बांग्लादेश में विद्रोह का जो परिणाम हुआ है, उससे अलग सूरत नेपाल में नहीं होगी, जहां अगले पांच मार्च को आम चुनाव होना है। क्या बिना ऐसी संगठित पार्टी की मौजूदगी के- जिसके पास स्पष्ट विचारधारा और सुपरिभाषित संगठन हो- कोई ऐसा परिवर्तन हो सकता है, जिससे मूलभूत ढांचा बदले और आम जन के जीवन… Continue reading बांग्लादेश हो या नेपालः सामने वही सवाल
