संविधान पवित्र या चुनाव की तारीख?

अगर ‘विचाराधीन श्रेणी’ के सभी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच नहीं हो जाती है तो क्या चुनाव कराना उचित होगा? ऐसे जिन विचाराधीन मतदाताओं के नाम पूरक मतदाता सूची में नहीं शामिल किए जाते हैं उनका पक्ष सुने बगैर क्या मतदान कराना उचित होगा? ये गंभीर सवाल हैं। इस बात का कोई अर्थ नहीं है… Continue reading संविधान पवित्र या चुनाव की तारीख?

ईरान के निशाने पर अमेरिकी वर्चस्व का हर खंभा

लोगों की सोच में यह सवाल बना है कि अगर ईरान जैसी कमजोर शक्ति लड सकती है, तो चीन और रूस जैसी महाशक्तियों से मुकाबला करना अमेरिका के लिए कितना कठिन होगा? ऐसे सवालों और ऐसी धारणाओं का दुनिया को बदलने में महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। इसीलिए इस युद्ध में जो हो रहा है, उसका… Continue reading ईरान के निशाने पर अमेरिकी वर्चस्व का हर खंभा

जंग ख़त्म, संघर्ष बाक़ी: ‘सूबेदार’

यह फ़िल्म युद्धभूमि से लौटे एक सैनिक की कहानी है, जो अपने ही समाज में मौजूद अन्याय, भ्रष्टाचार और हिंसा से जूझता है। इस अर्थ में ‘सूबेदार’ सिर्फ़ एक एक्शन-ड्रामा नहीं, बल्कि आधुनिक भारतीय समाज के नैतिक संकट का सिनेमाई रूपक भी है। फ़िल्म का केंद्रीय पात्र सूबेदार अर्जुन मौर्य है, जिसकी भूमिका अनिल कपूर… Continue reading जंग ख़त्म, संघर्ष बाक़ी: ‘सूबेदार’

चाय से भी ज़्यादा गर्म केतलियों का युग

एक असम को छोड़ कर विधानसभा के इन चुनावों में कहीं और भाजपा के लिए कहीं भी मद्धम-सी भी लौ टिमटिमाती हुई अगर किसी को दिखाई दे रही हो तो मैं उस की परम आशावादिता को अभिनंदनीय मानता हूं।… इसलिए पांच राज्यों के मतदान तक भाजपा के चेहरे से टपकते नूर को देखते रहिए और… Continue reading चाय से भी ज़्यादा गर्म केतलियों का युग

ब्रिक्स अध्यक्ष भारत, पर अध्यक्षता में भी मौन!

1 जनवरी 2026 को भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। ब्राजील से यह जिम्मेदारी लेकर भारत को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन करना था। विस्तारित ब्रिक्स अब दुनिया की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करता है…ब्राजील हमलों की संयुक्त निंदा के लिए तैयार था। दक्षिण अफ्रीका ने भी वही संकेत दिया था।… Continue reading ब्रिक्स अध्यक्ष भारत, पर अध्यक्षता में भी मौन!

नवरात्रः सात्विकता, आत्मशुद्धि का समय

देवी भागवत पुराण और मार्कण्डेय पुराण के देवी महात्म्य में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है। मान्यता है कि चैत्र नवरात्र में देवी दुर्गा देवताओं की शक्तियों से प्रकट होकर महिषासुर से युद्ध करती हैं। इसी समय शक्ति का पूर्ण रूप प्रकट हुआ और प्रलय के बाद सृष्टि का पुनर्निर्माण हुआ। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष… Continue reading नवरात्रः सात्विकता, आत्मशुद्धि का समय

ड्रोन पर दांव, खाड़ी का हिसाब

प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी में जंग से ठिक पहले इज़राइल की संसद केनेस्सेट में खड़े होकर भारत-इज़राइल संबंधों को “विशेष सामरिक साझेदारी” तक बढ़ाने की घोषणा कर 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा ज़रूरत से जुआं खेला। ड्रोन और निगरानी प्रणालियों को उस तेल जीवनरेखा पर प्राथमिकता दी जिस पर भारत का जनजीवन निर्भर है। इजराइल… Continue reading ड्रोन पर दांव, खाड़ी का हिसाब

युद्ध का भारत पर होगा प्रभाव

लंबे समय तक चलने वाला युद्ध भारत की रसद लागत और प्रेषण को प्रभावित करेगा। ऐसे में भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है, और मुद्रास्फीति बढ़ने से आम आदमी पर बोझ पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही बढ़ी हुई हैं, जिससे परिवहन और कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। दुनिया एक नए… Continue reading युद्ध का भारत पर होगा प्रभाव

चुनाव घोषणा पर नजर है लेकिन…..

स्पष्ट अर्थ है कि जब तक इन सभी 52 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच नहीं हो जाती है और उनमें से पात्र मतदाताओं के नाम पूरक मतदाता सूची में नहीं शामिल किया जाता है तब तक चुनाव नहीं होगा। तभी प्रश्न है कि क्या चुनाव से पहले इन सभी मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच… Continue reading चुनाव घोषणा पर नजर है लेकिन…..

भारत को सिर्फ अपने हित साधने

संदेह नहीं कि अमेरिका-इजराइल और ईरान अपने अपने उद्देश्यों को साधने में लगे है, जिसपर वैश्विक शांति, स्थिरता, नैतिकता, लोकतंत्र और मानवता का दिखावा रूपी मुलम्मा चढ़ाया जा रहा है। भारत के लिए सबसे समझदारी भरा रास्ता यही है कि वह राष्ट्रहितों, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को ऊपर रखे। यही व्यवहारिक और जिम्मेदार… Continue reading भारत को सिर्फ अपने हित साधने

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