नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर फिर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों ने हाई अलर्ट जारी किया है। ईरान में ‘कोड हंड्रेड’ का अलर्ट जारी हुआ है तो राष्ट्रपति ट्रंप कैंप डेविड में अपनी छुट्टी बीच में ही खत्म कर दी और शनिवार को ही वाशिंगटन लौट गए। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में मौजूद अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से ज्यादा सावधान रहने को कहा है।
छुट्टी जल्दी समाप्त कर ट्रंप के जल्दी वापस लौटने का कारण नहीं बताया गया है। हालांकि उसके बाद सैन्य गतिविधियां जितनी तेज हुई हैं उससे आशंका पैदा हुआ है। ब्रिटेन में अमेरिकी ठिकाने पर अचानक वायु सेना की गतिविधियां बढ़ी हैं। रूसी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। ‘रशिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बी-1बी लांसर बॉम्बर ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से फुल आफ्टरबर्नर के साथ उड़ान भरते हुए मध्य पूर्व की ओर रवाना हुआ। इस बीच ईरान की मीडिया ने भी उत्तर पूर्वी सीरिया के अल हसकाह में खाराब अल जिर एयरबेस के पास एयर सैन्य गतिविधियों की जानकारी दी है।
इस बीच अमेरिका ने खाड़ी के नौ देशों इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में रह रहे अपने नागरिकों को सावधान रहने को कहा है। अमेरिका ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है। इन देशों की यात्रा करने वाले अमेरिकियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे फ्लाइट और एयरपोर्ट से जुड़ी ताजा जानकारी देखते रहें।
दूसरी ओर ईरान ने युद्ध स्थायी रूप से खत्म करने के लिए नई पहल की है। उसने जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने उसकी मांगें नहीं मानीं तो वह जंग जारी रखने के लिए तैयार है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कतर की मीडिया ‘अल जजीरा’ से कहा कि कतर ने मध्यस्थ के तौर पर ईरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। अब ईरान ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है। रेजाई के मुताबिक, ईरान की मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है।
