राहुल ने उठाया हॉस्टल की कमी का मुद्दा

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। इंदौर में अपने कार्यक्रम के एक दिन बाद रविवार को राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने हॉस्टल की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में पिछले दिनों छात्रों के एक प्राइवेट हॉस्टल की बिल्डिंग गिर गई थी, जिसमें दब कर पांच छात्रों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद से हॉस्टल का मुद्दा लगातार चर्चा में है।

हॉस्टल की कमी बताते हुए राहुल गांधी ने इंदौर अपने कार्यक्रम के हवाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं’? राहुल ने कहा कि गांव से शहर पढ़ने आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर पीजी में रहना पड़ता है। किराए और सुरक्षित रहने का खर्च इतना ज्यादा है कि कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं।


Previous News Next News

More News

बसपा की कलह पर सबकी नजर

September 22, 2026

बहुजन समाज पार्टी के अंदर घमासान छिड़ा है। पार्टी की सुप्रीमो मायावती के घर में अलग कलह है और पार्टी के स्तर पर अलग विवाद है। मायावती ने पहले अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला। उसके बाद आकाश को भी हर जिम्मेदारी से मुक्त किया। फिर दूसरे भतीजे ईशान…

सरकार कैसे एमडीआर शुल्क को मॉनिटर करेगी?

September 22, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि केंद्र सरकार किस तरह से यह निगरानी करेगी कि दुकानदार यूपीआई के जरिए होने वाले लेनदेन में एमडीआर शुल्क यानी केंद्र सरकार ने दो हजार से ऊपर के लेनदेन पर जो 0.40 फीसदी शुल्क लगाया है वह खुद दे रहा है या ग्राहक से ले रहा है? सरकार…

मोहन भागवत के मुताबिक किसका उदय होगा?

September 22, 2026

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले दिनों युवा धर्म संसद कार्यक्रम में अपने भाषण में कहा कि जिसका उदय होता है उसका अस्त निश्चित है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई समझता है कि हमेशा सब कुछ उसके हिसाब से ही होगा तो ऐसा नहीं होता है। उनके इस बयान के बाद एक कयास तो…

सिद्धारमैया की मूर्ति का किस्सा

September 22, 2026

कर्नाटक में कमाल हो रहा है। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद हाशिए पर गए सिद्धारमैया अचानक सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस के जानकार नेताओं का कहना है कि उनको कहीं से शह मिल रही है। शिवकुमार को इसका अंदाजा था तभी उन्होंने अपने दांवपेंच चलने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने सिद्धारमैया के सबसे…

हाँक सके सो हाँक!

September 22, 2026

1970 के दशक वाले सोवियत रूसी समाज की स्थिति जैसी हालत लगती है। जब वहाँ नेता नियमित झूठ से ही अपने देश को ‘उत्साहित‘ यानी भ्रमित रखते थे। वहाँ किसी बात या स्थिति की आलोचना अथवा परीक्षण का कोई स्थान न था। फलतः समय के साथ नेतागण भी अपने ही प्रोपेगंडा के शिकार खुद बन…

logo