नीतीश कुमार ने अपने बेटे को बिहार की नई सरकार में नहीं शामिल होने दिया। जब नीतीश ने सत्ता छोड़ी तब कहा जा रहा था कि उनके बेटे निशांत को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी भी हो गई थी। लेकिन ऐन मौके पर जनता दल यू ने दो दूसरे नेताओं को उप मुख्यमंत्री बना दिया। उसके बाद कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार पार्टी संगठन में काम करने के लिए नई टीम बनाएंगे तो उसमें निशांत को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही नीतीश कुमार को फिर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने अपनी नई टीम बना दी है लेकिन उसमें भी निशांत को जगह नहीं मिली है।
एकाध बदलावों को छोड़ कर नीतीश ने पुरानी टीम को रिपीट किया। उन्होंने संजय झा को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए रखा और बहुत बुजुर्ग हो गए वशिष्ठ नारायण सिंह की जगह चंद्रेश्वर चंद्रवंशी को उपाध्यक्ष बनाया। इसके अलावा ज्यादातर महासचिव वही हैं, जो पहले से टीम में थे। कहा जा रहा था कि निशांत को संगठन महासचिव बना कर एक तरह से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में जगह दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निशांत अपने पिता की तरह यात्रा शुरू करने जा रहे हैं और वह भी चंपारण से। लेकिन उनके पास न तो सरकार में कोई पद है और न संगठन में। अगर ऐसे ही चलता रहा तो अगले छह महीने में उनके लिए समस्या खड़ी हो सकती है।
