30 दिनों में समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो अधिकारी स्वतः होंगे निलंबित: सम्राट चौधरी

Categorized as प्रादेशिक समाचार

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 30 दिन में सहयोग शिविर में आई समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उस अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा। जन सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा करना है। सभी पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। 

सीएम सम्राट चौधरी मंगलवार को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के डुमरी बुजुर्ग गांव में जन-शिकायतों के प्रभावी संचालन के लिए आयोजित “सहयोग शिविर” कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सहयोग शिविर का उद्घाटन किया और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को लटकाकर नहीं रखा जा सकता है। जन सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा करना है, ताकि उन्हें सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े।

उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का आयोजन सभी पंचायतों में होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हमें समस्या का समाधान करना है। हमें जो रिपोर्ट दिया गया है, उसमें बताया गया है कि अभी तक यहां कुल 54 आवेदन प्राप्त हुए थे। उनमें से सभी के सभी मामलों को निष्पादित करने का काम किया गया है।

Also Read : बस्तर में बंदूक का दौर खत्म, लोग खुलकर ले रहे हैं सांस: अमित शाह

उन्होंने कहा, “कुछ अफसरों को ऐसा लगता है कि इसमें कुछ न्यायालय का भी मामला होता है, कुछ जमीन के इशू होते हैं। तो स्पष्ट रहिए कि आदेश करना है। यदि 30 दिन में आप इसको ऑर्डर नहीं करेंगे तो वैसे पदाधिकारी पर भी कार्रवाई करने का काम बिहार सरकार करेगी। छोड़ेंगे नहीं, किसी को नहीं छोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आवेदन प्राप्त होने के बाद भी अगर किसी अधिकारी ने कार्य नहीं किया तो 10 दिन में उन्हें पहला नोटिस, 20 दिन में दूसरा और 25 दिन में तीसरा नोटिस दिया जाएगा। अगर 30 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अब बिहार में उद्योग लगेंगे। अब हमारा दायित्व है कि जो लोग बिहार छोड़कर बाहर जाते थे, उन्हें यहीं नौकरी मिले। जिस प्रखंड में डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां डिग्री कॉलेज बनेगा। 211 डिग्री कॉलेज बनाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुमंडल का अस्पताल हो या प्रखंड अस्पताल हो, वहां से आमतौर पर मरीजों को रेफर करने का काम बंद करना है। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा है कि लोगों को उनके गांव में न्याय मिले, इसी के लिए इस शिविर की व्यवस्था की गई है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

किसान सम्मान के नाम से ई-20 पेट्रोल बिकेगा

July 30, 2026

भारतीय जनता पार्टी और उसकी केंद्र सरकार के बारे में एक बात माननी होगी। दोनों अपने किसी फैसले को जस्टिफाई करने के लिए कोई भी तर्क खोज सकते हैं। जरूरी नहीं है कि फैसले को जस्टिफाई करने के लिए प्राइमरी तर्क पर ही अड़े रहे हैं। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति या सरकार अपने फैसले…

ओवैसी का बिहार वाला दांव यूपी में भी

July 30, 2026

एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक दांव चला था। उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद और कांग्रेस के सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान गाजे बाजे के साथ लालू प्रसाद के निवास के बाहर पहुंच…

जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है?

July 30, 2026

यह लाख टके का सवाल है कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा की क्या स्थिति है? साथ यह भी सवाल है कि उनके खिलाफ लंबित महाभियोग के मामले की क्या स्थिति है? संसद के सत्र आ रहे हैं और जा रहे हैं। दुनिया भर की दूसरी बातों की…

केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

July 30, 2026

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन…

नीलेकणी क्या नीट खत्म करने की सिफारिश करेंगे?

July 30, 2026

इंफोसिस के सह संस्थापक और भारत में आधार क्रांति के सूत्रधार नंदन नीलेकणी के ऊपर केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के सुझाव देने का जिम्मा सौंपा है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के पूर्व प्रमुख एस सोमनाथ को भी इस उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का सदस्य बनाया गया है। पता नहीं लोगों को याद…

logo