एक प्रधानमंत्री जी मानते हैं कि उन की निर्णयात्मक क्षमता अभूतपूर्व है, अद्भुत है और सटीक है। सो, वे बिना किसी से सालह-मशवरा करे निर्णय लेते हैं और सब पर थोप देते हैं। उन्हें इस से कोई लेनादेना ही नहीं है कि उन का फ़ैसला कितना अर्थवान है और कौन क्या सोचेगा?… इसलिए इसी में… Continue reading न सफेद झक्क, न काली कट्ट
