बहुजन समाज पार्टी के अंदर घमासान छिड़ा है। पार्टी की सुप्रीमो मायावती के घर में अलग कलह है और पार्टी के स्तर पर अलग विवाद है। मायावती ने पहले अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला। उसके बाद आकाश को भी हर जिम्मेदारी से मुक्त किया। फिर दूसरे भतीजे ईशान आनंद को उस कुर्सी पर बैठाया, जिस पर आकाश बैठते थे। फिर एक दिन कहा कि अब दोनों भतीजों में से किसी को उत्तराधिकारी नहीं बनाएंगे। उनकी जगह भतीजी दीपिका आनंद को जिम्मेदारी देंगी। लेकिन अब कह रही हैं कि आकाश और दीपिका की बजाय ईशान आनंद को ही पार्टी की कमान सौंपेंगी। यह ताजा मामला है। हो सकता है कि थोड़े दिन में यह बदल जाए। वे अपने भाई आनंद कुमार के तीन बच्चों के बीच म्यूजिकल चेयर खेल रही हैं। उनके घर और पार्टी में मचे घमासान पर सभी पार्टियों की नजर है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव पांच महीने में होने वाला है। उससे पहले मायावती के वोट पर नजर रखने वाली पार्टियों को लग रहा है कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य साथ आ जाए तो फिर उस वोट पर दावेदारी मजबूत हो जाएगी। तभी भाजपा के सहयोगी और सपा के साथ दोस्ती बढ़ा रहे निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद की ओर से आकाश आनंद पर डोरे डाले जा रहे हैं। उनकी पार्टी चाहती है कि आकाश उनके साथ जुड़ जाएं। समाजवादी पार्टी की ओर से भी आकाश आनंद से संपर्क किया जा रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के जरिए बातचीत हुई है। पिछले दिनों मायावती ने भी कहा था कि आकाश अब भी अपने ससुर के हिसाब से काम कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस भी इस अभियान में कूद गई है। ध्यान रहे कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम एक दिन बिना समय लिए मायावती से मिलने चले गए थे। हालांकि मुलाकात नहीं हुई। जानकार सूत्रों के मुताबिक अशोक सिद्धार्थ को कमजोर कड़ी माना जा रहा है। अगर चुनाव से पहले उनके सहारे कोई पार्टी बसपा में सेंध लगाती है तो यह बड़ी बात होगी।
