भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष और महिला वर्ग में कबड्डी फ़ाइनल में शनिवार को ईरान को हराकर दोहरी स्वर्णिम सफलता हासिल की। पुरुषों के रोमांचक मुकाबले में भारत ने ईरान को 40-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता और एशियाई खेलों में अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम बरकरार रखा।
पुरुष फ़ाइनल में हाफ़-टाइम तक भारत 18-17 से पीछे था, लेकिन ब्रेक के बाद चुनौती का सामना करते हुए ईरान को ‘ऑल-आउट’ किया और मुक़ाबले पर पकड़ बनाते हुए कबड्डी में एशियाई खेलों का रिकॉर्ड नौवां गोल्ड मेडल हासिल किया। भारत ने दूसरे हाफ़ में मैच का पासा पलट दिया है और ईरान को ‘ऑल-आउट’ करने के बाद बढ़त बना ली।
मज़बूत डिफ़ेंस और स्मार्ट रेडिंग की मदद से भारत ने पिछड़ने के बाद वापसी की है और मैच के अंतिम चरणों में पाँच अंकों की बढ़त बना ली । कड़े मुक़ाबले वाले शुरुआती दौर के बाद, हाफ़-टाइम तक ईरान की टीम भारत से 18-17 से मामूली बढ़त बनाए हुए थी। ईरान ने इस दौरान मैच का एकमात्र ‘ऑल-आउट’ किया, लेकिन भारत ने हाफ़ का समापन मज़बूती से किया और अंतर को घटाकर एक अंक कर दिया, जिससे वे मुक़ाबले में बने रहे।
टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में हुए फाइनल मुकाबले में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर अपना एशियाई खेलों का चौथा स्वर्ण पदक जीता। अब तक हुए पांच एशियाई खेलों में ईरान ने जकार्ता 2018 में फ़ाइनल में भारत को हराकर यह खिताब जीता था। दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने फाइनल मैच की शुरुआत अपनी स्टार रेडर और कप्तान ज़हरा करीमी को बेंच पर बिठाकर की।
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डिफेंडिंग चैंपियन ने शानदार शुरुआत की। रेडर पूजा, संजू देवी और निकिता हथवाला ने शुरुआती पॉइंट हासिल किए और टीम को 5-2 की बढ़त दिला दी। हालांकि, ईरान ने सुपर टैकल के ज़रिए स्कोर बराबर किया और 7-5 की बढ़त बना ली। लेकिन भारत ने तुरंत वापसी की और मैच का पहला ‘ऑल आउट’ करके ईरान पर 13-10 की बढ़त बना ली। इसके तुरंत बाद निकिता हथवाला ने दो पॉइंट की रेड की और स्कोर 15-10 कर दिया।
मैट पर वापस लौटीं करीमी ने अतेना मादेदी की मदद से मैच का रुख पलटने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय डिफेंस ने ईरान की स्टार रेडर सानिया नईमी को कोई मौका नहीं दिया और उन पर पूरी तरह काबू बनाए रखा। संजू देवी ने एक और मल्टी-पॉइंट रेड की – जिसमें बोनस और दो टच पॉइंट शामिल थे – जबकि डिफेंस ने लगातार सफल टैकल किए। इससे हाफ़-टाइम से दो मिनट पहले ही भारत की बढ़त दहाई के अंक (डबल डिजिट) तक पहुँच गई।
हाफ-टाइम की सीटी बजने से पहले के आखिरी दो मिनट ईरान के नाम रहे। एक सुपर टैकल, उसके बाद बोनस और मादेदी के शानदार एंकल होल्ड की बदौलत जकार्ता 2018 की चैंपियन टीम ने ब्रेक तक अंतर को कम करके 22-16 कर दिया।
दूसरे हाफ में ईरान पूरी तरह जोश में नजर आया। डिफेंस के मजबूत खेल और सानिया नईमी के अचानक लय में आने से, उन्होंने स्कोर का अंतर कम करके 23-20 कर दिया। दबाव के बीच, जब मैट पर भारत की सिर्फ़ दो खिलाड़ी बची थीं, रितु नेगी ने सानिया को ‘थाई होल्ड’ करके शानदार सुपर टैकल किया।
पूजा ने भी अहम पॉइंट हासिल किए ताकि भारत ‘ऑल आउट’ न हो जाए। लेकिन आखिरकार मदादी ने एक ही रेड में दो टच पॉइंट हासिल करके भारत को ‘ऑल आउट’ कर दिया और खेल खत्म होने में आठ मिनट बाकी रहते हुए स्कोर को सिर्फ़ एक पॉइंट (27-26) के अंतर पर ला दिया।
मैच का रुख बदलने के लिए भारत ने रेडर्स पर भरोसा जताया और उन्होंने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। पूजा ने पूरे मैच की तरह टच पॉइंट हासिल करना जारी रखा और संजू देवी ने भी कुछ बड़ी रेड्स के ज़रिए योगदान दिया। खेल खत्म होने में चार मिनट से कुछ ज़्यादा समय बचा था और भारत ने 34-28 की बढ़त बना ली थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया, ईरान के खेल में गलतियाँ होती गईं, जबकि भारत ने रेड्स के दौरान समय बिताने की कोशिश की। आखिरकार भारत ने 37-34 से जीत हासिल की और अपना खिताब बचाए रखा।
Pic Credit : UNI
