भारत में ही सबसे पहले गणतंत्र था

बिहार का वैशाली (लिच्छवी गणराज्य) विश्व का पहला सफल गणतंत्र माना जाता है। जब यूनान में नगर-राज्यों की अवधारणा आकार ले रही थी, उससे बहुत पहले भारत में पूरी तरह विकसित गणतांत्रिक व्यवस्थाएँ मौजूद थीं।… ऋग्वेद में 40 बार और अथर्ववेद में 9 बार ‘गण’ शब्द का प्रयोग यह दर्शाता है कि हमारे पूर्वज संख्या-बल… Continue reading भारत में ही सबसे पहले गणतंत्र था

पूंजीवाद के सामने औचित्य का संकट

सोवियत खेमा ढहने के बाद से अब तक जितना धन उत्पन्न हुआ, उतना इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। पर यह धन बहुत ही सीमित लोगों के पास इकट्ठा हो गया है।…ऐसे में उत्पन्न धन के लाभ से वंचित समुदायों में पूंजीवाद के प्रति असंतोष बढ़ना लाजिमी है। फिलहाल, नफरत के एजेंडे में लोगों… Continue reading पूंजीवाद के सामने औचित्य का संकट

मिलेनियल युवाओं पर भाजपा का फोकस

भाजपा ने युवाओं की आकांक्षा और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को बनाना शुरू किया है। तभी उसने अपने सभी 16 हजार मंडल अध्यक्ष 45 साल से कम उम्र के बनाए हैं। कह सकते हैं कि 45 साल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस रूपांतरण को सहज तरीक से क्रियान्वित करने का उत्तरदायित्व पूरा करना है।… Continue reading मिलेनियल युवाओं पर भाजपा का फोकस

समय संग बहती स्मृति ‘ट्रेन ड्रीम्स’

फ़िल्म बार-बार यह अहसास कराती है कि आधुनिकता का सपना किसी के लिए सपना होता है, तो किसी के लिए दुःस्वप्न। जंगल कटते हैं, शहर बसते हैं, पर मनुष्य के भीतर का अकेलापन जस का तस रहता है। रॉबर्ट का जीवन इसी विरोधाभास में बीतता है। भीड़ से दूर, पर इतिहास के बीचों-बीच। निर्देशक क्लिंट… Continue reading समय संग बहती स्मृति ‘ट्रेन ड्रीम्स’

नितिन की नियति है ‘मोशा’ का ठप्पा-धारक होना

मुझे लगता है कि नितिन के अध्यक्षीय कार्यकाल की कामयाबी मूलतः इस पर निर्भर करेगी कि यह सब करते हुए वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ अपने संबंधों को कितना मजबूत बना कर रख पाते हैं। तोते के असली प्राण रायसीना पर्वत की मीनार में नहीं, अंततः नागपुर के गुंबद में बंद रहेंगे। 45 साल… Continue reading नितिन की नियति है ‘मोशा’ का ठप्पा-धारक होना

साइबर अपराध की ठगी में लुटते भारतीय!

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले बुजुर्ग एनआरआई दंपत्ति, ओम तनेजा और डॉ. इंदिरा तनेजा, के साथ हुई घटना इसकी एक दर्दनाक मिसाल है। यह दंपत्ति अमेरिका से 2014 में अपनी मातृभूमि की सेवा करने के इरादे से भारत लौटे थे, लेकिन साइबर ठगों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर दो सप्ताह… Continue reading साइबर अपराध की ठगी में लुटते भारतीय!

तक्षशिला में खुदाई, सांस्कृतिक उत्कर्ष की पुष्टि

जनवरी 2026 में पाकिस्तान स्थित तक्षशिला में हुई खुदाई में मिले दूसरी सदी के ये कांस्य सिक्के न केवल कुषाण साम्राज्य के अंतिम महान शासकों में से एक सम्राट वासुदेव की शक्ति और प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं, बल्कि उस समय की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रमाण देते हैं, जो कुषाण काल में अपने… Continue reading तक्षशिला में खुदाई, सांस्कृतिक उत्कर्ष की पुष्टि

हिंदू नेताओं का ‘राष्ट्रवाद’ मूढ़ अहंकार

पूरी दुनिया भारत को हिंदू  देश जानती है। अगर वही अपने ही पड़ोस, अपने ही घर में, हिंदू विनाश पर चुप रहे — तो क्रिश्चियन देशों को क्या पड़ी है कि बंगलादेश के हिंदुंओं के लिए हाथ-पैर चलाएं? यह हिंदू भारत की ऐसी डफरता है, जिस का विश्व में अन्य उदाहरण नहीं।… नाजी होलोकॉस्ट ने… Continue reading हिंदू नेताओं का ‘राष्ट्रवाद’ मूढ़ अहंकार

बंगलादेश में नरसंहार का पैमाना सबसे बड़ा

किसी समुदाय को हथियारों से मार डालने के अलावा उस के विरुद्ध ऐसी कानूनी, आर्थिक, सांस्कृतिक व्यवस्थाएं लादना भी नरसंहार है जिस से उस का क्रमशः नाश सुनिश्चित हो। यह बंगलादेश में दशकों से, सब के सामने हो रहा है। इस नरसंहार का पैमाना और रूप वर्तमान विश्व में अभूतपूर्व और सबसे बड़ा है। हिंदुस्तान… Continue reading बंगलादेश में नरसंहार का पैमाना सबसे बड़ा

डफर दिमाग केवल गुमराह करता है!

आखिर, हिंसा, अन्याय, उत्पीड़न रोकना ही स्वाभिमानी राजनीति का पहला काम है। स्टेट-पावर का काम है। जिस के साथ में सैन्य शक्ति समेत सभी शक्तियाँ होती हैं। जो सुरक्षा बलों को हुक्म देता है। किन्तु यह पावर अपने हाथ में लेने के बाद भी हिंदू  नेताओं की आम राजनीति केवल उपदेश, शेखी, परनिन्दा, रोटी एवं… Continue reading डफर दिमाग केवल गुमराह करता है!

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