‘इक्कीस’ कई स्तरों पर काम करती है। एक स्तर पर यह साहस और कर्तव्य की कहानी है; दूसरे स्तर पर यह उम्र और ज़िम्मेदारी के असंतुलन की पड़ताल करती है। फ़िल्म यह सवाल उठाती है कि वीरता क्या है, क्या वह डर का न होना है, या डर के बावजूद आगे बढ़ना? यहां वीरता किसी… Continue reading वक़्त की छटपटाहट है ‘इक्कीस’
