नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार, 25 सितंबर को कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने सभी राज्यों की राजधानी में शुक्रवार को मार्च निकाला और प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। गौरतलब है कि एक दिन पहले गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी करने का आरोप दोहराया था और उनको देशद्रोही कहा था।
इसके बाद ही कांग्रेस ने देश भर में प्रदर्शन का फैसला किया। कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को सभी राज्यों की राजधानी में प्रदर्शन किया तो सोमवार को सभी जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस के नेता कलेक्टर कार्यालय तक मार्च करेंगे। शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के प्रदर्शन पर पुलिस ने पानी की बौछार मार कर उनको तितर बितर किया। पटना में राष्ट्रीय जनता दल ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया।
गौरतलब है कि अंग्रेजी के अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त मनमाने तरीके से आयोग चला रहे हैं और बाकी दो आयुक्तों को किसी भी फैसले में शामिल नहीं किया जा रहा है। मतदाताओं के नाम काटने और जोड़ने से लेकर कई तरह की गड़बड़ियों के आरोप उस रिपोर्ट में लगाए गए हैं। उसके बाद से कांग्रेस पार्टी ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर हमलावर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 10 महीनों में 14 बार दोनों चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताई है।
बहरहाल, शुक्रवार को पटना से लेकर बेंगलुरू और श्रीनगर से लेकर लखनऊ तक कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की और उनको हटाने की मांग की। कांग्रेस विधायक पोस्टर लेकर विधानसभा में पहुंचे थे। छत्तसीगढ़ की राजधानी रायपुर में बारिश के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरे। मतदाता सूची में बदलाव और एसआईआर के जरिए कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक से शास्त्री चौक स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
