमिक कुर्सियाँ भी प्रायः दलीय कारकूनों, मुंशियों,… Continue reading शिक्षण संस्थाओं में अब भाईसाहबों का बोलबाला

लड़ाकू विमान अपग्रेड का हाल कहीं पहल जैसा न हो

दावा है कि छठी पीढ़ी की ओर अपग्रेड से ‘एमका’ अमरीका के ‘नेक्स्ट जनरेशन एयर डोमिनेन्स’ (NGAD) या चीनी छठी पीढ़ी कार्यक्रमों से मुकाबला अवश्य कर सकेगा। लेकिन वहीं इस परियोजना में चुनौतियां भी हैं। जैसे कि इंजन विकास में देरी, फंडिंग की कमी और समयसीमा का पालन। इसलिए यदि ‘एमका’ को एक सफल परियोजना… Continue reading लड़ाकू विमान अपग्रेड का हाल कहीं पहल जैसा न हो

‘राष्ट्रवादी’ देसी शासकों ने शिक्षा को बनाया बाँझ

जो लोग मैकाले को कोसते और ‘इंडियन नॉलेज‘ का डंका पीटते हैं, वही दूसरी साँस में भारतीय इंजीनियर, डॉक्टर और टीचर ‘एक्सपोर्ट‘ करने की डींग भी हाँकते हैं। जबकि ऐसे भारतीय मैकाले-शिक्षा, यानी अंग्रेजों की देन हैं! इसी तरह, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्‘ बोल कर फूलते हैं, वही अमेरिका और यूरोप को नीच बताते हैं। ऐसे… Continue reading ‘राष्ट्रवादी’ देसी शासकों ने शिक्षा को बनाया बाँझ

‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ का तोतारटंत तमाशा

निस्संदेह, भारतीय सभ्यता कभी महान थी। पर हजार सालों से भी अधिक समय से वह जिस हाल में गई और अभी जो है — उस में गर्व करने के लिए क्या है? उपनिषद, गीता, योगसूत्र, आदि आध्यात्मिक ज्ञान हैं, वह भी हजारों वर्ष पहले के। तक्षशिला या मौर्य साम्राज्य भी सदियों पहले की स्मृतियाँ है।… Continue reading ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम’ का तोतारटंत तमाशा

दुनिया बदल रही है पर क्या भारत तैयार?

दुनिया आज उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ शक्ति केवल सैन्य या आर्थिक आकार से तय नहीं होगी, बल्कि उन देशों से तय होगी जो सहयोग के ऐसे नेटवर्क बना सकें जिनमें दूसरे देश भरोसे के साथ शामिल होना चाहें।.. पर आज भारत की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता दोनों पर ऐसे सवाल उठ… Continue reading दुनिया बदल रही है पर क्या भारत तैयार?

अमेरिका का झूठ भी थकता नहीं!

सोशल मीडिया पर @sankofa360 से एक पोस्ट काफ़ी वायरल हुई जिसमें लिखा है कि, “प्रिय दुनिया, क्या तुम अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा झूठ बोलने से थक नहीं गए हो? क्या तुम उस साम्राज्य से थक नहीं गए हो जो खून और मौत की तलाश में नहीं रुकता?… अमेरिका के फैसले गलत साबित होते गए… Continue reading अमेरिका का झूठ भी थकता नहीं!

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