जो अनुभव- सिद्ध है

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आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि भारत वैक्सीन और औषधि उत्पादन में वैश्विक पॉवरहाउस बन गया है, लेकिन उसकी घरेलू स्वास्थ्य सेवाएं गुणवत्ता एवं उपलब्धता के नजरिए से विषमता-ग्रस्त हैं। नतीजतन करोड़ों लोग जरूरी इलाज से वंचित रह जाते हैं।

भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से के ‘स्वास्थ्य न्याय’ से वंचित रहने का प्रमुख कारण सार्वजनिक क्षेत्र के तहत सबको स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा देने में सरकार की नाकामी है। यह बात भारत में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा के बाद लांसेट आयोग ने कही है। जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल की स्थिति का जायजा लेने के लिए आयोग ने 29 राज्यों के 50 हजार परिवारों का विशेष अध्ययन किया। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लांसेट ने स्वतंत्र विशेषज्ञों को शामिल करते हुए इस आयोग का गठन किया है। केंद्र सरकार ने 2027 देश को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य घोषित किया है। उसी संदर्भ में इस आयोग ने स्वास्थ्य सेवाओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें पेश की हैं।

आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि भारत वैक्सीन और औषधि उत्पादन में वैश्विक पॉवरहाउस बन गया है, लेकिन इसकी घरेलू स्वास्थ्य सेवाएं गुणवत्ता एवं उपलब्धता के नजरिए से विषमता-ग्रस्त हैं। इस कारण करोड़ों लोग जरूरी इलाज से वंचित रह जाते हैं। आयोग ने उचित ही यह टिप्पणी की है कि स्वास्थ्य प्रणालियों का संबंध महज तकनीक से नहीं हैं। बल्कि गहरे रूप से ये राजनीति से जुड़ी हुई हैं। अक्सर निहित स्वार्थी तत्व एवं विचारधारात्मक वजहें स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में प्रगति को रोक देती हैं। तो आयोग ने छह सुझाव दिए हैं। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि सार्वजनिक क्षेत्र निष्क्रिय धनदाता का रोल छोड़ सक्रिय सेवा प्रदाता की भूमिका अपनाए।

लक्ष्य सबको इलाज की बेहतर सेवा देना है। इसके लिए निजी क्षेत्र की मदद भी जरूर लेनी चाहिए, मगर विकेंद्रीकरण एवं स्थानीय स्वशासन में आम जन के सशक्तीकरण के साथ जवाबदेही का एक सिस्टम तैयार करना अनिवार्य है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि आयुष्मान भारत बीमा योजना का लाभ अस्पताल में भर्ती होने पर जरूर मिलता है, लेकिन ओपीडी परामर्श और दवाइयों की खरीद का बोझ तब तक मरीजों की कमर तोड़ चुका होता है। ये तमाम वो बातें हैं, जो दुनिया भर में अनुभव- सिद्ध हैं। फिर भी इनकी अनदेखी की वजहें सियासी नजरिया है। तो उचित ही है कि उसे बदलने की जरूरत लांसेट आयोग ने बताई है।


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