नोएडा में युवा टेकी की मौत का कौन जिम्मेदार?

दिल्ली में कोचिंग सेंटर बेसमेंट डूबने की घटना की तरह, यहां भी सख्त कार्रवाई से भविष्य की त्रासदियां रोकी जा सकती हैं। अदालतों का हस्तक्षेप जवाबदेही सुनिश्चित करेगा और आम आदमी का विश्वास बहाल करेगा।…प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि रोड सेफ्टी, ड्रेनेज, डिजास्टर रिस्पॉन्स और कमांड कंट्रोल में विफलताएं थीं। एसआईटी की रिपोर्ट संभवत: प्रशासनिक… Continue reading नोएडा में युवा टेकी की मौत का कौन जिम्मेदार?

यूरोपी संघ से पटरी दूरदृष्टि या परिस्थितिजन्य मोड़?

भारत की कूटनीति अब भी व्यक्तित्व-केंद्रित और घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली है; जबकि यूरोपीय संघ जैसे जटिल साझेदार के लिए संस्थागत धैर्य और निरंतरता चाहिए। ईयू से बातचीत द्विपक्षीय सौदे से आगे की चीज़ है—सत्ताईस देश, यूरोपीय आयोग और एक सघन नियामक ढाँचा इसमें शामिल है। कूटनीति में समय का अपना वजन होता है।… Continue reading यूरोपी संघ से पटरी दूरदृष्टि या परिस्थितिजन्य मोड़?

स्वंतत्रता जुझारू अमर महाराणा प्रताप

हल्दीघाटी का युद्ध परीक्षा का युद्ध था, वहीं दिवेर-छापली का युद्ध निर्णायक सिद्ध हुआ। इसी विजय से संपूर्ण मेवाड़ पर उनका अधिकार स्थापित हुआ। दिवेर में राजपूतों ने हल्दीघाटी का बदला चुकाया। इस विजय ने सिद्ध कर दिया कि महाराणा प्रताप का शौर्य और संकल्प अडिग था। इस संघर्ष को कर्नल जेम्स टॉड ने ‘मेवाड़… Continue reading स्वंतत्रता जुझारू अमर महाराणा प्रताप

हिन्दुओं का खुदा खैर करे!

लव-जिहाद मूल जिहाद का ही रूप है, चाहे इसे लव-जिहाद कहें या जबर-जिहाद। अतः जैसे भी हो — एक हिन्दू स्त्री घटना, और एक मुस्लिम स्त्री बढ़ना जिहाद का रुप है। शान्तिपूर्ण जिहाद के असंख्य रूपों में एक। याद रहे, इस्लाम केवल औपचारिक सिद्धांत नहीं। जिहाद और शरीयत के द्वारा उसे पक्के तौर पर लागू… Continue reading हिन्दुओं का खुदा खैर करे!

जनाब ओवैसी, कैथोलिक काऊंसिल से जाने सच्चाई

बिशप काउंसिल ने बाकायदा एक आयोग बनाकर इस मामले की पड़ताल करवाई। उस की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2005 से 2012 के बीच ही लव-जिहाद के लगभग चार हजार मामले हुए। केरल में ‘इस्लामिक पोपुलर फ्रंट’ की छात्र शाखा ‘कैंपस फ्रंट’ ने असंख्य क्रिश्चियन और हिन्दू लड़कियों को जाल में फँसा कर उन्हें मुसलमान बनाया… Continue reading जनाब ओवैसी, कैथोलिक काऊंसिल से जाने सच्चाई

बुजुर्गों की सेवा में ‘समय बैंक’

स्विट्जरलैंड में इस कार्यक्रम की शुरुआत बुजुर्गों की बढ़ती आबादी और उनकी देखभाल की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई थी। कार्यक्रम के अनुसार, स्वस्थ और संवाद करने में कुशल व्यक्ति बुजुर्गों की मदद करते हैं, जैसे खरीदारी करना, कमरा साफ करना, सूरज की रोशनी में बाहर ले जाना या बस बातचीत करना। प्रत्येक… Continue reading बुजुर्गों की सेवा में ‘समय बैंक’

भारत में ही सबसे पहले गणतंत्र था

बिहार का वैशाली (लिच्छवी गणराज्य) विश्व का पहला सफल गणतंत्र माना जाता है। जब यूनान में नगर-राज्यों की अवधारणा आकार ले रही थी, उससे बहुत पहले भारत में पूरी तरह विकसित गणतांत्रिक व्यवस्थाएँ मौजूद थीं।… ऋग्वेद में 40 बार और अथर्ववेद में 9 बार ‘गण’ शब्द का प्रयोग यह दर्शाता है कि हमारे पूर्वज संख्या-बल… Continue reading भारत में ही सबसे पहले गणतंत्र था

पूंजीवाद के सामने औचित्य का संकट

सोवियत खेमा ढहने के बाद से अब तक जितना धन उत्पन्न हुआ, उतना इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। पर यह धन बहुत ही सीमित लोगों के पास इकट्ठा हो गया है।…ऐसे में उत्पन्न धन के लाभ से वंचित समुदायों में पूंजीवाद के प्रति असंतोष बढ़ना लाजिमी है। फिलहाल, नफरत के एजेंडे में लोगों… Continue reading पूंजीवाद के सामने औचित्य का संकट

मिलेनियल युवाओं पर भाजपा का फोकस

भाजपा ने युवाओं की आकांक्षा और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को बनाना शुरू किया है। तभी उसने अपने सभी 16 हजार मंडल अध्यक्ष 45 साल से कम उम्र के बनाए हैं। कह सकते हैं कि 45 साल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस रूपांतरण को सहज तरीक से क्रियान्वित करने का उत्तरदायित्व पूरा करना है।… Continue reading मिलेनियल युवाओं पर भाजपा का फोकस

समय संग बहती स्मृति ‘ट्रेन ड्रीम्स’

फ़िल्म बार-बार यह अहसास कराती है कि आधुनिकता का सपना किसी के लिए सपना होता है, तो किसी के लिए दुःस्वप्न। जंगल कटते हैं, शहर बसते हैं, पर मनुष्य के भीतर का अकेलापन जस का तस रहता है। रॉबर्ट का जीवन इसी विरोधाभास में बीतता है। भीड़ से दूर, पर इतिहास के बीचों-बीच। निर्देशक क्लिंट… Continue reading समय संग बहती स्मृति ‘ट्रेन ड्रीम्स’

logo