होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रुकी, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

Categorized as समाचार

ईरान द्वारा दो जहाजों को जब्त करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही ठप्प हो गई है, जिनमें एक गुजरात के कांडला बंदरगाह जा रहा था। इससे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा निर्यात इसी रास्ते से गुजरते हैं। 

इसका असर गुरुवार को तेल की कीमतों पर दिखा, जहां ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।

भारत अपनी एलपीजी का बड़ा हिस्सा और करीब 50 प्रतिशत कच्चा तेल फारस की खाड़ी से आयात करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से इस पर असर पड़ा है। हालांकि, सरकार आयात के स्रोतों में विविधता ला रही है और एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ा रही है। कुछ उपभोक्ता अब प्राकृतिक गैस, कोयला और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्पों की ओर भी बढ़ रहे हैं।

अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना ‘संभव नहीं’ है।

उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर कहा कि इन उल्लंघनों में ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और इजरायल की आक्रामक गतिविधियां शामिल हैं।

Also Read : योगी सरकार ने असमय बारिश से प्रभावित गेहूं पर दी राहत

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन समझौतों का उल्लंघन, नाकेबंदी और धमकियां असली बातचीत में बाधा हैं।

इस बीच, भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ बुधवार को सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया। यह जहाज 97,000 मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल और 31 भारतीय क्रू मेंबर के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके आया, जिसे भारतीय नौसेना ने सुरक्षा दी। सरकार ने यह भी साफ किया कि ‘इंडियन सनमार हेराल्ड’ जहाज के कप्तान द्वारा कोई टोल चुकाने की खबर गलत है।

मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर घटा दिया है, ताकि आम लोगों पर बोझ न पड़े। देश भर में पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है, जो बुधवार को खत्म होने वाला था। हालांकि, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि यह युद्धविराम अब अनिश्चित समय तक बढ़ाया गया है और इसकी कोई नई समय-सीमा तय नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ईरान के खिलाफ जारी नौसैनिक नाकेबंदी से संतुष्ट हैं और आगे युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला अमेरिका के हितों के अनुसार किया जाएगा।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

कैबिनेट से मंत्रियों की विदाई का सिलसिला

July 30, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से मंत्रियों की विदाई का सिलसिला जारी है। अलग अलग कारणों से मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। कुछ और मंत्रियों का इस्तीफा होना है, जिसका इंतजार चल रहा है। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थोड़ी अलग परिस्थितियों में हुआ है। इसकी तुलना यूपीए दो की सरकार में खेल मंत्री रहे…

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

logo