नई दिल्ली। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी पर प्रदर्शन करके तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने वाली कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी भी मैदान में उतर गई है। सीजेपी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया। पार्टी ने कहा कि अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो देश भर में आंदोलन किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘ज्ञानेश कुमार इस देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। उन्होंने एसआईआर के जरिए देश में 13 करोड़ से ज्यादा वोट डिलीट किए। लोगों से वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है’। दीपके ने कहा, ‘लोकतंत्र का मतलब है कि जनता अपनी सरकार चुने। लेकिन जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, तब से सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट करेगा और कौन नहीं’।
गौरतलब है कि, बुधवार को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर को लेकर पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसी के हवाले प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर चुनाव चोरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह संयोग नहीं हो सकता है कि जिन पार्टियों ने एक साथ आकर 2024 में केंद्र में भाजपा को हराया, उन सबको विधानसभा चुनाव में एक एक करके हराया गया।
