ट्रंप ने ईरान युद्ध खत्म किया

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नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त कर दिया है। युद्ध शुरू होने के करीब ढाई महीने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। इसके साथ ही सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आई है कि रविवार को जिनेवा में दोनों देशों के बीच स्थायी युद्धविराम के समझौते पर दस्तखत हो सकता है। ट्रंप ने भी कहा है कि यूरोप के किसी देश में समझौता होगा। अगर सब ठीक रहा तो इस समझौते के समय उप राष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद रहेंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक वेंस जर्मनी पहुंचने वाले हैं। तभी वहीं पर समझौता होने की भी चर्चा है।

इस बीच यह भी खबर है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस खबर से खुश नहीं है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा से वे हैरान रह गए हैं। बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की एक वर्चुअल रैली में अपने समर्थकों से कहा कि उन्होंने युद्ध समाप्त कर दिया है। व्हाइट हाउस से जारी एक वीडियो में भी ट्रंप युद्ध खत्म करने का दावा करते दिख रहे हैं और उन्हेंने यह भी कहा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

हालांकि दूसरी ओर ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि शांति समझौते पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं किया गया है। इससे पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा था कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने नई डील को मंजूर कर लिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी सप्ताह यूरोप के किसी देश में दस्तखत हो सकता है।

इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि उसने होर्मुज की खाड़ी में लागू नाकाबंदी के तहत अब तक 136 जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है, जबकि नौ जहाजों को निष्क्रिय किया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और हवाई संसाधन क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त जारी रखे हुए हैं। अमेरिका ने अप्रैल में यह घेराबंदी शुरू की थी।

हालांकि ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज की खाड़ी पर उसका पूरा नियंत्रण है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी एडमिरल हबीबोल्लाह सय्यारी ने कहा कि इस समुद्री मार्ग से कोई भी जहाज ईरान की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता। सय्यारी ने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि हालिया हमलों में ईरानी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान आज भी क्षेत्र में प्रभावी सैन्य क्षमता रखता है।

बहरहाल, ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच तीन बड़े विवादित मुद्दे अभी सुलझने बाकी हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक इन विषयों पर अगले 60 दिनों के दौरान अलग से बातचीत होगी। इसमें सबसे अहम शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम जारी रखने का मुद्दा है। इसके अलावा ईरान पर से पाबंदी हटाना और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा तंत्र तैयार करना शामिल है।


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