महाराष्ट्र में कमाल की राजनीति हो रही है। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिव सेना को पता है कि शरद पवार की एनसीपी खुल कर भाजपा के साथ खेल रही है। फिर भी दोनों चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। उलटे कांग्रेस और उद्धव ठाकरे ने मिल कर शरद पवार को फिर से राज्यसभा भेजा है। सोचें, शरद पवार व्हील चेयर पर बैठ कर शपथ लेने गए थे और ठीक से शपथ नहीं पढ़ पा रहे थे। वे तबियत खराब होने की वजह से अपने परिवार की पारंपरिक सीट बारामती पर हुए उपचुनाव में वोट डालने नहीं गए। उन्होंने हालांकि अपने दिवंगत भतीजे अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को वोट डालने की अपील की लेकिन खुद वोट डालने नहीं जा सके। फिर भी उनको राज्यसभा भेजा गया है।
बहरहाल, इस बीच उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले खबर आई कि ईडी के एक मामले में रोहित पवार को भी क्लीन चिट मिल गई है। ध्यान रहे रोहित पवार इस समय शरद पवार खेमे के विधायक हैं। वे अजित पवार के विमान हादसे में साजिश की आशंका जताने वाले नेताओं में सबसे मुखर हैं। अब तो सुनेत्रा पवार ने भी कहा है कि उनको साजिश की आशंका है। असल में अजित पवार की कंपनी के साथ रोहित पवार और उनकी कंपनी भी महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े घोटाले में आरोपी थी। लेकिन अब रोहित पवार सहित 15 लोगों को इस मामले में राहत मिल गई है। धीरे धीरे पूरा पवार परिवार ही तमाम किस्म के घोटाले के आरोपों से बरी हो गया है या हो जाएगा।
