कल्याण और अभिषेक बनर्जी में सुलह

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी की नाराजगी दूर हो गई है। उनके और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच सुलह हो गई है। कल्याण बनर्जी ने कहा है कि अभिषेक उनके बेटे के जैसे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने अपना गुस्सा अभिषेक पर निकाला था और ममता बनर्जी को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनको दोनों में से किसी एक को चुनना होगा। कल्याण बनर्जी ने कहा था कि अभिषेक अपने को राजा समझते हैं।

अब वे अपने इस बयान से पलट गए हैं। उन्होंने शनिवार को कहा, ‘अभिषेक बनर्जी मेरे बेटे जैसा है और बेटे की सभी गलतियों को माफ करना पिता का काम होता है’। दो ही दिन पहले 11 जून को उन्होंने अभिषेक पर नाराजगी जताई थी। असल में गुरुवार, 11 जून को अभिषेक ने फर्जी दस्तखत मामले में अपना वकील बदल लिया था। पहले कल्याण इस केस में अभिषेक के वकील थे। इसके बाद कल्याण ने कहा था कि अभिषेक को सीनियर नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। वे बहुत अहंकारी हैं। इसी वजह से पार्टी बरबाद हुई है।

हालांकि इसके एक दिन बाद शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कल्याण बनर्जी उनसे बड़े हैं। उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। अभिषेक ने कहा, ‘उन्होंने मुझे बचपन से देखा है, इसलिए मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा’। इसके बाद ही कल्याण बनर्जी की ओर से माफ करने वाला बयान जारी किया गया है।

कल्याण बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के बागियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीएमसी के बागियों को बीजेपी की शरण में ही जाना होगा। उन्होंने कहा कि यह सब एक चाल है। ये लोग अपने क्षेत्रों के विकास का बहाना बनाते हैं, लेकिन जो लोग अपने क्षेत्र में जा तक नहीं सकते, वे क्या काम करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद भी पिछले एक महीने में क्या विकास हुआ है? बीजेपी और पुलिस हमें परेशान कर रही है। पश्चिम बंगाल में किसी भी विपक्ष ने कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया है, जैसी हम कर रहे हैं।

कल्याण बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के आपस में विलय की खबरों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस के साथ कोई विलय नहीं कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों ममता बनर्जी ने सोनियां गांधी से मुलाकात की थी और उसके बाद अभिषेक बनर्जी ने भी अलग से राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद ही विलय की चर्चा शुरू हुई।


Previous News Next News

More News

कांग्रेस के कहने से ईडी की कार्रवाई!

September 14, 2026

एक तरफ कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करती है और विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर कार्रवाई कराती है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा विरोधी दूसरी पार्टियों के ही नेता आरोप लगा रहे हैं कि ईडी कुछ कांग्रेस नेताओं के…

केरलम में राहुल बनाएंगे नया अध्यक्ष

September 14, 2026

कांग्रेस पार्टी कई राज्यों में नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है। इसमे सबसे पहले केरलम में फैसला हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी केरलम में अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी के सबसे मुखर नेताओं में…

ब्रिक्स के दौरान सर्जियो गोर दिल्ली छोड़ गए

September 14, 2026

दिल्ली में दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा था। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा था। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आए थे। यह बहुत बड़ा घटनाक्रम था। दो साल पहले दिल्ली में हुए जी 20…

गाणपत्य मीमांसा और आधुनिक जीवनशैली

September 14, 2026

मुद्गल पुराण में गणेश के आठ अवतारों का वर्णन मिलता है, जो किसी असुर को मारने के लिए नहीं, बल्कि मानव मन के भीतर छिपे आठ मानसिक विकारों का शमन करने के लिए अवतरित हुए थे। वक्रतुण्ड, मत्सरासुर अर्थात मत्सर, ईर्ष्या के शमन हेतु अवतरित हुए थे, यह सोशल मीडिया पर दूसरों की प्रगति देखकर…

स्वराज्य प्राप्ति में गणपति उत्सव का योगदान

September 14, 2026

युगों युगों से गणेश उत्सव का आयोजन होता आ रहा है। उत्सव के प्रमाण हमें सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है। गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी। मराठा शासकों के दौर से उत्सव के इस क्रम को जारी…

logo