राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने युवा धर्म संसद में फिर ऐसी बात कही है, जिसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं और कयास लगाया जा रहा है कि वे किसकी ओर इशार कर रहे थे। उन्होंने अहंकार को लेकर कहा कि जिसका उदय हुआ है उसका अस्त भी होगा। इसके लिए उन्होंने सूर्य का उदाहरण दिया। भागवत ने कहा कि अगर कोई समझता है कि हर समय उसकी ही सत्ता रहेगी और सब कुछ उसके हिसाब से ही होगा तो ऐसा नहीं होता है। उनके इस बयान के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि उनका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर है।
यह भी कहा जा रहा है कि संघ प्रमुख ने मोदी का जन्मदिन बहुत व्यापक पैमाने पर मनाने और आम लोगों से दीये जलवाए जाने की घटना के संदर्भ में यह बात कही। हो सकता है कि उन्होंने मोदी को लक्ष्य करके य़ह बात कही हो। लेकिन उनका ट्रैक रिकॉर्ड ऐसे हर बयान के बाद मोदी और उनकी सरकार के समर्थन में बोलने का भी रहा है। तभी ऐसा लग रहा है कि कहीं दीये जलवाने और इतने बड़े पैमाने पर जन्मदिन मनाने के लिए हो रही आलोचना के बीच मोहन भागवत ने सेफ्टी वाल्व की भूमिका निभाने के लिए तो यह बयान नहीं दिया है? ऐसा हो सकता है कि उनके बयान के बाद वो तमाम लोग आलोचना बंद कर दें, जो पहले सवाल उठा रहे थे।
