नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद बिहार की राजनीति में कई चीजें बदल रही हैं। भाजपा और जदयू के संबंधों में भी पहले जैसी गरमाहट नहीं है। हालांकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी तरफ से जदयू और नीतीश कुमार के साथ संबंधों को सद्भावपूर्ण बवाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। फिर भी सब कुछ पहले जैसा नहीं है। इस बीच नीतीश कुमार की पार्टी के कम से कम चार सांसदों के नाराज होने की खबर है। बताया जा रहा है कि चार सांसद पार्टी के मौजूदा नेतृत्व मतलब संजय झा और लंलन सिंह से नाराज हैं। इनमें कम से कम सांसद की नाराजगी पहले से चल रही है और उनके खिलाफ जदयू ने स्पीकर के पास शिकायत भी की थी।
गौरतलब है कि बांका के सांसद गिरधारी यादव पहले से पार्टी से नाराज हैं। उन्होंने पार्टी लाइन से हट कर संसद में भी बयान दिया था, जिसके बाद उनकी शिकायत स्पीकर से की गई थी। उन्होंने अपने बेटे को विधानसभा चुनाव में राजद की टिकट पर चुनाव भी लड़वाया था। लेकिन वे हार गए थे। इसके बाद गिरधारी यादव शांत हो गए थे। लेकिन अब फिर वे सक्रिय हुए हैं। एक अन्य यादव सांसद दिनेश चंद्र यादव हैं, जो मधेपुरा से जीते हैं। नीतीश कुमार के हटने के बाद उनको भी लग रहा है कि शायद जदयू में रह कर मधेपुरा सीट सुरक्षित नहीं रहेगी। जनता दल यू और सरकार में शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के बढ़ते कद से परेशान भागलपुर के सांसद अजय मंडल भी नाराज हैं। उनको लग रहा है कि अगले चुनाव में भागलपुर सीट उनके हाथ से जा सकती है। ध्यान रहे बुलो मंडल पहले इस सीट से सांसद रहे हैं। चौथी सांसद लवली आनंद हैं। पिछले कुछ समय से जदयू नेतृत्व से उनके पति आनंद मोहन का टकराव चल रहा है। हालांकि अभी तुरंत न तो ये सांसद कोई कदम उठाएंगे और न पार्टी कोई कार्रवाई करने जा रही है।
