जिहादी मानसिकता का सिलसिला

गत 29 मार्च को दिल्ली पुलिस ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के खूंखार जिहादी अहमद लोन उर्फ राजा कश्मीरी को दबोच लिया। बकौल मीडिया रिपोर्ट, उसकी कुदृष्टि राजधानी के पवित्र कालकाजी मंदिर और कनॉट प्लेस जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर थी। पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर वह लश्कर के लिए भारतीय मुस्लिम युवाओं… Continue reading जिहादी मानसिकता का सिलसिला

बदली हुई दुनिया में भारत

अपनी अल्प-दृष्टि के कारण भारत के शासकों ने ताकत निर्माण के बजाय शक्ति प्रदर्शन को तरजीह दी, जिसने भारत को विश्व मंच पर आज अलग-थलग खड़ा कर दिया है। अगर शक्ति अपनी हो, तो उसके प्रदर्शन में कोई बुराई नहीं होती। लेकिन किसी अन्य ताकतवर से जुड़ कर उसे अपनी शक्ति मान लेना हमेशा हानिकारक… Continue reading बदली हुई दुनिया में भारत

हिंसा, अव्यवस्था के भंवर में बंगाल

अगर एक बार समय की कमी या किसी अन्य आधार पर लाखों लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होता है और उसके बगैर चुनाव हो जाता है तो इसकी एक मिसाल बन जाएगी। इस बार भले स्वाभाविक कारणों से ऐसा हो लेकिन भविष्य में ऐसा भी हो सकता है कि इस घटनाक्रम की… Continue reading हिंसा, अव्यवस्था के भंवर में बंगाल

देह, दोष और दृष्टि की राजनीति: ‘एक्यूज्ड’

आज के सिने–सोहबत में हम बात करेंगे हाल ही में आई फ़िल्म ‘एक्यूज्ड’ की, एक ऐसी फ़िल्म जो केवल मनोरंजन नहीं करती, बल्कि दर्शक को असहज प्रश्नों के बीच खड़ा कर देती है। अनुभूति कश्यप द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परतों से बनी एक जटिल कथा रचने की कोशिश करती है, जहां आरोप,… Continue reading देह, दोष और दृष्टि की राजनीति: ‘एक्यूज्ड’

नक्सल-मुक्त होने का मियांमिट्ठुई उत्सव

दूसरों के किए का श्रेय भी जबरन ख़ुद के बीजक में लिख कर, नाच-गा कर, उस का बिगुल बजा-बजा कर, ही तो भाजपा ने यह सियासी मुक़ाम हासिल किया है। सो, भाजपा के लिए जरूरी है कि वह कांग्रेस को नक्सलवाद का जन्मदाता बताए, कांग्रेस को उस का पालनहार बताए, कांग्रेस और नक्सलियों के बीच… Continue reading नक्सल-मुक्त होने का मियांमिट्ठुई उत्सव

नौकरी गंवाने के नए तनाव

31 मार्च को कोठानूर इलाके के एक हाई-राइज अपार्टमेंट में एक युवा तकनीकी जोड़ी ने आत्महत्या कर ली। पति भानुचंद्र रेड्डी (32) और पत्नी बीबी शाजिया सिराज (31)। दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर, दोनों की कमाई लाखों में, अमेरिका में काम का अनुभव, 80 लाख का सालाना पैकेज और सफलता की सारी बाहरी निशानियां। लेकिन अंदर से?… Continue reading नौकरी गंवाने के नए तनाव

सम्राट अशोक का शासन था नैतिकता से जुड़ा

अशोक की महत्ता इस बात में है कि उन्होंने शासन को नैतिकता से जोड़ा। उन्होंने सिद्ध किया कि सच्ची महानता साम्राज्य के विस्तार में नहीं, बल्कि प्रजा के चरित्र के उत्थान में है। वे आज भी भारतीय चेतना के ऐसे प्रतीक हैं, जो शक्ति और करुणा के संतुलन की प्रेरणा देते हैं। …भारतीय कला को… Continue reading सम्राट अशोक का शासन था नैतिकता से जुड़ा

अमेरिका उस युद्ध को समाप्त नहीं कर पाता जिसे वह बार-बार शुरू करता है!

अमेरिका और ईरान दोनों अलग-अलग तरह के युद्ध के लिए बने हैं, अलग-अलग समय-धाराओं पर लड़ते हैं, जबकि ताजा युद्ध ऐसे लड़ा जा रहा है मानो अमेरिका और इज़राइल की सीमाओं से बाहर रहने वाले लोग केवल दृश्य हों, दांव नहीं।.. ईरान ऐसा तंत्र नहीं है जो एक प्रहार से ढह जाए। वह ऐसा तंत्र… Continue reading अमेरिका उस युद्ध को समाप्त नहीं कर पाता जिसे वह बार-बार शुरू करता है!

तभी काबिल लोग देश छोड़ जा रहे हैं।

गत आठ दशकों में विविध क्षेत्रों में तबाह, परेशान, अपमानित होने वाले करोड़ों हिन्दू केवल इसलिए दुर्गति में पड़े, क्योंकि अंग्रेजों का स्थान लेने के ख्वाहिशमंद हिन्दू नेता राजनीति के मूल तत्व से लापरवाह रहे हैं। वह कि जिम्मेदारी से अपने को दाँव पर लगाकर, दृढ़ता से ही राज्य एवं उस में रहने वाली जनता… Continue reading तभी काबिल लोग देश छोड़ जा रहे हैं।

हिन्दू राजनीति पतवार विहीन नाव

हिन्दू और मुस्लिम नेताओं की आदतों, शैलियों, और उपलब्धियों में अंतर को ‘भारतीयता‘ के माथे नहीं डाला जा सकता। वह सीधे-सीधे हिन्दू नेताओं और मुस्लिम नेताओं की भिन्नताएं हैं। हिन्दू नेता आज तक, यानी गत एक सौ बीस सालों से जब से उन्होंने राजनीति में हाथ आजमाना शुरू किया, तब से स्तरीय राजनीति का क-ख-ग… Continue reading हिन्दू राजनीति पतवार विहीन नाव

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