नई दिल्ली। पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लड़की रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के मामले का कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध किया है। पुलिस ने रुचिका के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। सीजेपी ने इसे कानून का दुरुपयोग बताया है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि लड़की के खिलाफ आपराधिक केस की जगह मानहानि का केस दर्ज करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह कार्रवाई मशीनरी का दुरुपयोग है। इस देश में लोग चलते फिरते गाली देते हैं। यह अपराध कैसे बन गया’। असल में यह मामला 23 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन का है। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वीडियो में यह लड़की प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती नजर आई थी।
गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह ने रुचिका के खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने रुचिका पर जान बूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और मानहानि के आरोप में केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, नोएडा में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। इसे आगे की जांच के लिए नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है। शिकायतकर्ता स्मृति सिंह ने अनुसार, ‘सोशल मीडिया पर महिला के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह पीएम और उनकी मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है। इससे देश की छवि खराब होती है’।
